What is Chagas Disease: दुनियाभर में लगभग 80 लाख लोग चागास रोग के साथ जी रहे हैं. हैरानी की बात है. इसपर WHO ने एक बार फिर से जानकारी साझा की है. WHO ने जानकारी देते हुए बाताया कि चागास के मामले अधिकतर लैटिन अमेरिका में पाए जाते हैं. हालांकि विश्व स्वास्थ संगंठन ने इसके बचाव के लिए दवाई की भी जानकारी साझा की है.
आपको बता दें कि अगर समय रहते हुए चागास का इलाज नहीं किया जाए तो इसेस हार्ट फेलियर तक की भी कंडिशन सामने आ सकती है. WHO ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी. जानकारी के अनुसार लगभग एक तिहाई (1/3) मरीजों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
कई मुश्किलों का करना पड़ सकता सामना
WHO की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार जो मरीज इसका शिकार होते हैं, उन्हें हार्ट, पाचन या फिर न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम्स का सामना करना पड़ सकता है. यहां तक की संक्रमण के कई सालों या दशकों बाद यह अचानक हार्ट फेलियर (Heart failure) का कारण बन सकता है. चागास डिजीज एक ऐसी बीमारी है जो परजीवी ट्रिपैनोसोमा क्रूजी से फैलती है. इसका नाम ब्राज़ीलियाई डॉक्टर कार्लोस चागास के नाम पर पड़ा है. क्योंकि पहली बार 1909 में इस बीमारी को खोजा था.
इन दो दवाओं का किया जाता इस्तेमाल
सोशल मीडिया पर WHO ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बीमारी के इलाज में खास तौर पर दो तरह की दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है. पहला बेंजनिडाजोल और दूसरा निफर्टिमोक्स. ये दोनों दवाएं ट्रिपैनोसोमा क्रूजी (T. cruzi) परजीवी को खत्म करने में प्रभावी हैं. जानकारी के अनुसार अगर शुरुआती फेज में ये बीमारी है तो इन दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है.
कीड़ा फैलाता ये बीमारी
जानकारी के अनुसार ये एक ऐसी बीमारी है जो ट्रिपैनोसोमा क्रूजी नाम के कीड़े के कारण फैलती है. जिसे किसिंग बग के नाम से भी जाना जाता है. ऐसे में जब ये कीड़ा जब काटता है तो उसी समय जहां काटा वहीं पॉटी कर देता है. क्योंकि जब हमें कीड़ा, मक्खी काटता है तो हम उस जगह को तेज रगड़ देते हैं. लेकिन अगर ये कीड़ा काटे और तेजी से उस जगह पर रगड़ दें तो वहां मौजूद घाव आपके आंखों के जरिए शरीर में एंटर करता है.
इसके बाद धीरे-धीरे इसका इंफेक्शन फैलता है. लक्षणों पर अगर गौर किया जाए तो ये धीरे-धीरे दिखाई देते हैं. इसी कारण से इसे साइलेंट डिजीज भी कहा जाता है. शुरुआती स्टेज में ये बिल्कुल मामूली सा लगता है. जैसे बुखार आना, सिर दर्द होना, या फिर किसी फ्लू जैसा महसूस होना. लेकिन अगर आपको ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत ही डॉक्टर से जांच करवा लें.
क्या भारत को घबराना चाहिए?
क्या चागास रोग से भारत को घबराने की जरूरत है? तो इसका जवाब है नहीं. क्योंकि खासतौर पर ये बीमारी मेक्सिको, मध्य अमेरिका और दक्षिण अमेरिका में ही पाई जाती है. जिसके कारण भारत में इस बीमारी का खतरा नहीं है. लेकिन सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि जो लोग इन देशों से ट्रैवल करने के बाद वापस लौट रहे हैं, उन्हें इसका खास ख्याल रखना चाहिए. चागास पर WHO ने अलर्ट भी इसलिए दिया है क्योंकि कई लोग विदेश से यात्रा करके वापस लौट रहे हैं. जिसके कारण सावधानियां बरतना बेहद जरूरी होता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

