Utkatasana (Chair Pose): बदलती लाइफस्टाइल में लोग घंटों घंटा डेस्क जॉब करने को मजबूर हैं. ऐसी स्थिति में उनके शरीर का निचला हिस्सा जाम हो जाता है. लेकिन एक सरल योगासन की मदद से आप अपने शरीर के निचले हिस्से को एक्टिव बना सकते हैं.
मिनिस्ट्री ऑफ आयुष भी लोगों को घुटने और शरीर के निचले हिस्से में गतिशीलता बनाए रखने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहा है. आयुष मंत्रालय कहता है कि केवल एक सरल योगासन के अभ्यास से आप अपने घुटनों और कूल्हों के जोड़ों को मजबूत बना सकते हैं. आज के समय में, जब लोग लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं. ऐसी स्थिति में शारीरिक गतिविधि कम हो गई है, जिससे जोड़ों में जकड़न, दर्द और कमजोरी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं. लेकिन इस समस्या को आप आसानी से कम कर सकते हैं.
उत्कटासन करने की विधि (steps of utkatasana)
पोस्टर में दिखाया गया आसन उत्कटासन है, जिसे Chair Pose भी कहा जाता है. इस आसन को हर उम्र के लोग आसानी से कर सकते हैं. इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले खड़े हो जाएं और गहरी लंबी सांस लेकर घुटनों को मोड़ें. अब अपने कूल्हों को नीचे लाकर अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें. इस आसन को आप अपनी सुविधानुसार करें. इस तरह से आप उत्कटासन की स्थिति में आ गए हैं. वहीं जब तक आप संतुलन बना सकते हैं तब तक बनाएं.
आयुष मंत्रालय ने भी सुझाया
- व्यक्ति हल्का सा घुटनों को मोड़कर ऐसे बैठता है जैसे कुर्सी पर बैठने जा रहा हो.
- दोनों हाथ सामने की ओर सीधे रखे जाते हैं, ताकि संतुलन बना रहे.
- पीठ सीधी रखी जाती है.
- पैर जमीन पर सीधे टिके रहते हैं.
ध्यान रखें ये बातें
- आसन को करते समय लंबी सांस लेते रहें.
- अब अपने हाथों को ऊपर की तरफ लेकर जाएं और दोनों को जोड़ें.
- अब सीधे करने के बाद अपनी आंखों को हाथों की तरफ रखें और आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी होनी चाहिए.
- कम से कम 5 से 6 बार सांस को अंदर बाहर करें और इस अवस्था में 30 से 40 सेकंड तक रहें.
- जब आपका संतुलन बिगड़ने लगे तो फिर से अपनी पहली वाली स्थिति में आ जाए.ध्यान दें कि अगर आपको इस आसन को करने में शुरुआत में दिक्कत आ रही है तो आप किसी दीवार के सहारे से भी इस आसन को कर सकते हैं। ऐसे में आप कंधे के दर्द और कमर के दर्द से बच पाएंगे.
इसके फायदे
- घुटनों को मजबूत बनाता है.
- कूल्हों (हिप जॉइंट) की ताकत बढ़ाता है.
- शरीर के निचले हिस्से की स्थिरता (stability) बढ़ाता है.
- जोड़ों की लचक (mobility) में सुधार करता है.
- शरीर का निचले हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन ठीक होता है, जिससे चलने, उठने-बैठने और संतुलन बनाए रखने में आसानी होती है.
- यह खासतौर पर बुजुर्गों, ऑफिस में काम करने वाले लोगों और उन लोगों के लिए लाभकारी है जिन्हें घुटनों में दर्द या कमजोरी की समस्या रहती है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं. )
FAQs
उत्कटासन एक योग मुद्रा है जिसमें शरीर को कुर्सी पर बैठे हुए जैसी स्थिति में रखा जाता है.
यह आसन जांघों, घुटनों और कूल्हों को मजबूत बनाता है तथा संतुलन और सहनशक्ति बढ़ाता है.
पीठ सीधी रखें, घुटनों को ज्यादा आगे न बढ़ाएं और संतुलन बनाए रखें.

