HomeHealth NewsSnoring warning signs: खर्राटे लेने से हो सकती दिल की बीमारी! जानें...

Snoring warning signs: खर्राटे लेने से हो सकती दिल की बीमारी! जानें ये 5 संकेत; कभी न करें इग्नोर

Snoring warning signs: कुछ लोग सोते समय तेज खर्राटे लेते हैं. हालांकि इसे काफी नॉर्मल समझा जाता है, और काफी इग्नोर भी कर दिया जाता है.

Snoring warning signs: कुछ लोग सोते समय तेज खर्राटे लेते हैं. हालांकि इसे काफी नॉर्मल समझा जाता है, और काफी इग्नोर भी कर दिया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि नींद में लेने वाले उन खर्राटों के पीछे एक साइन छिपा हुआ है. यानी जब आप बहुत तेज खर्राटे ले रहे होते हैं, तब ये महज आपकी थकान नहीं किसी बीमारी के भी लक्षण हो सकते हैं.

अब ये कौन सी बीमारी होने वाली है. इसका जवाब हम आपके लिए लेकर के आएं हैं. जानेंगे कि आखिर अगर आप तेज खर्राटे लेते हैं, तो ये किस बीमारी का संकेत हो सकता है. तो बता दें कि कई हेल्थ एक्सपर्ट्स का ऐसा मानना है कि अगर आप लगातार तेज खर्राटे लेते हैं, तो आपको स्लीपए एपनिया हो सकती है. ये उसी का संकेत हो सकता है. इस कंडिशन में रात के समय सांस लेते समय रुकावट आती है.

स्लीप एपनिया का हो सकता साइन

खर्राटों को लोग काफी नॉर्मली ट्रीट करते हैं. ऐसा मानना होता है कि ये महज थकान के कारण हो रहा है. लेकिन ऐसा नहीं है. अगर आप रातभर तेज खर्राटे लेते हैं, तो ये स्लीप एपनीया का संकेत भी हो सकता है. क्योंकि ये काफी नॉर्मल दिखता है. इसलिए लोग इसे इग्नोर कर देते हैं. लेकिन इस कंडिशन में रात में सांस लेने में रुकावट आती है. कई बार ये आम दिखने वाली समस्या और भी गंभीर हो सकती है. इसलिए समय रहते हुए सावधानी बरतनी चाहिए. हम आपके लिए आज पांच ऐसे साइन लेकर के आएं हैं. जिन्हें अगर आप बिल्कुल नजरअंदाज न कीजिए.

गंभीर चेतावनी का संकेत है

अगर रात को सोते समय आपकी अचानक सांस रुकने लग जाए और आप अचानक हांफते हुए उठें तो अलर्ट हो जाइए. ये एक गंभीर साइन हैं. ऐसा तब होता है जब कुछेक सेकेंड्स के लिए हमारा सांस लेने का रास्ता बंद हो जाता है. दरअसल जब शरीर में ऑक्सीजन कम पहुंचता है, तो हमारा दिमाग बॉडी को तुरंत एक्टिव कर देता है. अगर ये रोजाना आपके साथ ऐसा हो रहा है तो डॉक्टर से सलाह लें.

सांस की नली में रुकावट

अब आप खर्राटों को अगर बहुत नॉर्मल समझते हैं, तो इससे आपका भ्रम टूटने वाला है. दरअसल अगर आप बहुत तेज आवाज में रोजाना खर्राटे लेते हैं, तो ये एक चिंता का संकेत है. हालांकि अगर एक या फिर दो दिन तक ऐसा हो तो चिंता नहीं. रोजाना एक अलार्म साइन है. क्योंकि इस कंडिशन में हवा का फ्लो हमारे शरीर में ठीक से नहीं हो पाता. जिसके कारण एक वाइब्रेशन की आवाज पैदा होती है. अभी इग्नोर करने पर ये समस्या आगे चलकर स्लीप एपनिया में बदल सकती है. इसलिए अगर खर्राटे दिख रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लीजिए.

