Blood Banks: देश में हर जरूरतमंद मरीज को समय पर सुरक्षित खून मिल सके इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है. हाल ही में केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ एक राष्ट्रीय स्तर की बैठक की, जिसमें ब्लड बैंक और ब्लड ट्रांसफ्यूजन सेवाओं की तैयारियों की समीक्षा की गई.
यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के महानिदेशक डॉ. राकेश गुप्ता ने की. देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया.
इन प्लेटफॉर्म के डेटा का किया गया इस्तेमाल
बैठक में ब्लड ट्रांसफ्यूजन सेवाओं के हर महत्वपूर्ण पहलू की विस्तार से जांच की गई. इसमें लाइसेंसिंग, ब्लड डोनेशन, जांच प्रक्रिया, स्टोरेज और वितरण से लेकर रिकॉर्ड रखने तक की पूरी व्यवस्था का आकलन किया गया. इसके लिए eRaktKosh, CDSCO और ब्लड बैंक मैनेजमेंट सिस्टम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के डेटा का उपयोग किया गया.
समीक्षा में यह सामने आया कि कई राज्यों ने अच्छा काम किया है, लेकिन अभी भी कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं. देश के लगभग 10% जिलों में अभी भी ब्लड सेंटर नहीं हैं, जो एक बड़ी चिंता का विषय है. साथ ही कई ब्लड बैंक अभी तक डिजिटल सिस्टम से नहीं जुड़े हैं, जिससे रियल-टाइम मॉनिटरिंग में दिक्कत आती है.
दिसंबर तक हर जिले में होगा ब्लड सेंटर
सरकार ने स्पष्ट लक्ष्य तय किया है कि दिसंबर 2026 तक हर जिले में कम से कम एक ब्लड सेंटर हो और हर नागरिक को समय पर सुरक्षित खून मिल सके. इसके लिए राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लाइसेंसिंग प्रक्रिया को मजबूत करें, स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा दें और ब्लड डोनेशन कैंप्स को बेहतर तरीके से आयोजित करें.
इसके अलावा, आधुनिक जांच तकनीकों को अपनाने और ब्लड के बेहतर उपयोग के लिए कंपोनेंट सेपरेशन क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है. सरकार चाहती है कि सभी ब्लड बैंक eRaktKosh और BBMS जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से पूरी तरह जुड़ें, ताकि पारदर्शिता और ट्रैकिंग बेहतर हो सके.
बैठक में यह भी कहा गया कि जिन लोगों में संक्रमण (TTI) पाया जाता है, उन्हें समय पर इलाज से जोड़ना बेहद जरूरी है. इसके लिए रेफरल सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा.इस पूरी योजना को लागू करने के लिए एक तय समयसीमा के साथ एक्शन प्लान बनाया गया है, जिसकी हर महीने और हर तिमाही समीक्षा की जाएगी.
हर जरूतमंद को मिलेगा सुरक्षित खून
इसमें नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल, राज्य स्तरीय संस्थाएं, CDSCO और इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी मिलकर काम करेंगे. सरकार का साफ संदेश है कि देश में एक मजबूत, पारदर्शी और प्रभावी ब्लड ट्रांसफ्यूजन सिस्टम तैयार किया जाएगा, ताकि हर जरूरतमंद व्यक्ति को सही समय पर सुरक्षित खून मिल सके.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

