What Is Dysplasia Of The Hip: इन दिनों वरुण धवन अपनी बेटी लारा धवन को लेकर खूब चर्चा बटौर रहे हैं, दरअसल एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने उनकी बेटी की तबियत के बारे में बड़ा खुलासा किया. पॉडकास्ट में एक्टर ने खुलासा किया कि वरुण धवन को डेढ़ साल की उम्र से डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया ऑफ द हिप यानी (DDH) का शिकार हुई. जिसके कारण उन्हें चलने में काफी दिक्कत होती थी.
DDH एक ऐसी कंडिशन है जिसमें हिप्स अपने सॉकेट से निकल जाते हैं. इस कारण चलने में काफी दिक्कत होती है. कई बार ठीक तरह से व्यक्ति ठीक तरह से नहीं चल पाता. ऐसे में ये कंडिशन क्या है इसके शुरुआती लक्षण क्या है. इसपर डिटेल में जानकारी देने आए हैं.
इस कंडिशन से हो सकता आर्थराइटिस
वरुण ने पॉडकास्ट के दौरान खुलासा किया कि उनकी बेटी को डेढ़ साल की उम्र में ही DDH हुआ था. एक ऐसी कंडिशन जहां हिप अपने सॉकेट से निकल जाते हैं, और फिर ठीक तरह से चलने दौड़ने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है. यहां तक की इससे आर्थराटिस भी हो सकता है. यहां तक की स्लिप डिस्क का भी खतरा बढ़ जाता है.
वरुण ने ये भी जानकारी दी कि उन्हें इलाज के लिए किसी भी तरह की सर्जरी नहीं करवानी पड़ी और बिना किसी सर्जरी के बिप को सॉकेट में वापस ला दिया गया. अब एक्टर ने सभी पेरेंट्स को सलाह दी कि छोटी सी उम्र में ही वो अपने बच्चों की मूवमेंट को देखते रहें. जिसके कारण अगर किसी तरह की प्रॉब्लम हो या फिर DDH जैसी कंडिशन हो तो उसका समय रहते ही पहचाना जा सके. एक्टर ने बताया कि लारा को स्पाइका कास्ट में ढाई महीने बिताने पड़े थे.
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यहां जानें DDH के लक्षण | What Are Symptoms of DDH
DDH के लक्षण की अगर बात की जाए तो इसमें आप बच्चे के हिप को निटिस कर सकते हैं. आप नोट करेंगे कि हिप्स सॉकेट से निकली और बाहर की ओर नजर आती है. बच्चे के दोनों पैरों की लंबाई एक दूसरे से अलग होती है जांघों पर स्किन फॉल्ड्स नजर आने लगते हैं. पैरों की मोबिलिटी और फ्लेक्सिबिलिटी कम हो जाती है. कई केस में बच्चा लंगाड़ाता हुआ नजर आता है. कई बार बच्चे को चलने में परेशानी होती है और दूसरे बच्चों की तरह एक्टीविटीज नहीं कर पाते.
कब करवानी चाहिए जांच?
अब जांच की अगर बात की जाए तो बता दें कि बच्चों के हिप को देखकर DDH का पता लगाया जा सकता है. अगर जन्म के बाद ही ऐसा लग रहा है कि बच्चे की कमर स्टेबल नहीं तो आप 4 से 6 महीने के अंदर ही अल्ट्रासाउंड स्कैन करवा सकते हैं. इतना ही नहीं अगर परिवार में किसी को हिप से संबंधित दिक्कत आ रही हो या फिर बच्चा उल्टा पैदा हुआ हो या जुड़वा बच्चे हो तो DDH की जांच करवाई जा सकती है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


