Cavity Home Remedies: दांतों की समस्या समय रहते पहचान ली जाए तो बेहतर होता है. ताकि आप समय रहते अपने दांतों को गंभीर नुकसान से बचा सकें. पहले के समय में दांतों में कीड़े लगना कैविटी की समस्या बढ़ती उम्र की निशानी मानी जाती थी. वहीं आज तेजी से ये समस्या भी बढ़ रही है. छोटे बच्चों से लेकर युवा तक दांतों की समस्या को लेकर डॉक्टर के पास जाते हैं. आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि ऐसे कौन से उपाय हैं जिन्हें आप अपनाकर अपने दांतों की समस्या को खराब होने से बचा सकते हैं. वहीं साथ में जानेंगे कि समय रहते कैसे दांतों की समस्या को पहचानें.
दांतों में कैविटी लगने वाली है? | Tooth Cavity Symptoms
अक्सर दांतों में कैविटी लगने की शुरूआत छोटे-छोटे संकेतों से हो जाती है. अक्सर लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं. जैसे, दांतों में गर्म, ठंडा लगना. अगर किसी भी प्रकार की कोई ठंडी चीज खाते हैं और अगर आपके दांतों में लग रहा है तो समझ जाएं कि कैविटी लगनी शुरू हो चुकी है. इसके अलावा दांतों में झनझनाहट, हल्का दर्द महसूस होना, दांतों पर सफेद, भूरे या काले धब्बे दिखाई देना, खाना दांतों में फंसने लगना, वहीं लगातार मुंह से बदबू आना कैविटी की शुरूआत होते हैं. इन संकेतों को पहचान कर आपको तुरंत दांतों के पास जाने की जरूरत है. समय रहते डेंटिस्ट से चेकअप कराएं और जरूरी सलाह का पालन करें.
कैविटी ना लगे, इसलिए अपनाएं ये उपाय | How to heal a cavity without fillings
दिन में दो बार ब्रश करना जरूरी
अगर आप चाहते हैं कि आपके दांतों में कैविटी ना लगे. इसके लिए दिन में दो बार ब्रश करें. सुबह और रात सोने से पहले कम से कम दो मिनट तक ब्रश करें. ऐसे टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें जिनमें फ्लोराइड हो, एक्सपर्ट कहते हैं कि फ्लोराइड दांतों के एनामेल को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है. ब्रश करते समय दांतों की बाहरी, अंदरूनी और चबाने वाली सतह को अच्छी तरह साफ करें.
फ्लॉस करना न भूलें
दांतों को ब्रश करने के बाद फ्लॉस भी करें. लेकिन ध्यान से सही तरीके से किया जाना चाहिए. फ्लॉस करने से दांतों के बीच में फंसा खाना निकलने में मदद करेगा. इसलिए रोजाना सही तरीके से फ्लॉस करें. क्योंकि दांतों के बीच फंसा खाना बैक्टीरिया पनपता है.
मीठी चीजों का सेवन सीमित करें
हांलाकि दांतों की साफ-साफाई के साथ-साथ कुछ चीज़ों का सेवन भी बंद करना चाहिए जैसे, चॉकलेट, कैंडी, टॉफी, कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस और ज्यादा चीनी वाला खाना. वहीं अगर आपने मीठा खाना खा लिया है तो आप उसके बाद कुल्ला जरूर करें.
खाने के बाद कुल्ला करें
खाना खाने के बाद दांतों को कुल्ला जरूर करें. ऐसा करने से दांतों के बीच फंसा खाना निकलने में मदद करता है. वहीं दांत भी साफ-सफाई बनी रहती है.
बच्चों के दांतों का भी रखें खास ख्याल
कई लोगों के बीच ये धारणा है कि बच्चों के दूध के दांत होते हैं. ऐसे में उन्हें देखभाल की जरूरत नहीं. लेकिन ऐसा नहीं होता. बच्चों केदातों की केयर करना भी उतना ही जरूरी है जितना बड़ों के दातों कि, एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर उनके दांतों में एक बार कैविटी लग गई तो ये बाद में भी परेशान कर सकती है. इसिलए कोशिश करें कि बच्चों के दांतों में कैविटी ना लगने दें.
दांतों की हाइजीन को लेकर हुई रिसर्च
दांतों में कैविटी से बचाव को लेकर कुछ रिसर्च भी देखने को मिली है. ऐसे में जानेंगे कि रिसर्च क्या कहती है. रिसर्च में पाया गया कि फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट दांतों की बाहरी परत यानि एनामेल को मजबूत बनाए रखती है. इसके अलावा आपको नियमित हाइजीन का ध्यान रखने की भी जरूरत है. जैसे, दिन में दो बार ब्रश करना, फ्लॉस करना, मीठा कम खाना और समय-समय पर डेंटल चेकअप आपके दांतों में कैविटी लगने से बचाने में मदद करेगा.
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FAQs
सवाल. दांतों में कैविटी क्यों होती है?
जवाब. मुंह के बैक्टीरिया शुगर को एसिड में बदल देते हैं, जो दांतों की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचाकर कैविटी बना सकते हैं.
सवाल. कैविटी से बचने का सबसे आसान तरीका क्या है?
जवाब. दिन में दो बार फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से ब्रश करें, फ्लॉस करें और मीठी चीजों का सेवन सीमित रखें.
सवाल. कैविटी के शुरुआती संकेत क्या हैं?
जवाब. ठंडी-गर्म चीजों पर झनझनाहट, दांतों पर सफेद या काले धब्बे, हल्का दर्द और खाना फंसना कैविटी के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

