होमExplainersक्या स्मार्टफोन बढ़ा रहा है डिप्रेशन का खतरा? रिसर्च में बुजुर्गों को...

क्या स्मार्टफोन बढ़ा रहा है डिप्रेशन का खतरा? रिसर्च में बुजुर्गों को लेकर हुआ बड़ा खुलासा

Smartphone and Depression: नई रिसर्च के अनुसार स्मार्टफोन का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल 60 साल से अधिक उम्र के लोगों में डिप्रेशन का खतरा बढ़ा सकता है. जानिए क्या कहती है स्टडी.

Smartphone and Depression: स्मार्टफोन आज के समय में लोगों की लाइफ का अहम रोल बन चुका है. फिर वो चाहे बड़े हो या फिर बुजुर्ग. स्मार्टफोन ने दुनिया की लाइफ को सिंपल बना दिया है. जिसने लाइफ को सिंपल बनाया अब उसपर एक रिसर्च सामने आई है. स्टडी बताती है कि अगर स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल किया गया तो मेंटली भी इसका बुरा असर पड़ता है.

हालांकि ये तो सच है कि आज के समय में लोग इसका अधिक इस्तेमाल करने लगे हैं. इसलिए ऐसा होना लाजमी भी है. दिनभर फोन पर बिताना लोगों के लिए काफी आम हो चुका है. लेकिन रिपोर्ट कहती है कि मानसिक स्वास्थ्य का असर 60 से अधिक उम्र वाले लोगों में देखने को मिल रहा है. यानी उनमें खतरा अधिक है.

रिसर्च में शामिल किया गए 2,585 बुजुर्ग

जानकारी है कि ये रिसर्च जेएमआईआर एजिंग की जर्नल में पब्लिश हुई है. वहीं चीन में रहने वाले 87 कम्युनिटी की 2,585 बुजुर्ग लोगों को इसमें शामिल किया गया है. इन लोगों से उनके स्मार्टफोन चलाने की आदत, सोशल लाइफ और रोज की एक्टिवीटी के बारे में जानकारी ली गई है. इतना ही नहीं उनकी क्या उम्र है कितनी पढ़ाई की और परिवार की क्या कंडिशन है. इस तरह के आंकड़े जुटाए गए हैं.

रिसर्चर्स ने इस रिसर्च में मशीन लर्निंग तकनीक का इस्तेमाल किया है. इसमें ये समझा गया कि कौन से वो कारण है जो डिप्रेशन से जुड़े हुए हैं. नतीजों में सामने आया है जो लोग स्मार्टफोन की लत या बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते थे उनमें डिप्रेशन के लक्षण सबसे अधिक देखे गए.

स्मार्टफोन से नुकसान ही होता है?

अब सवाल ये है कि क्या स्मार्टफोन से नुकसान होता है? तो स्टडी में बताया गया कि हमेशा ऐसा ही हो ऐसा नहीं है. यानी सिर्फ वीडियो कॉल, मैसेज या फिर फोटो शेयरिंग के लिए अपने फ्रेंड्स से जुड़े रहने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है तो ये फायदेमंद हो सकता है. लेकिन अगर अकेले बैठे हैं और फोन चला रहे हैं, स्क्रॉलिंग चालू है घंटों गेम खेलते रहते हैं, तो ये खतरा बन जाता है. क्योंकि इससे एक व्यक्ति बाकी दुनिया से अलग होने लगता है. मिलना जुलना कम हो जाता है जो एक गंभीर समस्या हो सकता है.

फोन अकेलेपन की जड़ कैसे

आप बाहर निकलते हैं, तो लोगों के साथ मिलना जुलना होता है. लोगों से घुलने-मिलने से नेटवर्क बढ़ता है. अकेलापन नहीं बढ़ता. लेकिन अगर कोई लगातार फोन का इस्तेमाल करता है. घंटों उसी में लगा रहे तो वो व्यक्ति सोशयली डिस्कनेक्ट हो सकता है. जो डिप्रेशन का ही एक साइन है. यानी फोन ही बीमारी है ये नहीं कहा जा सकता लेकिन इसका गलत तरीके से इस्तेमाल आपको बुरा असर दे सकता है. इसलिए लीमिट में ही इसका इस्तेमाल करें.

