Smoking Side Effects: कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो सालों से स्मोकिंग करते हैं और उन्हें ऐसा लगता है कि उन्हें कुछ नहीं हुआ. इसी कारण ऐसे लोग जब डॉक्टर के पास जाते हैं, तो कहते हैं कि मैं पिछले कई सालों से स्मोकिंग कर रहा हूं मुझे कुछ नहीं हुआ. ये उनके दिमाग का वहम है. उन्हें ऐसा लगता है कि उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ है.
हालांकि डॉक्टर इसे ट्रस्टेड संकेत नहीं मानते हैं. क्योंकि जरूरी नहीं कि अगर आपका शरीर कुछ संकेत नहीं दे रहा तो आरप ठीक हैं. ये एक साइलेंट लक्षण हो सकता है. यानी जब हमारी बॉडी को धीरे-धीरे नुकसान पहुंच रहा होता है तो ऐसे मामले में लक्षण सामने नहीं आते हैं. इसपर एक्सपर्ट्स का क्या कहना है आइए जानते हैं.
खुदको फिट मानते हैं लोग
टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ बातचीत के दौरान डॉक्टर हरीश भाटिया ने अपने रोजाना का एक्सपीरिएंस शेयर किया और बताया कि डेली उनके पास ऐसे लोग आते हैं, जो खुद को काफी फिट मानते हैं. उनको ऐसा लगता है कि सब नॉर्मल है. लेकिन ये एक भ्रम है. क्योंकि शरीर अंदर से बदलाव करना शुरू कर देता है. डॉक्टर ने कहा कि फेफडों के शुरुआती स्टेज में शिकायत नहीं करते हैं.
क्योंकि शुरुआती स्टेज में हमारे फेफड़े हवा को फिल्टर करते हैं. यानी साफ करते हैं. छोटा नुकसान लग रहा है तो हमारे फेफड़े खुद ही उसे ठीक कर लेते हैं. जिसके कारण वो रोजाना इस तरह के धुएं को झेलते रहते हैं. पर जब रोज-रोज इस तरह धुंआं अदर जाता है जहरीले तत्व अंदर जाते हैं, तो इसका असर शरीर पर पड़ने लगता है.
अभी रुका नहीं है नुकसान
ऐसे में जो लोग सवाल करते हैं, कि फिर हमें कोई नुकसान तो नहीं हुआ. मैं तो बिल्कुल ठीक हूं. इसका जवाब है कि जब डेली इस तरह के रूटीन को हमारा शरीर फॉलो करता है. यानी रोजाना वहीं धुंआं सहन करने लगता है तो उसे इस नुकसान को झेलने की आदत हो चुकी होती है. लेकिन इसे ये मानना कि नुकसान नहीं हो रहा ये बिल्कुल गलत है. क्योंकि नुकसान होना रुका नहीं है. धीरे-धीरे नुकसान हो रहा है.
क्या होंगी परेशानियां?
इसपर एक्सपर्ट्स का कहना है कि धूम्रपान से संबंधित बीमारियां अचानक से नहीं आती है. ये धीरे-धीरे हमारे शरीर में डेवलप होती है. जो लोग लंबे समय से स्मोकिंग करते हैं. उन्हें अभी नहीं आगे चलकर सांस लेने में परेशानी, लंग कैंसर, दिल की बीमारी तक हो सकती है. खास बात कि कई बार लोगों को इसका पता भी नहीं चल पाता और कितना नुकसान शरीर को अंदर से हो चुका होचा है. WHO और केंद्रीय स्वास्थय मंत्रालय की ओर से भी ऐसी कई रिपोर्ट्स सामने आ चुकी हैं जिनका कहना है कि तंबाकू से जुड़ी बीमारियां रोकी जा सकने वाली मौतों का बड़ा कारण हैं.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं. )

