Sehat Ki Khabar Fit Rahe India: नमस्कार फिट रहे इंडिया की लेटेस्ट अपडेट्स में आपका स्वागत है. इबोला वायरस के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए भारत सरकार अलर्ट मोड पर है. इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्रालय ने रिव्यू मीटिंग भी की. इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के पहले सेगमेंट में. कोविड के बाद युवाओं में बढ़ रही हिप से जुड़ी गंभीर बीमारी AVN. क्या है ये इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के दूसरे सेगमेंट में. किसी काम को करने से पहले क्यों उड़ने लगती हैं पेट में तितलियां जानेंगे सेहत की खबर के तीसरे और आखिरी सेगमेंट में चलिए शुरू करते हैं.
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पहले सेगमेंट में जानेंगे इबोला पर भारत सरकार अलर्ट
इबोला वायरस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. जिसे देखते हुए दुनियाभर की कई सराकरें अलर्ट मोड पर हैं. इसमें भारत सरकार भी शामिल है. भारत सरकार ने इस वायरस को गंभीरता से देखते हुए और एहतियात बरतते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखने का आदेश जारी किया है. एयरपोर्ट्स और कई मुख्य प्रवेश स्थानों पर कड़ी चेकिंग, निगरानी रखने के आदेश दिया है. इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को रिव्यू मीटिंग भी की. इस मीटिंग में मौजूद अधिकारियों को सख्य निर्देश दिए गए कि एयरपोर्ट से आने वाले संदिग्ध यात्रियों की स्क्रीनिंग करने में कोई कसर न छोड़ी जाए. सही तरीके से जांच के आदेश दिए गए हैं. उधर मामले की गंभीरता को समझते हुए DGCA ने भी गाइडलाइंस जारी की है. इस गाइडलाइंस के अनुसार एयरपोर्ट पर थर्मल स्क्रीनिंग, यदी कोई व्यक्ति प्लेन में सफर के दौरान तबियत खराब होती है. इबोला जैसे लक्षण दिखे तो उसे अन्य यात्रियों से अलग बैठाने के निर्देश जारी किए गए हैं. इन नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है.
दूसरे सेगमेंट में जानेंगे क्या होता है AVN
देशभर में युवाओं में कूल्हों की बीमारी बढ़ती जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 30 से 40 साल के उम्र वाले लोगों में ये समस्या तेजी से देखी जा रही है. जिन लोगों में ये समस्या हो रही है उन्हें हिप की गंभीर समस्या जिसे एवास्कुलर नेक्रोसिस यानी AVN कहा जाता है. हालांकि पहले तक ये बीमारी सिर्फ बुजुर्गों में ही देखी जाती थी, लेकिन अब इसके मामले युवाओं में भी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि 40 साल के लोगों में इस मामले की बढ़ोत्तरी हुई है. एवास्कुलर उस कंडिशन को कहा जाता है जिसमें कूल्हे की हड्डी में बल्ड सर्कुलेट होने में रुकावट पैदा करता है. नतीजा टिश्यू लॉस होने लगते हैं. ये बेहद दर्दनाक कंडिशन में गिना जाता है. जिसके मामले अब युवाओं में तेजी से बढ़ते जा रहे हैं.
तीसरे सेगमेंट में जानेंगे क्यों पेट में तितली उड़ने जैसा महसूस होता है?
जब हम कोई काम पहली बार करने जा रहे होते हैं, जैसे इंटरव्यू देना, टेस्ट में बैठना तो इस तरह की कंडिशन में हमारे पेट में तितलियां उड़ने लगती है. ये तो सभी को मालूम है कि इस तरह की समस्या हमें फील होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है? इसका कारण है कि हमारा पेट और दीमाग दोनों आपस में कनेक्ट होते हैं. ये होता है एन्टेरिक नर्वस सिस्टम के कारण. दरअसल हमारा पेट और हमारे माइंड के बीच में न्यूरॉन्स का एक बड़ा जाल होता है. जो आपस में कनेक्ट करता है. यही वजह है कि हमारे पेट को दूसरा दिमाग भी कहा जाता है. इन दोनों को आपस में कनेक्ट करती है वेगस नर्व. जब ये दोनों कनेक्ट होते हैं तो हमारे दिमाग जब कुछ सोचता है, तो हमारे पेट पर इसका असर पड़चा है. इसलिए तितली उड़ना जैसा महसूस होने लगता है.
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