किन लोगों को रहना चाहिए सावधान?

ये भी जान लेते हैं कि आखिर किन्हें सावधान रहना चाहिए? तो कुछ खास लोगों में स्टडी में इसका खतरा देखा गया. वो थे जैसे जो पुरुष जिनकी शिक्षा कम थी. जो स्मार्टफोन का अधिक इस्तेमाल करते थे, जिनके लिए डिजिटल दुनिया को समझना मुश्किल होता था वो मोबाइल में ही एंटरटेनमेंट के लिए निर्भर हैं ऐसे लोग डिप्रेशन की चपेट में जाने का शिकार हो रहे हैं.

यह भी पढ़ें: क्या ENO और कोल्ड ड्रिंक पीने से दूर होगी गैस-एसिडिटी की समस्या? डॉक्टर ने बताया सही तरीका

(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

author avatar
sarthak arora Senior Sub Editor
अपनी उंगलियों से खबरों को खटाखट लिखना, और लिखने से पहले पढ़ना और समझना. इस तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव पाया. कार्य जारी है और इसी तरह लिखना, पढ़ना और सीखना निरंतर जारी रहेगा.
sarthak arora
sarthak arora
अपनी उंगलियों से खबरों को खटाखट लिखना, और लिखने से पहले पढ़ना और समझना. इस तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव पाया. कार्य जारी है और इसी तरह लिखना, पढ़ना और सीखना निरंतर जारी रहेगा.
RELATED ARTICLES

Baby Teething Symptoms: दांत निकलते समय बच्चा क्यों रोता है? जानें चिड़चिड़ापन कम करने के आसान और सुरक्षित उपाय

Baby Teething Symptoms: जानें दांत निकलते समय बच्चे क्यों रोते और चिड़चिड़े हो जाते हैं. एक्सपर्ट्स के बताए सुरक्षित उपाय और देखभाल के आसान टिप्स.

World IVF Day 2026: कब कराना चाहिए IVF? जानिए किसे होती है जरूरत, सफलता किन बातों पर करती है निर्भर

World IVF Day 2026: IVF क्या है, किन लोगों को इसकी जरूरत पड़ती है, कब फर्टिलिटी एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए और सफलता किन बातों पर निर्भर करती है, जानिए.

सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन! 26 दिनों बाद खाना खाने पर क्या असर पड़ता है?

Sonam Wangchuk Ends Hunger Strike: सोमम वांगचुक ने 26 दिन बाद भूख हड़ताल खत्म की. जानिए लंबे समय तक भूखे रहने के बाद अचानक खाना खाने से शरीर पर क्या असर पड़ता है और रीफीडिंग सिंड्रोम क्या है.

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular

जमीन पर बन रही थी सोया चाप, वायरल वीडियो के बाद मचा हड़कंप!

Soya Chaap Viral Video: सोया चाप बनाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें हाइजीन को लेकर सवाल उठे हैं. जानें क्या है पूरा मामला, फूड सेफ्टी विभाग ने क्या कार्रवाई की और किन बातों का रखें ध्यान.

बुखार में नहाना चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं Expert

Bukhar Mein Nahana Chahiye Ya Nahi: क्या बुखार में नहाने से बुखार बढ़ जाता है? जानें डॉक्टरों की सलाह, कब गुनगुने पानी से नहाना सुरक्षित है और किन परिस्थितियों में नहाना टाल देना चाहिए.

खाना नहीं खा पा रही एक्टर दीपिका कक्कड़, जानें हेल्थ अपडेट, देखा पूरा वीडियो

Sehat Ki Khabar Fit Rahe India: सेहत की खबर फिट रहे इंडिया में हम जानेंगे आज की तीन बड़ी खबरों के बारे में.

घर-मंदिरो में जलने वाली धूपबत्ती से हो सकता है Air Pollution! Dr. Arvind Kumar से जानें

Lung Health Expert: दिल्ली छोड़ देने से प्रदूषण से बचा जा सकता है? पहाड़ी इलाकों की हवा भी अब पहले जैसी शुद्ध नहीं रही? डॉ. ने कई मिथकों का खुलासा किया.

Recent Comments