Ayurvedic Aushadhi For Heart: बदलती लाइफस्टाइल में लोगों को दिल की बीमारी ज्यादा हो रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में दिल की बीमारियां (Cardiovascular Diseases – CVD) मृत्यु का सबसे अहम कारण हैं, जिनसे हर साल लगभग 28.6 लाख मौतें होती हैं. भारत में होने वाली कुल मौतों का लगभग 27% से 31% हिस्सा दिल से होने वाली बीमारी के कारण है.
बैलेंस्ड डाइट और सही खानपान की मदद से इस बीमारी को दूर रख सकते हैं. आयुष मंत्रालय ने आयुर्वेद की कुछ औषधियों का जिक्र किया है, मंत्रालय ने भी माना है कि ये औषधीया दिल की सेहत के लिए कारगर साबित होंगी. बता दें कि मध्य भारत औषधि की पैदावार में सबसे आगे हैं.
आंवला
आंवला जिसे अंग्रेजी में Indian Gooseberry कहा जाता है. ये पोषक तत्वों का भंडार है. आयुर्वेद में इसे ‘अमृत’ माना गया है. इसके पोषक तत्व गुणों के कारण यह दिल और लिवर को हेल्दी बनाता है.
आंवला में पाए जाने वाले पोषक तत्व
- विटामिन सी: आंवला विटामिन सी का सबसे समृद्ध स्रोत है। इसमें संतरे से लगभग 20 गुना अधिक विटामिन सी होता है.
- एंटीऑक्सीडेंट्स: इसमें पॉलीफेनोल, फ्लेवोनोइड्स, टैनिन और गैलिक एसिड जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर को बीमारियों से बचाते हैं.
- खनिज (Minerals): इसमें कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस और पोटेशियम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं.
- फाइबर: यह पाचन के लिए अच्छे फाइबर का बेहतरीन स्रोत है.
- अन्य विटामिन: इसमें विटामिन ए, विटामिन ई और बी-कॉम्प्लेक्स (B1, B2) भी मौजूद होते हैं.
आंवला दिल की बीमारी में लाभदायक
आंवला में हाई एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C और फ्लेवोनोइड्स जैसे तत्व होने के कराण ये दिल की सेहत के लिए फायदेमंद है. आंवला का सेवन बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करता है, गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) बढ़ाता है, ट्राइग्लिसराइड्स को कंट्रोल करता है और नसों में जमा ब्लॉकेज को साफ कर दिल से जुड़ी बीमारियों को कम करने का काम करता है.
बेल
बेल पोषक तत्वों और औषधीय गुणों का खजाना है. आयुर्वेद में बेल को पेट के रोगों के लिए रामबाण औषधि मानी गई है. साथ ही इसमें पैक्टिन फाइबर और पोटैशियम जैसे गुण पाए जाते हैं जो दिल की सेहत की सेहत के लिए लाभकारी है.
बेल में पाए जाने वाले पोषक तत्व
- विटामिन C – इम्युनिटी और एंटीऑक्सीडेंट सुरक्षा
- विटामिन A – आंखों और त्वचा के लिए
- विटामिन B कॉम्प्लेक्स – मेटाबॉलिज्म और ऊर्जा के लिए
- फाइबर (रेशा) – पाचन सुधारता है
- खनिज (Minerals) – जैसे कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन, मैग्नीशियम
- एंटीऑक्सीडेंट्स – फ्लेवोनॉइड्स, पॉलीफेनॉल
- टैनिन्स और पेक्टिन – पाचन और आंतों के लिए लाभकारी
दिल की बीमारी के लिए लाभदायक
बेल में हाई एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेंटरी यानि सूजन कम करने वाले तत्व पाए जाते हैं. साथ ही इसमें कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने वाले गुण होते हैं, जो दिल को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. इसमें मौजूद पोटैशियम, फाइबर और फेनोलिक यौगिक हाई ब्लड प्रेशर को कम करने, नसों की सूजन घटाने और हार्ट की मांसपेशियों को मजबूत करने में सहायक है.
