Tobacco vs Alcohol Consumption: तंबाकू और शराब का सेवन आज के समय में इतना आम हो चुका है कि अगर कोई इनका सेवन न करे तो सामने वाला व्यक्ति हैरान हो जाता है, कि अर्रे तुम शराब नहीं पीते? ऐसे सवाल उससे पूछ लिए जाते हैं कि जैसे उसने कोई जुर्म ही कर दिया हो. पहले के समय में ये आदत सिर्फ बड़ों में ही देखने को मिलती थी. लेकिन आजकल युवा भी नकलची बंदर से कम नहीं.
अब इसी पर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है, जो शायद तंबाकू-शराब का सेवन करने वालों की आंखें खोल दे. क्योंकि ये एक हेल्थ चुनौती बना हुआ है. नेशनल हेल्थ सर्वे रिपोर्ट हाल ही में जारी हुई है. इस रिपोर्ट में लोगों की बदलती हुई आदतें उनसे होने वाले रिस्क की नई तस्वीरों को उजागर किया है. इसी में शामिल है शराब और तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों के आंकडे़ं.
करोड़ों की जिंदगी हो रही अफेक्ट
रिपोर्ट कहती है कि तंबाकू और पीने वालों के आंकड़ों में गिरावट आई है. लेकिन कुछ लोगों को इनकी लत लग चुकी है, जो इसे छुड़ाए नहीं छुड़वा सकते. नतीजा करोड़ों लोगों की लाइफ अफेक्ट होती जा रही है. आंकड़ें बताते हैं कि 15 साल या फिर उससे भी अधिक उम्र के 36.3 प्रतिशत पुरुष किसी न किसी तरह के तंबाकू का सेवन कर रहे हैं. हालांकि यह आंकड़ा NFHS-5 के 38 प्रतिशत से थोड़ा कम है. लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि हालात सामान्य है. कंडिशन अब भी चिंताजनक ही है हेल्थ एक्सपर्ट्स का ऐसा मानना है. वहीं महिलाओं के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो महिलाओं में भी 8.4 प्रतिशत महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं. यानी पीछे कोई नहीं है.
ग्रामीण और शहरी इलाकों में अंदर
दिलचस्प बात ये है कि शहरी और ग्रामीण इलाकों के बीच एक शॉकिंग अंतर सामने आया है. रिपोर्ट्स बताती हैं कि ग्रामीण इलाकों में पुरुषों के बीच सेवन की दर 41.1 प्रतिशत है. जबकि शहरी में ये आंकड़ा 26.2 प्रतिशत है. महिलाओं में भी ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा 10 प्रतिशत तक पहुंच गया, जबकि शहरों में यह केवल 4.6 प्रतिशत दर्ज किया गया.
ऐसा क्यों हो रहा है? क्यों अधिक सेवन किया जा रहा है, तो इसपर एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत में ग्रामीण इलाकों में गुटखा, खैनी, जर्दा ऐसे चबाने वाले तंबाकू प्रोडक्ट्स आसानी से मिल जाते हैं और कम कीमत में भी उपलब्ध होते हैं. जिसके कारण लोग इसका अधिक सेवन करते हैं. कई राज्यों में तंबाकू का सेवन तो ट्रेडिशनल हिस्सा भी बन चुका है.
ग्रामीण इलाकों में संख्या ज्यादा है
शराब पीने वालों की अगर बात करें तो रिपोर्ट में 18.9 प्रतिशत पुरुषों के शराब पीने की जानकारी सामने आई. ये आंकड़ा पिछले सर्वे के मुकाबले तो स्थिर है ही लेकिन ग्रामीण इलाकों में शराब पीने वालों की संख्या शहरी इलाकों की तुलना में कई अधिक है. आंकड़ा कहता है कि ग्रामीण इलाकों में 20.6 प्रतिशत पुरुष शराब का सेवन करते हैं. शहरी इलाकों में आंकड़ा 15.5 प्रतिशत है. महिलाओं के शराब के सेवन की दर कम है उनका आंकड़ा सिर्फ 1.1 प्रतिशत ही रहा.
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