Unsafe Injection Practices: अक्सर अस्पतालों और क्लीनिकों में इस्तेमाल होने वाली सिरिंज को हम एक सामान्य मेडिकल उपकरण समझते हैं, लेकिन इसकी सुरक्षित इस्तेमाल की आदत किसी की जान बचा सकती है. यही वजह है कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने सुरक्षित इंजेक्शन प्रथाओं को लेकर सख्त एडवाइजरी जारी की है.
सोचिए, एक ऑटो-डिसेबल (Auto Disable) सिरिंज की कीमत करीब 5 रुपये है. यह सिरिंज एक बार इस्तेमाल होने के बाद दोबारा उपयोग नहीं की जा सकती. इसका मतलब है कि इससे HIV, हेपेटाइटिस B और हेपेटाइटिस C जैसे खतरनाक संक्रमणों के फैलने का जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है.
सिरिंज का दोबारा इस्तेमाल गंभीर
लेकिन जब कुछ जगहों पर पैसे बचाने के लिए सिरिंज, सुई या अन्य सिंगल-यूज मेडिकल उपकरणों का दोबारा इस्तेमाल किया जाता है, तो इसका परिणाम बेहद गंभीर हो सकता है. असुरक्षित इंजेक्शन के कारण मरीजों में HIV, हेपेटाइटिस B और हेपेटाइटिस C जैसे संक्रमण फैल सकते हैं, जिनका इलाज वर्षों तक चल सकता है और इलाज पर लाखों रुपये खर्च हो सकते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी लंबे समय से चेतावनी देता रहा है कि असुरक्षित इंजेक्शन प्रथाएं पूरी तरह रोकी जा सकने वाली समस्या हैं. फिर भी कई जगहों पर लागत कम करने के नाम पर ऐसी गलतियां की जाती हैं, जिनकी कीमत मरीजों को अपनी सेहत और जीवन से चुकानी पड़ती है.

NMC की सख्त चेतावनी
NMC ने कड़े निर्देश जारी किए जिसमें साफ और कड़े निर्देश दिए गए कि सिंगल-यूज सिरिंज और सुइयों का दोबारा इस्तेमाल किसी भी परिस्थिति में नहीं होना चाहिए. मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों को केवल स्टेराइल, एक बार उपयोग होने वाली सिरिंज और सुइयों का इस्तेमाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही ऑटो-डिसेबल सिरिंज को चरणबद्ध तरीके से अपनाने पर भी जोर दिया गया है.
स्वास्थ्यकर्मियों को भी मिलती सुरक्षा
विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित सिरिंज पर कुछ रुपये खर्च करना कोई खर्च नहीं, बल्कि एक निवेश है. इससे न केवल मरीजों को गंभीर संक्रमणों से बचाया जा सकता है, बल्कि स्वास्थ्यकर्मियों को भी नीडल-स्टिक इंजरी और संक्रमण के खतरे से सुरक्षा मिलती है. सरल शब्दों में कहें तो आज 5 रुपये की सुरक्षित सिरिंज पर किया गया खर्च भविष्य में लाखों रुपये के इलाज, अस्पताल में भर्ती होने और गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से बचा सकता है. इसलिए इंजेक्शन लगवाते समय यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि नई और सुरक्षित सिरिंज का ही इस्तेमाल किया जाए. यही छोटी-सी सावधानी बड़ी बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है.
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