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घर बैठे इस टेस्ट से पता लगाएं हार्ट हेल्थ, सोशल मीडिया पर खूब हो रही चर्चा

What is an ABI Test: भारत में दिल की बीमारियां तेजी से बढ़ी जा रही है. हालांकि पहले के समय ये बीमारियां सिर्फ बड़े-बुजर्गों तक सीमित रहती थी

What is an ABI Test: भारत में दिल की बीमारियां तेजी से बढ़ी जा रही है. हालांकि पहले के समय ये बीमारियां सिर्फ बड़े-बुजर्गों तक सीमित रहती थी. लेकिन बदलती हुई लाइफस्टाइल ने इसे बदल दिया है. दरअसल अब बड़ी संख्या में युवा भी हार्ट प्रॉब्ल्म्स का सामना कर रहे हैं. इसपर चिंता यही है कि कई मामलों में कोई लक्षण साफ नहीं दिखाे देते.

लक्षणों के साफ नहीं दिखाई देने के कारण कंडिशन कब गंभीर हो जाती है इसका भी पता नहीं चलता. इस कारण से कोई अगर ऐसा टेस्ट अगर सामने आए जो ऐसी कंडिशन को समझने और उसकी जानकारी साझा करने में मदद करे तो ये काफी उपयोगी माना जा सकता है. आज हम आपके लिए ऐसे ही एक टेस्ट की जानकारी लाए हैं. जिसकी इस समय सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा हो रही है. आइए डिटेल में जानते हैं.

इस टेस्ट की हो रही सोशल मीडिया पर चर्चा

दरअसल सोशल मीडिया पर ABI टेस्ट यानी Ankle Brachial Index टेस्ट का जिक्र किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार कार्डियोपल्मोनरी थेरेपिस्ट डॉक्टर राजवीर सिंह भाटी ने एक वीडियो शेयर की जिसमें उन्होंने इस टेस्ट का जिक्र किया. उन्होंने वीडियो में जानकारी देते हुए बताया कि ये टेस्ट एक ऐसा तरीका है जिसकी मदद से आप घर पर बैठे ही अपने शरीर में खून के फ्लो से जुड़ा संकेत जान सकते हैं. आपको बता दें कि ये टेस्ट महज एक स्क्रीनिंग टूल है. यानी किसी बीमारी का सिग्नल मिलने का संकेत नहीं है.

क्यों होता है ABI टेस्ट कैसे कर सकते हैं?

अब जान लेते हैं कि आखिर ABI टेस्ट क्या होता है. ये एक ऐसा टेस्ट है जिसमें शरीर के दो हिस्सों के ब्लड प्रेशर की जांच की जाती है. इसे सबसे पहले बीपी मशीन लगाकर ब्लड प्रेशर देखा जाता है. उसके बाद हमारे टखने यानी एंकल पर लगाकर बीपी टेक किया जाता है. टखने के प्रेशर को बाजू के प्रेशर से भाग देने पर जो नंबर आता है, वही ABI स्कोर कहलाता है. यह स्कोर शरीर में खून के प्रवाह की स्थिति को लेकर एक प्राथमिक संकेत देता है.

ABI टेस्ट का सही स्कोर क्या होता है?

आपने टेस्ट किया अब ये भी जानना जरूरी है कि आखिर किस स्कोर पर भरोसा कया जाए. कौन सा स्कोर सही होता है. इसपर भी डॉक्टर राजवीर सिंह भाटी ने जानकारी दी और बताया कि अगर स्कोर 0.9–1.1 के आसपास आता है तो ये बिल्कुल नॉर्मल माना जाता है. वहीं अगर स्कोर 0.9 से कम दिखाया जा रहा है, तो ये स्कोर आपकी धमनियों में ब्लॉकेज के खतरे की ओर इशारा कर सकता है. वहीं 1.4 से अधिक स्कोर आता है तो ये आर्टरी के सख्त होने का सिग्नल है. अगर ऐसी कंडिशन दिखे तो आपको तुरंत ही डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.

इन लोगों के लिए काफी जरूरी ये टेस्ट

वहीं ये जानना भी जरूरी है कि आखिर ये टेस्ट किन लोगों के लिए जरूरी है. यानी किन लोगों को ये स्क्रीनिंग टेस्ट काफी उपयोगी है, तो जो लोग डायबिटीज का शिकार हैं. हाई बीपी के मरीज हैं, हार्ट प्रॉब्लम या फिर फैमिली में किसी का बैकग्राउंड रहा हो. लंबे समय तक स्मोकिंग जो लोग करते हैं. ऐसे लोगों के लिए और ऐसे मामलों में ये स्क्रीनिंग शुरूआती संकेत बताने में काफी मददगार साबित हो सकते हैं.

यह भी पढ़ें: अब प्लास्टिक पैकेट में नहीं मिलेगा पान मसाला, FSSAI का बड़ा फैसला!

1. क्या होता है ABI टेस्ट?

ABI यानी Ankle Brachial Index ये एक स्क्रीनिंग टेस्ट है, जिससे बाजू और टखने के ब्लड प्रेशर की तुलना की जाती है.

2. क्या ABI टेस्ट घर पर किया जा सकता है?

यह तरीका घर पर ब्लड प्रेशर मापकर किया जा सकता है, लेकिन इसे मेडिकल टेस्ट का विकल्प नहीं माना जाता.

3. ABI स्कोर कितना होना नॉर्मल है?

आमतौर पर 1.0 के आसपास स्कोर को सामान्य रेंज में माना जाता है.

(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं. )

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sarthak arora Senior Sub Editor
अपनी उंगलियों से खबरों को खटाखट लिखना, और लिखने से पहले पढ़ना और समझना. इस तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव पाया. कार्य जारी है और इसी तरह लिखना, पढ़ना और सीखना निरंतर जारी रहेगा.
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