Why Healthy People Die During Exercise: कुछ लोग फिट दिखते हैं, लेकिन क्या वो अंदर से भी फिट होते हैं? ये सवाल इसलिए क्योंकि उत्तराखंड से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां एक 38 वर्षीय पुलिस अधिकारी जो स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप अधिकारी थे. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अधिकारी का नाम गिरीश भट्ट था. उनकी अचानक मौत हो गई.
लेकिन इसमें फिटनेस को लेकर सवाल कहां से आया? तो इसका जवाब है कि उनकी मौत जिम में वर्कआउट करने के दौरान ही हुई है. इसलिए उनकी मौत ने एक बार फिर से ये सवाल खड़ा कर दिया है कि सिर्फ फिट दिखना ही जरूरी नहीं होता. रेगुलर एक्सरसाइज करने वाला व्यक्ति भी कई गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकता है. जिसका शायद उसे खुद भी नहीं पता चल पाता.
गिरीश के साथ क्या हुआ?
पहले जान लेते हैं कि पुलिस अधिकारी के साथ ऐसा क्या हुआ था? तो जानकारी है कि गिरीश जिम कर रहे थे. उसी दौरान उनकी तबियत बिगड़ गई. अचानक से ही उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा. जहां डॉक्टर ने चेकअप के दौरान ही उन्हें मृत घोषित कर दिया. हालांकि उनकी मौत किन कारणों से हुई है इसकी आधिकारिक तौर पर जानकारी सामने नहीं आ सकी है. लेकिन इस घटना ने उनके पूरे परिवार को स्तब्ध कर दिया है. वहीं क्योंकि ये घटना जिम में हुई जिसने एक बार फिर से जिम को लेकर सवाल खड़े कर दिए.
फिट लोग भी बीमारी का शिकार
घटना गंभीर है क्योंकि फिट दिखना और असल में फिट होने में कितना फर्क होता है, ये इस मामले ने लोगों को समझाया है. इसपर एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिटनेस और हेल्थ को कई लोग एक जैसा ही मान लेते हैं. यानी कई बार व्यक्ति बाहर से पूरी तरह फिट नजर आ सकता है. लेकिन अंदर ही अंदर कई समस्या उसे परेशान कर सकती है. जैसेः
- हाई ब्लड प्रेशर
- अनियमित हार्ट रिद्म
- आर्टरीज में रुकावट पैदा होना
- जैनेटिक हार्ट समस्याएं भी हो सकती है.
इसलिए ये फर्क समझना बहुत जरूरी हो जाता है कि हमेशा बाहर से फिट दिखने वाला व्यक्ति फिट नहीं होता. हालांकि एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इस तरह की बड़ी और गंभीर समस्या होने से पहले हमारा शरीर जरूर कुछ संकेत देता ही है. लेकिन लोग अपने लाइफस्टाइल में इतना बिजी हो चुके हैं कि इस समस्या को इग्नोर कर देते हैं. जैसे ऐसे संकेतों को अक्सर थकान या फिर मेहनत अधिक कर ली ये समझकर इग्नोर कर दिया जाता है.
क्या होते हैं वो संकेत?
अगर बात करें कि आखिर वो संकेत क्या होते हैं तो इसका जवाब हैः
- वर्कआउट के दौरान सांस फूलना असमान्य तरीके से
- सीने में भारीपन सा लगना
- चक्कर आना या महसूस होना
- दिल की धड़कन तेज बढ़ना
- जरूरत से अधिक थकान लगना. इस तरह के लक्षण दिखना कि ये चेतावनी का संकेत हैं.
क्यों होती है ऐसी समस्या?
वहीं व्यक्ति वर्काउट कर रहा है फिर भी उसके साथ ऐसी समस्या क्यों होती है? तो इसपर एक्सपर्ट्स मानते हैं कि लंबे ब्रेक के बाद जब कुछ लोग हेवी वर्कआउट शुरू कर देते हैं, दूसरों से कॉम्पीटिशन लड़ने लगते हैं, अधिक वर्काउट करते हैं अपनी हेल्थ का बिना ध्यान रखते हुए तो ऐसी चीजों का रिस्क बढ़ जाता है. खासतौर पर तब जब आपकी उम्र 35 से ज्यादा हो. ऐसी उम्र वाले व्यक्तियों को खास ख्याल रखना चाहिए. उन्हें भी ध्यान रखना चाहिए जिनका हार्ट की समस्या के साथ बैकग्राउंड रहा हो जैसे डायबिटीज, मोटापा, धूम्रपान, हाई बीपी इन समस्या का शिकार रहे हो तो उन्हें रेगुलर जांच करवा लेनी चाहिए.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

