Gut Health and Brain Connection: अगर आपका पेट साफ रहता है तो कई बीमारियों से लड़ने में आपको मदद मिल सकती है. लेकिन क्योंकि आजकल लोगों का लाइफस्टाइल काफी बिगड़ता जा रहा है. खराब खान-पान और स्ट्रेस ने लोगों के लाइफस्टाइल में जगह बना ली है जो पेट से जुड़ी बीमारियों का कारण बनता जा रहा है.
इसे गंभीरता से लेना चाहिए. क्योंकि हमारे पेट का सीधा कनेक्शन हमारे दिमाग से होता है. हमारा दिमाग और पेट का गहरा नाता होता है. इसलिए अगर मूड और दिमाग दोनों को स्वस्थ्य रखना है तो अपने पेट का खास ख्याल रखें. डॉक्टर्स भी ये बात मानते हैं, कि अगर पेट खराब रहता है तो दिमाग पर भी सीधा असर पड़ता है. आप एंग्याटी या फिर डिप्रेशन जैसी समस्या का भी शिकार हो सकते हैं.
पेट के अच्छे बैक्टीरिया में पढ़ता अफेक्ट
दरअसल हमारी आंतों में अच्छे बैक्टीरिया भी पाए जाते हैं. इन बैक्टीरिया को गट माइक्रोबायोटा कहा जाता है. हमारी बॉडी में इनका काम सेरोटोनिन नाम का एक हार्मोन बनाने में मदद करना होता है. इसे ऐसे समझे कि हमारी खुशी का हार्मोन है जिसे सेरोटोनिन कहते हैं और इसे बनाता है माइक्रोबायोटा.
लेकिन जब पेट अच्छे से साफ नहीं होता तो उसमें अच्छे बैक्टीरिया की संख्या कम होने लगती है. नतीजा शरीर में सूजन बढ़ती है और सूजन हमारे ब्लड के जरिए हमारे दिमाग तक पहुंच जाती है. जिसके कारण दिमाग अपने काम करने के तीरकों को अच्छे से नहीं निभा पाता. नतीजा व्यक्ति उदासी, घबराहट, बेचैनी. इस तरह के लक्षण महसूस करने लगता है. इसलिए जिन लोगों को लंबे समय तक कब्ज की समस्या रहती है, गैस होती है या फिर पेट फूलने की समस्या रहती है. उन लोगों में एंग्जायटी के लक्षण साफ तौर दिखने के चांस बढ़ जाते हैं.
पेट की इन समस्याओं को न करें इग्नोर
इसलिए अगर आपको पेट से जुड़ी ये समस्याएं दिखें जैसेः
- बार-बार भारीपन लगना
- गैस
- कब्ज
- नींद न आने की समस्या
- बिना किसी कारण के चिड़चिड़ापन
- उदास रहना
अगर इस तरह के लक्षण दिखें तो संभव हो सकता है कि इन सबका कारण पेट की खराबी हो और इसका असर आपके दिमाग पर भी पड़ता है. इसलिए अपने डेली रूटीन का ध्यान रखें. खासतौर पर अपने खान-पान का खास ख्याल रखें.
क्या है इसके उपाय?
अपनी आंतों को हेल्दी बनाने के लिए आपको कुछ आसान आदतें अपनानी चाहिए. पानी पीना जो हर कोई आपको सलाह देता ही है. खूब पानी पीने से आपका डाइजेस्टिव सिस्टम ठीक हो सकता है. अपनी डाइट को ठीक करना होगा. जैसे डाइट में हरी सब्जियां, फल, दही, अनाज जैसे फाइबर वाली चीजों को अपनी डाइट में शामिल करने से गट हेल्थ सुधर सकती हैं.
अगर आप बहुत अधिक तला-भुना या फिर जंक फूड्स का सेवन करते हैं, तो इनका सेवन भी आपको रोकना चाहिए. लेकिन आपको अपने रूटीन में सैर या फिर हल्की एक्सराइज को भी जोड़ना चाहिए. जिससे आपका माइंड शांत रहेगा और माइंड शांत रहेगा तो गट हेल्थ सुधर सकता है. भरपूर नींद लीजिए, स्ट्रेस कम लीजिए, योगा कीजिए, मेडिटेशन को अपने लाइफस्टाइल में जोड़ें जो आपके लिए फायदेमंद हो सकता है.
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