हरड़
हरड़ जिसे हरीतकी भी कहा जाता है. ये एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी में से एक है. आयुर्वेद में हरड़ को ‘अमृत’ और ‘मां’ के समान माना गया है. यह एक महा-औषधि है जो वात, पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुलित करती है, इसलिए इसे ‘त्रिदोष नाशक’ या ‘सर्वदोषहर’ माना गया है. यह मुख्य रूप से पेट की समस्याओं, शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकालकर शरीर की इम्यूनिटी बूस्ट करने का काम करती है.
हरड़ में पाए जाने वाले पोषक तत्व
- विटामिन C – एंटीऑक्सीडेंट और इम्युनिटी बढ़ाने वाला
- टैनिन्स – जैसे चेबुलिनिक एसिड, चेबुलाजिक एसिड
- फ्लेवोनॉइड्स – सूजन कम करने वाले
- पॉलीफेनॉल्स – कोशिकाओं की रक्षा करते हैं
- फाइबर (रेशा) – पाचन सुधारता है
- एमिनो एसिड्स – शरीर के विकास में सहायक
- खनिज (Minerals) – जैसे कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन
हरड़ दिल की बीमारी के लिए लाभदायक
हरड़ (हरीतकी) में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और कार्डियोप्रोटेक्टिव हार्ट की रक्षा करने वाले गुण होते हैं जो कोरोनरी धमनी में वसा को जमने से रोकते हैं. दिल की मांसपेशियों को मजबूत करते हैं और शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करते हैं.
अर्जुन
आयुर्वेदिक ग्रंथों में अर्जुन की छाल (Arjun ki Chhal) को दिल की सेहत के लिए काफी लाभदायक माना गया है. अर्जुन के पेड़ (Terminalia arjuna) की छाल एक अत्यंत प्रभावी आयुर्वेदिक औषधि है, जो मुख्य रूप से दिल की सेहत (Cardiovascular health) के लिए कारगर है. यह धूसर (grey) और गुलाबी-हरे रंग की होती है, जो हृदय की मांसपेशियों को मजबूती देने, कोलेस्ट्रॉल कम करने, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और घाव भरने में मदद करती है.
अर्जुन में पाए जाने वाले पोषक तत्व
- टैनिन्स (Tannins) – शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट, कोशिकाओं की रक्षा करते हैं
- फ्लेवोनॉइड्स (Flavonoids) – सूजन कम करते हैं, रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखते हैं
- ट्राइटरपेनॉइड्स (Triterpenoids) – जैसे अर्जुनोलिक एसिड, दिल की मांसपेशियों को मजबूत करते हैं
- सैपोनिन्स (Saponins) – कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायक
- ग्लाइकोसाइड्स (Glycosides) – हृदय की कार्यक्षमता सुधारते हैं
- खनिज (Minerals) – कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक
- प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स – फ्री रेडिकल्स से बचाव
अर्जुन की छाल दिल की सेहत के लिए कैसे लाभदायक है
अर्जुन (Terminalia arjuna) की छाल में मुख्य रूप से एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और कार्डियोप्रोटेक्टिव (हृदय की रक्षा करने वाले) गुण होते हैं. यह हृदय की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, ब्लॉकेज दूर करता है, खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करके गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) बढ़ाता है और रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे दिल की कार्यक्षमता सुधरती है.
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FAQ
अर्जुन की छाल, आंवला, हरड़ और बेल दिल को मजबूत करते हैं, कोलेस्ट्रॉल घटाते हैं और ब्लड प्रेशर संतुलित रखते हैं.
अर्जुन की छाल हृदय की मांसपेशियां मजबूत करती है, रक्त संचार सुधारती है, कोलेस्ट्रॉल कम करती है और दिल की कार्यक्षमता बढ़ाती है.
आंवला एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है, सूजन कम करता है, कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करता है और धमनियों को स्वस्थ रखकर दिल की रक्षा करता है.

