UNICEF Report: मौसम कब करवट बदल ले ये शायद ही कोई आम इंसान अनुमान कर सकता है. हालांकि मौसम विभाग की टीमें लगातार सचेत करती रहती हैं. लेकिन कभी भीषण गर्मी तो कभी रिमझिम-रिमझिम करता मौसम. इस मौसम ने सभी का जीना मुश्किल कर दिया है. गर्मियों से बचने के लिए लोग तरह-तरह के तरकीबें और नुस्खें अपनाते हैं.
जैसे कुलर, एसी, पंखा चलाकर सहारा लेते हैं. लेकिन बार-बार बदलने वाला ये मौसम मासूम बच्चों की सेहत पर बुरा असर डाल रहा है. UNICEF की चिल्ड्रन्स क्लाइमेट रिस्क पर एक रिपोर्ट जारी हुई है. इस रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे भी हुए जो माता-पिता की चिंताओं में इजाफा करने वाले है. ये रिपोर्ट इसलिए चिंता जताने वाली है क्योंकि सूखे का और गर्मी की मार झेल रहे बच्चे कई बीमारियों का शिकार हो सकते हैं. कैसे चलिए जानते हैं.
तेजी से बच्चों में फैल रही बीमारियां
ये भीषण गर्मी बच्चों की सेहत पर खासा असर डाल रही है. UNICEF की रिपोर्ट बताती है कि गर्मी और सूखे और इस बदलते मौसम के कारण बच्चे तेजी से कई बीमारियों की चपेट में हैं. जैसेः
- मलेरिया
- जहरीली हवा
मलेरियाः दरअसल मौसम बार-बार बदल रहा है. कहीं पर बाढ़ जैसी स्थिती पनप रही है. नतीजा इनसे मच्छरों की समस्या तेजी से बढ़ती है. जिसकी चपेट में बच्चे आसानी से आ जाते हैं और बच्चों में इसका खतरा अधिक रहता है.
जहरीली हवाः क्योंकि कई लोग गाड़ियों से ट्रैवल करते हैं उनमें चलने वाले एसी, या फिर कई चीजों से निकलने वाला धुआं हवा को खराब कर रहा है. जहरीला बना रहा है. जहरीली हवा बच्चों के पेफड़ों के लिए नाजुक होती है और इस पॉल्यूटेड हवा के कारण बच्चों के फेफड़ों और दिमाग के डेवलपमेंट होने में काफी भारी नुकसान भी पहुंचता है.
इससे खतरा क्या है?
बच्चों को अधिक खतरा इसलिए बताया जा रहा है क्योंकि बच्चे कमजोरी का शिकार हो सकते हैं. क्योंकि अधिक गर्मी हो रही है, उन्हें डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है. जिन बच्चों की इम्यूनिटी कम होती है उन्हें काफी नुकसान पहुंचता है. हवा में पॉल्यूशन और मलेरिया जैसी बीमारी का शिकार भी लोग बहुत जल्दी से बनते हैं. जब मौसम बहुत ज्यादा खराब या गर्म होता है, तो स्कूल बंद करने पड़ते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई और उनके मानसिक विकास पर बुरा असर पड़ता है.
इसका समाधान क्या है?
अब अगर समस्या इतनी गंभीर है तो इसका कुछ तो समाधान होगा? UNICEF की रिपोर्ट में ही इसका समाधान भी है वो है कि वेक-अप कॉल. जैसे माता-पिता को अलर्ट रहना होगा, भीषण गर्मी में बच्चों को सुरक्षित रखना होगा, उन्हें हाइड्रेट रखना होगा, साफ-सफाई का खास ख्याल रखने की सख्त से सख्त जरूरत है.
10 में से 10 स्कोर
क्योंकि एक्ट्रीम हीट की मार सभी झेल रहे हैं. इस एक्ट्रीम हीट के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं जिसे देखते हुए UNICEF ने भारत को 10 में से 10 का स्कोर दिया है. ये स्कोर दर्शाता है कि भारत में बच्चे भीषण और जानलेवा गर्मी का शिकार हो रहे हैं. इतना ही नहीं सिर्फ गर्मी ही नहीं बल्कि सूखे की मार भी झेल रहे हैं. कृषि और मौसम से जुड़े सूखे के मामले में भारत का स्कोर 8.84 रहा है, जो कि बहुत ज्यादा है. हालांकि नाइजीरिया, बांग्लादेश और कैमरून जैसे देशों में सूखे का असर भारत से कुछ मामलों में ज्यादा है, लेकिन भारत की स्थिति भी बहुत नाजुक बनी हुई है.
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