What helps diabetes in kids: गर्मियों की छुट्टियां चल रही हैं. छुट्टियों में बच्चे खूब मस्ती करते हैं. इधर-उधर घूमते फिरते हैं, मनचाहा खाते-पीते हैं. लेकिन मनचाहा खाना-पीना उन बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है जिन्हें डायबिटीज की समस्या है. दरअसल मनचाहा खाना-पीना, असमय खाना, अनहेल्दी खाना ये सभी आदतें बच्चों का शुगर लेवल बढ़ सकता है. उनकी तबियत खराब हो सकती है.
एक आंकड़ों के मुताबिक भारत में बच्चों और किशोरों के बीच टाइप-1 डायबिटीज के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं. इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन (IDF) डायबिटीज एटलस के अनुसार, भारत में 0-19 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 3 लाख (300,788) बच्चे और किशोर टाइप-1 डायबिटीज के साथ जीवन जी रहे हैं. IDF की एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, भारत लंबे समय से उन देशों में शामिल रहा है जहां बच्चों में टाइप-1 डायबिटीज के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं. इन आंकड़ों से पता चलता है कि अब डायबिटीज की बीमारी सिर्फ बड़ों की नहीं रही.
डायबिटीज एक ऑटोइम्यून बीमारी
डायबिटीज एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा देती है, जिसके कारण बच्चे को जीवनभर इंसुलिन की जरूरत होती है. एक्सपर्ट कहते हैं कि बच्चों में लगातार प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, अचानक वजन कम होना, थकान और भूख बढ़ना टाइप-1 डायबिटीज के शुरुआती संकेत हो सकते हैं. समय पर जांच और इलाज से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है.
गर्मी में बच्चों की ऐसे करें देखभाल
समय पर जांंच कराएंं
समय-समय पर डॉक्टर की सलाह लें. रोजाना बच्चों का शुगर लेवल जांचें. अगर बच्चों का वजन ज्यादा है तो कंट्रोल में रखें. नियमित जांच से डायबिटीज को शुगर कंट्रोल करने में मदद करता है. साथ ही बच्चे को हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो कराएं.
समय पर खाना दें
गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों का रूटीन बिगड़ जाता है. वह देर से उठने की जिद्द करते हैं. देर रात तक जागते हैं. पूरे दिन खेलने में व्यस्त रहते हैं. वहीं खाने-पीने का रूटीन भी पूरी तरह से बिगड़ जाता है. कोई तय समय-सीमा नहीं रहती. लेकिन डायबिटीज से पीड़ित बच्चों के लिए मुश्किल हो सकती है. इसलिए बच्चों को एक तय समय पर खाना दें और बच्चों को हेल्दी रूटीन फॉलो कराएं.
आइसक्रीम-मीठी चीजों से दूर रखें
दरअसल गर्मी का मौसम में हो बच्चें आइसक्रीम की जिद्द तो करेंगे हीं. लेकिन आपको बच्चे की सेहत को ध्यान में रखते हुए उन्हें इसके सेवन से बचाना चाहिए. अगर बच्चा ज्यादा जिद्द करें तो आइसक्रीम और मीठी चीजों का सेवन सीमित करें. बाहर के बजाय घर पर ही आइसक्रीम बनाकर दें.
एक्टिव रखें
बढ़ते शुगर लेवल में शरीर को एक्टिव रखना जरूरी होता है. ऐसे में ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है. आप बच्चों को एक्टिव रखने के लिए रनिंग, स्विमिंग, साइकिलिंग जैसी गतिविधियां करा सकते हैं. क्योंकि इससे शरीर इंसुलिन का बेहतर उपयोग कर पाता है और ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है. रोजाना शारीरिक गतिविधियां करने से मांसपेशियां ग्लूकोज का उपयोग ऊर्जा के रूप में करती हैं, जिससे ब्लड में शुगर की मात्रा कम हो सकती है.
हेल्दी स्नैक्स दें
गर्मियों की छुट्टियां है. बच्चें असमय खाना खाना और पैकेट बंद खाने की मांग तेजी से करेंगे. लेकिन ऐसे में आपको हेल्दी और सेहतमंद स्नैक्स देने हैं. बच्चोंं को चॉकलेट, कुकीज या मिठाई खिलाने के बजाय ड्राई फ्रूट्स, हेल्दी फ्रट्स खाने को दें. इनके सेवन से बच्चों को भरपूर मात्रा में एनर्जी भी मिलेगी और थकान भी नहीं होगी. साथ ही ब्लड शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहेगा.
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