Sumona Chakravarti Diagnosed With Endometriosis: टीवी एक्ट्रेस सुमोना चक्रवर्ती इन दिनों खूब सुर्खियां बटौर रही हैं. पिछले काफी समय से एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया और अपने काम से दूरी बना ली थी. अब एक्ट्रेस ने इसपर बड़ा खुलासा किया है. सुमोना का कहना है कि वो एंडोमेट्रिओसिस नाम की बीमारी से पीड़ित हैं. इतना ही नहीं वो इस बीमारी की चौथे स्टेज पर हैं.
एक्ट्रेस ने इसकी जानकारी खुद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर दी है. उन्होंने बताया कि वो इस बीमारी से साल 2011 से पीड़ित हैं. अब ऐसे में सवाल आता है कि आखिर ये बीमारी होती क्या है? इसके लक्षण क्या होते हैं और इसका इलाज कैसे होता है. अगर आप ये सभी जानकारी जानना चाहते हैं, तो ये खबर आपके काम की होने वाली है. चलिए डिटेल में जानते हैं क्या होता है एंडोमेट्रिओसिस.
एंडोमेट्रिओसिस क्या होता है?
पहले ये जान लेते हैं जिस बीमारी एंडोमेट्रिओसिस की इतनी चर्चा हो रही है वो समस्या आखिर क्या होती है. इसका जवाब है कि यूट्रेस की लाइनिंग को एंडोमेट्रियम कहा जाता है. जब यूट्रेस की लाइनिंग बनाने वाले टिश्यू की ग्रोथ अनयूजुअल हो जाती है, तब ये टिश्यूज यूट्रेस के बाहर तक फैलने लगते हैं. कई केस में ऐसा भी होता है कि एंडोमीट्रियम की लाइनिंग ओवरी, पेल्विस, बाउल और उसके समेत रीप्रोडक्टिव अंगों तक फैल जाती है. जिसके कारण ये एंडोमेट्रियोसिस की समस्या होती है.
क्या होते हैं इसके लक्षण?
बीमारी की पहचान के लिए आपको इसके लक्षण पहचानना जरूरी है. जब पेल्विक हिस्से में दर्द हो, पीरियड्स के पहले या फिर उसी दौरान पेट के निचले हिस्से में दर्द महसूस हो, पीरियड्स के दौरान कमर के लोअर हिस्से में दर्द महसूस हो, मासिक धर्म के एक या दो हफ्ते के आसपास ऐंठन होना, पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग अधिक होना, इनफर्टिलिटी की समस्या, सेक्शुअल एक्टिविटी के दौरान दर्द होना ये सब इस बीमारी के लक्षण हैं.
किस कारण होती है ये समस्या?
जान लेते हैं कि आखिर ये समस्या किस कमी के कारण होती है, तो एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ये आमतौर पर अंद्रूनी कमी के कारण होती है. इतना ही नहीं कई एक्सपर्ट्स ऐसा भी मानते हैं कि एंडोमेट्रियोसिस फैलोपियन ट्यूब को ब्लॉक कर देती है. यहां तक की लिम्फ नोड्स, ओवरी और पेरिटोनियम पर अपना गंभीर असर डालती है. इस बीमारी में सूजन, स्पर्म एग को नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए कई बार महिला को गर्भधारण करने में भी समस्याएं हो सकती हैं.
क्या होता है इसका इलाज?
इसके इलाज की बात करें तो फिलहाल कोई सटीक इलाज मौजूद नहीं है. लेकिन ऐसा नहीं है कि इसे ठीक ही नहीं किया जा सकता है. क्योंकि कई बार एक्सपर्ट्स इसे शुरुआती स्टेज में पता लगने के बाद दवाओं से कंट्रोल करने की कोशिश करते हैं. तीसरे या फिर चौथे स्टेज में सर्जरी का सहारा लेना पड़ सकता है. सर्जरी की बात करें तो इसे ठीक करने के लिए लेपोस्कोप सर्जरी की जाती है.
ये ऐसी सर्जरी है जिसकी मदद से इसके लक्षणों को कंट्रोल किया जाता है. जिसके कारण महिला के बच्चे को कंसीव करने के चांस बढ़ जाते हैं. कई बार इलाज के तौर पर जो लोग पीड़ित होते हैं उन्हें रेगुलर एक्सरसाइज, सिकाई की भी सालह दी जाती है. ये कुछ उपाय थे जिनसे इस समस्या में राहत मिल सकती है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

