Heart Disease And Meditation: आज के समय में तनाव और चिंता लोगों के जीवन का हिस्सा बन गया है. ऐसे में ये दोनों फैक्टर सीधा दिमाग और दिल पर असर करते हैं. वहीं मेडिटेशन, तनाव को कम करने का सबसे अच्छा तरीका है. मेडिटेशन करने से मानसिक शांति मिलती है. अगर व्यक्ति मानसिक तौर पर शांत रहता है तो वह अपनी चिंताओं को आसानी से कम कर सकता है.
भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव से बचना आसान काम नहीं, लेकिन इसे कंट्रोल करना हमारे हाथ में, कुछ मेडिटेशन से तो कुछ अपनी चिंताओं का समाधान करके. जिससे हमारा दिल और दिमाग स्वस्थ रहे.
हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचाव के लिए दवा, व्यायाम और खान-पान ही एकमात्र उपाय नहीं हैं. अध्ययनों से ये बात सामने आई है कि जो लोग रोजाना ध्यान, मेडिटेशन करते हैं, उनमें हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी समस्याएं कम होती है. मेडिटेशन करने से दिमाग की गतिविधि में परिवर्तन होता है. साथ ही ये हार्ट बीट, बल्ड प्रेशर, ब्रीदिंग जैसे स्तर को सही रखता है. एड्रेनालाईन के स्तर और कोर्टिसोल के स्तर को भी कम कर सकता है, कोर्टिसोल एक हार्मोन है जो तनाव के जवाब में जारी होता है.
मेडिटेशन करने से क्या होता है?
- मेडिटेशन करने का एक फायदा यह होता है कि यह हार्ट रेट वैरिएबिलिटी (HRV) को बेहतर बनाता है. हार्ट रेट वैरिएबिलिटी दिल की धड़कनों के बीच के अंतर को दर्शाता है और यह जितना बेहतर होता है, दिल उतना ही स्वस्थ माना जाता है. मेडिटेशन करने से नर्वस सिस्टम संतुलित रहता है, जिससे हार्ट रेट वैरिएबिलिटी बेहतर होती है.
- मेडिटेशन करने से नसों को आराम मिलता है. ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है. अगर किसी इंसान का ब्लड प्रेशर हाई रहता है तो उन्हें हाइपरटेंशन की समस्या हो सकती है. कई मामलों में हार्ट अटैक की मुख्य वजह ही हाइपरटेंशन होती है. मेडिटेशन तनाव को कम करके मन को शांत रखता है. और हार्ट बीट को बैलेंस रखता है.
- लगातार तनाव रहने से शरीर में सूजन हो सकती है. तनाव के कारण शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे हार्मोन का बढ़ने लगते हैं. जो शरीर की इम्यून सिस्टम को प्रभावित करती है या लगातार सूजन का कारण बनते हैं. यह सूजन जोड़ों के दर्द, हृदय रोग, और पाचन संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकती है. इसलिए मेडिटेशन करने से इन जोखिमों को कम किया जा सकता है. जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियों का खतरा कम हो सकता है.
मेडिटेशन से मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता
मेडिटेशन करने से मन को शांति मिलती है. मन शांत और स्वस्थ रहता है. अगर किसी इंसान का मन अशांत रहता है तो हार्ट बीट बढ़ी रहती है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है. वहीं मानसिक स्वास्थ्य का असर शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है. मेडिटेशन दिल की सेहत के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य के लिए सही है.
कैसे करें मेडिटेशन
मेडिटेशन को ध्यान लगाना कहते हैं. ध्यान लगाने के लिए एक शांत जगह पर आराम से बैठें जाएं, आँखें बंद करें और अपनी सांसों या किसी मंत्र पर ध्यान केंद्रित करें. शुरुआत में 5-10 मिनट का समय लें और जब मन भटके, तो बिना परेशान हुए वापस ध्यान लाएं. सुबह का समय इसके लिए सबसे अच्छा माना जाता है.
ध्यान लगाने के लिए एक शांत और आरामदायक जगह चुनें जहां आपको कोई परेशान न हो. जमीन पर पालथी मारकर या जो लोग जमीन पर नहीं बैठ सकते वह कुर्सी पर सीधे बैठकर बैठें-बैठें ध्यान लगाएं. ध्यान रहे कि रीढ की हड्डी सीधी होनी चाहिए. और अपने कंधों और शरीर को तनाव मुक्त रखें. अपने सांसों के आने-जाने की गति को महसूस करें. जब सांस अंदर लें और बाहर छोड़ें, तो उस पर ध्यान दें. अगर ध्यान लगाते हुए आपका मन भटकता है या फिर किसी प्रकार के कोई विचार आते हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है, थोड़ी देर आंख खोल लें और उसके बाद फिर से ध्यान लागने का प्रयास करें. इसके लिए सबसे अच्छा होगा कि आप एक समय तय कर लें. शुरूआत में आप पांच से दस मिनट तक का समय तय करें. वहीं ध्यान खत्म होने के बाद अचानक न उठें. कुछ सेकंड तक आंखें बंद रखें, फिर धीरे-धीरे आंखें खोलें.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


