Which yoga can be done in periods: पीरियड्स के दौरान फिट रहना थोड़ा-मुश्किल हो जाता है. शरीर से ब्लीडिंग के कारण महिलाएं कमजोरी और थकान महसूस करती हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि पीरियड्स के दौरान अगर आप कुछ योगासन करती हैं तो आप खुद को फिट रख सकती है. आज के आर्टिकल में हम बात करेंगे कि पीरियड्स के दौरान किस तरह के योगासन करने चाहिए. वहीं इन योगासन के फायदे क्या हैं.
एक्सपर्ट भी पीरियड्स के दौरान हल्के योगासन करने की सलाह देते हैं. उनके अनुसार अगर आप इन दिनों में योग को लाइफस्टाइल में शामिल करती हैं तो आप मूड स्विंग्स, पीरियड्स क्रैम्प्स, थकान से काफी हद तक लड़ सकती हैं. बस ध्यान रहे कि अपने शरीर के अनुसार हल्के योगासन करें.
कौन से योगासन रहेंगे बेहतर? | Which yoga can be done in periods?
- बालासन
- सुप्त बद्ध कोणासन
- विपरीत करणी
- मार्जरासन
- शवासन
- अनुलोम विलोम
- भ्रामरी
एक्सपर्ट कहते हैं कि पीरियड्स के दौरान हल्के और आराम दायक योगासन शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचाते हैं. शरीर में गतिविध बनी रहने से ब्लड सर्कुलेशन बहेतर रहता है. और मूड स्विंग्स की समस्या में आप खुद से बेहतर तरीके से लड़ सकते हैं. आरामदायक योगासन शरीर को रिलैक्स कराने में मदद करता है. ऐसे में शरीर में होने वाला दर्द ज्यादा महसूस नहीं होता. वहीं एक्सपर्ट बहुत भारी एक्सरसाइज करने के लिए मना करते हैं. अपने शरीर की क्षमता के अनुसार हल्के-फुल्के योगासन करें. वहीं अगर किसी प्रकार की कोई समस्या दिखाई देती है तो एक्सपर्ट से जरूर मिलें.
योग करने के फायदें
वैसे तो योगासन करने के अनेकों फायदे होते हैं. शरीर में बल्ड सर्कुलेशन बेहतर रहता है, मांसपेशियों में लचीलापन बढ़ता, शऱीर में बैलेंस बनता है और सभी अंगों तक बराबर मात्रा में ब्लड पहुंचता है. ऐसे में थकान, कमजोरी जैसी समस्या परेशान नहीं करती. लेकिन पीरियड्स में योग करने के अपने फायदें हैं. जैसे, योग करने से पेट और पीठ की मांसपेशियां ढीली होती हैं, जिससे क्रैम्प्स और दर्द में काफी राहत मिलती है. हल्की-फुल्की स्ट्रेचिंग वाले योगासन करने और गहरी सांस लेने से शरीर को आराम मिलता है. शरीर में भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचती है और स्ट्रेस लेवल कम होता है.
इसके अलावा शरीर में हार्मोनल बदलाव के कारण मन चिड़चिड़ा हो जाता है. कई लोगों को मूड स्विंग्स की समस्या रहती है. योग मूड स्विंग्स और मन के उतार-चढ़ाव में भी आराम पहुंचाता है. मन शांत करता है. इसलिए इन दिनों में योग करने के अपने फायदे होते हैं. बस ध्यान रहे कि भारी और हाई इंटेसिटी जैसी एक्सरसाइज करने से बचें.
इन बातों का रखें ध्यान
पीरियड्स में योग करना बेहतर होता है. लेकिन कुछ शीर्षासन, हलासन, धनुरासन, और सर्वांगासन जैसे योग करने से बचना चाहिए. ये उल्टे और कठिन योगासन होते हैं. इनके अलावा तेज गति वाले प्राणायाम, जैसे, कपालभाति, भस्त्रिका और सूर्य नमस्कार करने से बचना चाहिए. इन्हें करने से ब्लीडिंग और दर्द की समस्या बढ सकती है.
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FAQs
सवाल: क्या पीरियड्स में योग करना सुरक्षित है?
जवाब: हां, हल्के और आरामदायक योगासन करना सुरक्षित हो सकता है.
सवाल: पीरियड्स में कौन-से योगासन बेहतर हैं?
जवाब: बालासन, बटरफ्लाई पोज़ और कैट-काउ जैसे हल्के योगासन आराम देने में मदद कर सकते हैं.
सवाल: पीरियड्स में कब योग नहीं करना चाहिए?
जवाब: यदि तेज दर्द, अत्यधिक ब्लीडिंग या कमजोरी हो, तो योग करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

