Safdarjung Started E-Ambulance: हर मरीजों तक बेहतर सुविधा पहुंचे इसके लिए सरकार अथक प्रयास कर रही हैं. इसी प्रयास में सभी अस्पताल भी सरकार की मदद में जुटे हैं. इसी क्रम में सफदरजंग अस्पताल ने मरीजों की सुविधाओं को सुगम बनाने के लिए खा पहल की है. अस्पताल ने ग्रीन हेल्थकेयर को बढ़ावा देते हुए एक खास कदम उठाया है. दरअसल अस्पताल प्रशासन की ओर से ई-एंबुलेंस (Safdarjung E-Ambulance) की शुरुआत की गई है.
दरअसल अस्पताल प्रीमाइसिस (परिसर) के अंदर मरीजों के आने जाने के लिए इस एंबुलेंस का इस्तेमाल किया जाएगा. अस्पताल के ये कदम पीएम मोदी की ग्रीन मोबिलिटी, टिकाऊ स्वास्थ्य देखभाल और हेल्थ सेक्टर में बुनियादी ढांचे को मजबूती देने की दिशा में एक खास और अहम कदम है. इसपर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ये सुविधा मरीजों को सुरक्षित और पर्यावरण के भी अनुकूल सुविधा देने का काम करेगी.
मरीजों के हित में शुरू की गई सेवा
जानकारी के लिए बता दें कि DFY इंडिया द्वारा सीएसआईआर के तहत ये एंबुलेंस अस्पताल को दी गई है. वहीं ये अस्पताल परिसर में सभी मरीजों की आवाजाही को आसान और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में मदद करेगी. मरीजों के हित में यह सेवा शुरू की गई है. वहीं इसपर अस्पताल प्रशासन का भी बयान सामने आया है. इस ई-एंबुलेंस सेवा की शुरुआत पर अस्पताल की डायरेक्टर डॉक्टर कविता शर्मा ने कहा कि हर दिन एक बड़ी संख्या में मरीजों की आवाजाही होती है. ऐसे में ये सेवा उनकी सहायता करने में काफी महत्वपूर्ण साबित होगी.
एक विभाग से दूसरे में पहुंचना मुश्किल
दरअसल अस्पताल परिसर के कई डिपार्टमेंट कई किलोमीटर तक दूरी पर है. ऐसे में मरीजों के साथ आए परिजनों को वहां तक पहुंचने और मरीजों को भी वहां तक पहुंचने में काफी दिक्कत होती थी. इसपर डॉक्चर कविता कहती हैं कि ये ई-एंबुलेंस उन्हीं मरीजों के लिए काफी मददगार साबित होगी जिन्हें इस दिक्कत का सामना करना पड़ता था. एक विभाग से दूसरे विभाग तक पहुंचने में परेशानी होती थी.
जानकारी के मुताबिक ये खास तौर पर बुजुर्ग, गंभीर मरीज जिन्हें चलने-फिरने में काफी परेशानी होती है उन्हें इस सुविधा का काफी फायदा मिलेगा. इस एंबुलेंस में स्ट्रेचर, ऑक्सीजन सिलिंडर और सभी जरूरत पड़ने वाला सामान उपलब्ध होगा. सवाल आता है कि आखिर इसका किराया कितना होगा, तो बता दें कि ये एकदम मुफ्त होने वाली है. निशुल्क सेवा होगी. वहीं ये भी जानकारी सामने आई कि फिलहाल इसे ट्रायल बेस्ट देखा जा रहा है. यानी सबकुछ अगर सही रहा तो इसकी संख्या बढ़ाने की पूरी कोशिश की जा सकती है.
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