Why is my body itching in monsoon: मानसून के दिनों में लोगों को उमस के कारण खुजली होने लगती है. खुजली की समस्या के कारण स्किन खराब होने लगती है. वहीं ये स्किन को खराब करने का काम करता है. ऐसे में स्किन की खुबसूरती खराब होने लगती है. आज के आर्टिकल में हम जानेंगे आपको अपनी स्किन का ख्याल कैसे रखेंगे.
बार-बार खुजली करने से स्किन में दाग-धब्बे पड़ जाते हैं. ये स्किन की नेचुरल चमक गायब कर देते हैं. ऐसे में स्किन की खूबसूरती पर गहरा असर पड़ता है, अगर आप स्किन पर लगातार खुजली करते हैं तो आपके ये दाग-धब्बे लंबे समय तक स्किन पर बने रह सकते हैं. वहीं खुजली की समस्या से बचने के लिए आप कुछ टिप्स अपना सकते हैं.
मानसून में खुजली क्यों बढ़ जाती है?
नमी और पसीना
बारिश के दिनों में वातावरण में नमी काफी बढ़ जाती है. ऐसे में शरीर में चिपचिपाहट होने लगती है. वहीं पसीना भी जल्दी सूख नहीं पाता. शरीर में चिपका ये पसीन खुजली का कारण बनात है. इसिलए कोशिश करें कि स्किन पर लंबे समय तक नमी ना हो.
फंगल इंफेक्शन
मानसून में दाद (Ringworm), एथलीट फुट और जॉक इच जैसे फंगल इंफेक्शन ज्यादा देखने को मिलते हैं. ये संक्रमण स्किन की सिलवटों, पैरों की उंगलियों के बीच, कमर और बगल में अधिक होते हैं. इसलिए कोशिश करें की शरीर की सफाई रखें. अगर आपने अपने शरीर की सही तरीके से साफ-सफाई नहीं रखी तो खुजली के अलावा आपको फंगल इंफेक्शन होने का खतरा भी हो सकता है.
गीले कपड़े पहनना
अगर आप बारिस के दिनों में भीग गए हैं तो कोशिश करें कि जितना जल्दी हो सके सूखा लें. ताकि खुजली की समस्या परेशान ना करें. क्योंकि शरीर पर जरूरत से ज्यादा समय तक गीले कपड़े भी स्किन में खुजली की समस्या बढ़ाते हैं.
एलर्जी
कुछ लोगों को मानसून के मौसम में धूल, फफूंदी (Mold), कीड़ों के काटने या कुछ साबुन और डिटर्जेंट से एलर्जी हो सकती है. ऐसे में स्किन पर खुजली शुरू होने लगती है. यह भी खुजली होने का बड़ा कारण होता है. इसलिए जिन लोगों को मानसून के दिनों से एलर्जी की समस्या है उन्हें डॉक्टर की सलाह लेते रहनी चाहिए.
स्किन की सफाई में कमी
मानसून के दौरान स्किन की साफ-सफाई करनी बेहद जरूरी है. पसीना, धूल और गंदगी के कारण स्किन में खुजली की समस्या पैदा करता है. अगर आप बाहर जाते हैं तो धूल मिट्टी से बचकर रहें. वहीं अक्सर बारिश के दिनों में जगह-जगह पानी भरा होता है. कोशिश करें उस गंदे पानी और मिट्टी से बचकर निकले. ये भी स्किन में खुजली का कारण बनते हैं.
खुजली से बचने के टिप्स
- शरीर को हमेशा साफ और सूखा रखें.
- बारिश में भीगने के बाद तुरंत सूखे कपड़े पहनें.
- कॉटन के ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें.
- रोजाना स्नान करें और त्वचा को अच्छी तरह सुखाएं.
- दूसरों के तौलिये, कपड़े या जूते इस्तेमाल करने से बचें.
- पैरों को सूखा रखें और गीले जूते-मोजे तुरंत बदलें.
- यदि पसीना ज्यादा आता है तो दिन में एक-दो बार कपड़े बदलें.
डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
अगर आपके शरीर में एक हफ्ते से ज्यादा खुजली बनी रहती है. या फिर स्किन पर रैशेज आने लगते हैं. वहीं कभी-कभार ये रैशेज कई हिस्सों में फैल जाते हैं. स्किन को छूने में दर्द, सूजन महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए. किसी ऐसे स्किन स्पेशलिस्ट से मिले जो आपकी स्किन की जांच करे और उचित दवाईयों के बारे में जरूरी सलाह दें. बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी प्रकार की कोई दवा गंभीर समस्या कर सकती है.
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FAQs
सवाल. मानसून में स्किन का ख्याल कैसे रखें?
जवाब. त्वचा को साफ और सूखा रखें, कॉटन के कपड़े पहनें, हल्का मॉइस्चराइज़र लगाएं और जरूरत पड़ने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें.
सवाल. खुजली से स्किन की खूबसूरती पर क्या असर पड़ता है?
जवाब. बार-बार खुजलाने से त्वचा पर लाल निशान, दाग-धब्बे और रैशेज हो सकते हैं, जिससे स्किन की चमक कम हो सकती है.
सवाल. मानसून में खुजली क्यों बढ़ जाती है?
जवाब. उमस, पसीना और बढ़ी हुई नमी के कारण फंगल इंफेक्शन और स्किन एलर्जी का खतरा बढ़ जाता है.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

