Sehat Ki Khabar Fit Rahe India: नमस्कार फिट रहे इंडिया की लेटेस्ट अपडेट में आपका स्वागत है. रसगुल्ला खाने से युवक हुआ लकवाग्रस्त इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के पहले सेगमेंट में. अकेलेपन से हो सकती दिल की बीमारी इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के दूसरे सेगमेंट में. गैस या फिर एसिडिटी में क्या फर्क होता है इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के तीसरे सेगमेंट में.
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पहले सेगमेंट में जानेंगे कैसे रसगुल्ले से हुआ लकवाग्रस्त
हैदराबाद से एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है. दरअसल एक युवक ने अधिक मात्रा में रसगुल्लों का सेवन किया जिसके बाद उसे पैरालिसिस हो गया. बताया गया कि युवक को हाथ-पांव में कमजोरी महसूस हुई हालत इतनी खराब हुई कि वो हिल-डुल भी नहीं पा रहा था. पहले लगा कि ये फूड पॉइजनिंग है. लेकिन जब हालत खराब हुई तो पैरालिसिस की जानकारी सामने आई. बताया गया कि युवक एक रेयर कंडिशन का शिकार हुआ. जिसे हाईपोकैल्मिक पीरियोडिक पैरालिसिस कहा जाता है.
दूसरे सेगमेंट में जानेंगे अकेलेपन से दिल की बीमारी का खतरा
अकेलेपन से दिल की बीमारी का खतरा बढ़ता है. सोशल मीडिया होने के बावजूद कई लोग अकेलेपन की समस्या का सामना कर रहे हैं. दरअसल अकेले रहने से दिल के वाल्व की बीमारी का कारण बन सकता है. अकेलेपन की वजह से युवाओं में दिल की वॉल्व बीमारी का खतरा बढ़ रहा है. बता दें कि दिल की वॉल्व बीमारी (Heart Valve Disease) एक ऐसी स्थिति है जिसमें दिल के चार वाल्वों में से एक या अधिक वाल्व ठीक से काम नहीं करते हैं, जिससे ब्लड का सर्कुलेशन इफेक्ट होता है. इसमें या तो वाल्व पूरी तरह नहीं खुलते (स्टेनोसिस) या ठीक से बंद नहीं होते (लीकेज), जिससे दिल को शरीर में ब्लड पहुंचाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है.
तीसरे सेगमेंट में जानेंगे गैस और एसिडिटी में फर्क क्या होता है
कई लोग एसिडिटी और गैस को एक समझ लेते हैं. उन्हें लगता है कि गैस हो रही है, तो एसिड हो रही है. लेकिन आपको बता दें कि ये दोनों समस्याएं अलग-अलग होती है. डॉक्टर इन दोनों समस्याओं को अलग रूप से देखते हैं. गैस तब होती है जब हमें पेट भारी लगे, ब्लोटिंग महसूस हो, खाना खाने के बाद हैवी फील हो तो वो गैस की समस्या हो सकती है. वहीं एसिड की समस्या तब होती है जब हमें सीने में जलन महसूस हो. बर्निंग होने लगे तो हमें एसिड की समस्या हो रही है. इसलिए इन दो में फर्क समझना बहुत जरूरी है.
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