Frozen Shoulder Reason: आजकल कंधे का दर्द बहुत आम हो गया है. कई लोग इसे सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन लंबे समय तक बना रहने वाला Shoulder Pain कई बार Frozen Shoulder, Rotator Cuff Injury या Arthritis जैसी गंभीर समस्याओं का संकेत हो सकता है. ऑर्थोपेडिक सर्जन Dr. Kaushal Kant Mishra के अनुसार, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कंधे के दर्द की समस्या थोड़ी ज्यादा देखी जाती है. इसकी वजह महिलाओं में अर्थराइटिस, हार्मोनल बदलाव, डायबिटीज और फिजिकल एक्टीविटी का कम होना माना जाता है.
बात करें कि आखिर फ्रोजन शोल्डर क्या होता है तो ये एक ऐसी स्थिति है जिसमें कंधे में दर्द के साथ-साथ उसका मूवमेंट भी धीरे-धीरे कम होने लगता है. शुरुआत में हल्का दर्द होता है, लेकिन समय के साथ हाथ ऊपर उठाने, पीछे ले जाने या साइड में घुमाने में दिक्कत होने लगती है. कई मरीज इतने परेशान हो जाते हैं कि कपड़े पहनना, बाल बनाना या पीठ खुजलाना तक मुश्किल हो जाता है. इस समस्या की सबसे खास बात यह है कि दर्द केवल कंधे तक सीमित नहीं रहता, बल्कि गर्दन, बाजू और पीठ तक भी महसूस हो सकता है। रात में दर्द बढ़ जाना और नींद टूटना इसका गंभीर संकेत माना जाता है.
डायबिटीज और फ्रोजन शोल्डर का बड़ा कनेक्शन
डॉक्टर बताते हैं कि डायबिटीज वाले मरीजों में Frozen Shoulder का खतरा काफी ज्यादा होता है. कई बार मरीजों को यह समझ नहीं आता कि शुगर का असर कंधे पर भी हो सकता है. लंबे समय तक कंधे को कम इस्तेमाल करना, चोट लगना, फ्रैक्चर, सर्जरी के बाद हाथ कम हिलाना या स्पोर्ट्स इंजरी भी फ्रोजन शोल्डर की वजह बन सकते हैं. जो लोग लंबे समय तक inactivity में रहते हैं, उनमें भी यह समस्या ज्यादा देखी जाती है.
Exercise ही है असली इलाज
Dr. Mishra के अनुसार Frozen Shoulder का सबसे बड़ा और असरदार इलाज Exercise है. दवाइयाँ और Injection केवल दर्द और सूजन कम करने के लिए दिए जाते हैं ताकि मरीज आसानी से Exercise कर सके. अगर मरीज नियमित रूप से एक्सरसाइज करता है, तो वह 2 से 4 महीने में काफी बेहतर हो सकता है. लेकिन अगर Exercise नहीं की जाए, तो यही समस्या डेढ़ साल तक परेशान कर सकती है. डॉक्टर बताते हैं कि कई लोग दर्द से डरकर हाथ हिलाना बंद कर देते हैं, जबकि यही सबसे बड़ी गलती होती है. जितना ज्यादा शोल्डर मूवमेंट रुकेगा, उतना ज्यादा कंधा जाम होने लगेगा. इसलिए हल्के दर्द के बावजूद नियंत्रित तरीके से Exercise करना जरूरी होता है.
क्या स्टेरॉयड इंजेक्शन से डरना चाहिए?
कई लोग स्टेरॉयड इंजेक्शन का नाम सुनते ही डर जाते हैं, लेकिन डॉक्टर साफ कहते हैं कि शोल्डर ज्वाइंट दिया गया स्टेऱइड पूरे शरीर में नहीं फैलता. इसका मकसद केवल सूजन और दर्द कम करना होता है ताकि मरीज एक्सरसाइज कर सके. ज्यादातर मरीजों को 1 या 2 Injection के बाद काफी आराम मिल जाता है. हालांकि Injection अकेले इलाज नहीं है, असली रिकवरी एक्सरसाइज से ही होती है.
कब करानी चाहिए MRI?
शोल्डर पेन के हर मरीज को सीधे MRI कराने की जरूरत नहीं होती. डॉक्टर सबसे पहले X-Ray करवाने की सलाह देते हैं ताकि यह देखा जा सके कि हड्डी, Arthritis या कोई दूसरी समस्या तो नहीं है. अगर जरूरत महसूस होती है, तब MRI कराया जाता है. कुछ मामलों में शोल्डर अल्ट्रासाउंड भी काफी मददगार साबित होता है, खासकर जब रोटेटर कफ की समस्या का शक हो.
Rotator Cuff और Shoulder Injury क्या होती है?
कंधे को हर दिशा में घुमाने वाली मसल्स को रोटेटर कफ कहा जाता है. अगर इनमें Tear आ जाए, तो मरीज को खास मूवमेंट करते समय दर्द होने लगता है. कई बार हाथ ऊपर उठाना मुश्किल हो जाता है. स्पोर्ट्स खेलने वाले लोगों, खासकर Bowling, Badminton या Wrestling करने वालों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है.
अगर मरीज लंबे समय तक दर्द को नजरअंदाज करता रहता है, तो Tear बड़ा हो सकता है और फिर Surgery की जरूरत पड़ सकती है. जब कंधे की हड्डी अपनी जगह से निकल जाती है, उसे Shoulder Dislocation कहा जाता है. यह आमतौर पर गिरने, चोट लगने या अचानक जोरदार movement के कारण होता है. कुछ लोगों में यह बार-बार होने लगता है. अगर कंधा बार-बार उतरने लगे, तो Surgery जरूरी हो सकती है.
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