Kidney Damage Reason: आजकल किडनी की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. चिंता की बात यह है कि ज्यादातर मामलों में लोग अपनी छोटी-छोटी लापरवाहियों की वजह से किडनी को नुकसान पहुंचा बैठते हैं. किडनी लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के काम करती रहती है, इसलिए जब तक बीमारी का पता चलता है, तब तक काफी नुकसान हो चुका होता है.
किडनी ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ Dr Abhiyutthan singh Jadaon के अनुसार, किडनी खराब होने के सबसे बड़े कारण हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और किडनी स्टोन हैं.
किडनी खराब होने के मुख्य कारण | Kidney Damage Reason
- अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर
अगर आपका ब्लड प्रेशर लंबे समय तक बढ़ा रहता है और उसका इलाज नहीं किया जाता, तो धीरे-धीरे किडनी की रक्त वाहिकाएं प्रभावित होने लगती हैं. इससे किडनी की कार्यक्षमता कम हो जाती है.
- अनियंत्रित डायबिटीज
शुगर का स्तर लगातार बढ़ा रहने से किडनी के फिल्टर खराब होने लगते हैं. यही कारण है कि डायबिटीज के मरीजों को नियमित रूप से किडनी की जांच करानी चाहिए.
- कम पानी पीना और किडनी स्टोन
कम पानी पीने से किडनी में पथरी बनने का खतरा बढ़ जाता है. यदि पथरी का समय पर इलाज नहीं कराया जाए तो यह किडनी को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती है.
- दर्द निवारक दवाओं का अधिक सेवन
बिना डॉक्टर की सलाह के बार-बार पेनकिलर लेना किडनी के लिए खतरनाक हो सकता है. लंबे समय तक ऐसी दवाएं लेने से किडनी फेल होने का जोखिम बढ़ जाता है.
किडनी खराब होने के शुरुआती संकेत क्यों नहीं मिलते?
किडनी की सबसे बड़ी समस्या यह है कि यह शुरुआत में कोई खास लक्षण नहीं देती. जब तक पैरों में सूजन, आंखों के नीचे सूजन, भूख कम लगना या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तब तक किडनी काफी हद तक प्रभावित हो चुकी होती है.
इसीलिए डॉक्टर नियमित हेल्थ चेकअप कराने की सलाह देते हैं.
कौन-कौन सी जांचें जरूरी हैं?
30-40 साल की उम्र के बाद हर व्यक्ति को नियमित रूप से कुछ बेसिक जांचें करानी चाहिए, जैसे:
- ब्लड प्रेशर जांच
- ब्लड शुगर टेस्ट
- यूरिन रूटीन टेस्ट
- किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT)
- CBC
- लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT)
इन जांचों से बीमारी का पता शुरुआती चरण में लगाया जा सकता है.
यूरिन टेस्ट क्यों है महत्वपूर्ण?
यूरिन टेस्ट किडनी की बीमारी का शुरुआती संकेत दे सकता है.
यदि यूरिन में:
- प्रोटीन आ रहा है
- खून आ रहा है
- बार-बार संक्रमण हो रहा है
तो यह किडनी की समस्या का संकेत हो सकता है.
कितना पानी पीना चाहिए?
डॉक्टर के अनुसार पानी की मात्रा मौसम और व्यक्ति के काम पर निर्भर करती है.
सामान्य तौर पर:
- इतना पानी पिएं कि दिनभर में लगभग 2 से 2.5 लीटर यूरिन बने.
- यूरिन का रंग हल्का पीला होना चाहिए.
- बहुत देर तक पेशाब रोककर नहीं रखना चाहिए.
पेशाब रोकना भी हो सकता है खतरनाक
कई लोग काम के कारण लंबे समय तक पेशाब रोककर रखते हैं. खासकर महिलाएं अक्सर सार्वजनिक शौचालयों की कमी के कारण ऐसा करती हैं.
इस आदत से:
- ब्लैडर कमजोर हो सकता है.
- यूरिन रुकने की समस्या हो सकती है.
- किडनी पर दबाव बढ़ सकता है.
किडनी फेल होने पर क्या विकल्प हैं?
यदि किडनी पूरी तरह खराब हो जाए तो दो प्रमुख विकल्प होते हैं:
- डायलिसिस
डायलिसिस खून को साफ करने का काम करता है और मरीज को जीवित रखने में मदद करता है.
- किडनी ट्रांसप्लांट
किडनी फेल होने की स्थिति में ट्रांसप्लांट सबसे बेहतर और स्थायी इलाज माना जाता है.
क्या एक किडनी देकर व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है?
डॉक्टरों के अनुसार, सही जांच और मेडिकल मूल्यांकन के बाद किडनी दान करने वाला व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है.
एक किडनी के साथ भी:
- सामान्य दिनचर्या जारी रखी जा सकती है.
- नौकरी और रोजमर्रा के काम किए जा सकते हैं.
- जीवनकाल पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ता.
भारत में महिलाएं सबसे ज्यादा किडनी डोनर क्यों बनती हैं?
भारत में होने वाले अधिकांश लिविंग किडनी ट्रांसप्लांट में पत्नी, मां या बहन डोनर होती हैं. हालांकि डॉक्टरों का मानना है कि परिवार के अन्य योग्य सदस्य भी आगे आ सकते हैं और अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है.
ट्रांसप्लांट के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
किडनी ट्रांसप्लांट के बाद मरीज को:
- डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं समय पर लेनी चाहिए.
- कोई भी डोज मिस नहीं करनी चाहिए.
- संक्रमण से बचना चाहिए.
- नियमित फॉलो-अप कराना चाहिए.
- स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए.
किडनी को स्वस्थ रखने के आसान उपाय
- पर्याप्त पानी पिएं
- ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखें
- शुगर कंट्रोल में रखें
- नियमित हेल्थ चेकअप कराएं
- पेनकिलर का अनावश्यक उपयोग न करें
- पेशाब लंबे समय तक न रोकें
- संतुलित आहार लें और नियमित व्यायाम करें
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