नींद का खराब होना

कुछ लोग रात में गहरी नींद में होने के बावजूद जाग जाते हैं. इस कारण से उन्हें अगले दिन सुस्ती, नींद में कमी रहती है. ये आपकी नींद को खराब करता है. इस साइकल को बिगाड़ रहा है. इसलिए अगर ऐसा आपके साथ हो रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लीजिए क्योंकि ये आपके काम करने की पावर, मेमोरी और मूड पर खासा असर डाल सकता है.

ऑक्सीजन लेवल कम होना

कई बार कुछ लोगों को सुबह उठते ही मुंह सूख जाना, या फिर सिरदर्द होना, सिर भारी-भारी सा लगना. इस तरह की समस्या परेशान करती है. इसका कारण हो सकता है कि मुंह के दौरान आने वाली सांस हमारे शरीर तक नहीं पहुंच पा रही. जिससे की ऑक्सीजन की कमी हो सकती है. रोजाना अगर ये समस्या का सामना करते हैं, तो डॉक्टर से जरुर जांच करवाएं.

दिल पर पड़ सकता असर

वहीं लंबे समय तक खर्राटों की समस्या को बिल्कुल नहीं इग्नोर करना चाहिए. क्योंकि इसका असर सीधे सेहत पर पड़ता है. दरअसल अगर आप इस समस्या को इग्नोर करते हैं, तो ध्यान से सुनिएगा. इसे इग्नोर करने पर आपको स्लीप एपनिया हो सकता है. वहीं जो व्यक्ति स्लीप एपनिया का शिकार हैं उनमें हाई बीपी, दिल की बीमारी और यहां तक स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ सकता है. इसलिए अगर आपको ऐसे लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं.

यह भी पढ़ें: कानों की इस Problem को किया इग्नोर? करवा लें डॉक्टर से चेक, नहीं तो हड्डियां झेलेंगी परिणाम!

(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

sarthak arora
sarthak arora
अपनी उंगलियों से खबरों को खटाखट लिखना, और लिखने से पहले पढ़ना और समझना. इस तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव पाया. कार्य जारी है और इसी तरह लिखना, पढ़ना और सीखना निरंतर जारी रहेगा.
RELATED ARTICLES

Types Of Yogurt: कितनी तरह की होती है दही? खाने से पहले जान लें इसके फायदे-नुकसान

Types Of Yogurt: दही भी कई तरह की होती है. साधारण दही से लेकर फ्लेवर्ड वाली तक. आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि कितनी तरह की दही होती है

गेहूं की रोटी खाने से बढ़ता है शुगर,जानें मरीजों को कौन सा आटा खाना चाहिए

Flour For Diabetes: डायबिटीज बीमारी में कौन सा आटा खाना फायदेमंद होगा? किस आटे से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहेंगा?

Sehat Ki Khabar Fit Rahe India: मीठे फल बने खतरा!

Sehat Ki Khabar Fit Rahe India: कैमिकल से फल पकाने पर रोक, खून निकलवाकर इंजेक्ट करवा रहे युवा, गर्मियों में बढ़ रही पेट की गर्मी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Types Of Yogurt: कितनी तरह की होती है दही? खाने से पहले जान लें इसके फायदे-नुकसान

Types Of Yogurt: दही भी कई तरह की होती है. साधारण दही से लेकर फ्लेवर्ड वाली तक. आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि कितनी तरह की दही होती है

गेहूं की रोटी खाने से बढ़ता है शुगर,जानें मरीजों को कौन सा आटा खाना चाहिए

Flour For Diabetes: डायबिटीज बीमारी में कौन सा आटा खाना फायदेमंद होगा? किस आटे से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहेंगा?

Sehat Ki Khabar Fit Rahe India: मीठे फल बने खतरा!

Sehat Ki Khabar Fit Rahe India: कैमिकल से फल पकाने पर रोक, खून निकलवाकर इंजेक्ट करवा रहे युवा, गर्मियों में बढ़ रही पेट की गर्मी.

मीठे फल सेहत के लिए क्यों बन रहे खतरनाक? FSSAI का क्या है कहना? देखें Video

Sehat Ki Khabar Fit Rahe India: फिट रहे इंडिया में आपका स्वागत है. आज हम बात कर रहे हैं सेहत से जुड़े तीन बड़े मुद्दों...

Recent Comments