Homemade Eye Drop: सोशल मीडिया के जमाने में सोशल प्लेटफॉर्म पर तरह-तरह के घरेलू नुस्खे ट्रेंड करते हैं. ऐसे में आजकल आंखों में डालने के लिए आई ड्रॉप भी ट्रेंड में बनी है. लेकिन क्या आपको लगता है कि इन पर आंख बंद करके विश्वास कर लेना चाहिए? अगर आप परेशान हैं तो आज के आर्टिकल में हम बताएं कि इस पर रिसर्च क्या कहती है? चलिए जानते हैं.
इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कॉस्मेटिक साइंस के अनुसार घर पर बनाए जाने वाले काजल, मस्कारा, आईलाइनर, आई मेकअप रिमूवर और पलकों की देखभाल से जुड़े कई नुस्खे सुरक्षित नहीं होते, इनके इस्तेमाल से आंखों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है. शोधकर्ताओं ने फ्रेंच और अंग्रेजी भाषा के ब्लॉग, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक, पिंटरेस्ट और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म से 275 DIY रेसिपी का विश्लेषण किया. इसमें उन्होंने पाया कि इन रेसिपी में इस्तेमाल होने वाले पदार्थों की मात्रा अक्सर स्पष्ट नहीं होती और कई बार ऐसे तत्वों का उपयोग करने की सलाह दी जाती है जो आंखों के लिए सुरक्षित नहीं होते. ऐसे में ये आंखों को फायदा पहुंचाने की बजाए नुकसान पहुंचा सकते हैं.
घर पर बनाएं गए नुस्खे सुरक्षित क्यों नहीं?
अध्ययन में पाया गया कि अधिकांश घरेलू मस्कारा, आईशैडो, आई मेकअप रिमूवर और पलकों को रंगने वाले प्रोडक्ट में पर्याप्त प्रिजर्वेटिव का इस्तेमाल नहीं किया जाता. कई रेसिपी में कैस्टर ऑयल, ऑलिव ऑयल, एलोवेरा जेल और फ्लोरल वॉटर जैसे तत्व शामिल होते हैं, जो समय के साथ बैक्टीरिया और फंगस के लिए अनुकूल वातावरण बना सकते हैं. एक्सपर्ट कहते हैं कि एलोवेरा जेल में प्राकृतिक रूप से कुछ बैक्टीरिया और यीस्ट मौजूद हो सकते हैं. अगर इन उत्पादों में एंटीमाइक्रोबियल प्रिजर्वेटिव न मिलाया जाए, तो सूक्ष्मजीव तेजी से बढ़ सकते हैं और आंखों में संक्रमण का कारण बन सकते हैं. ऐसे में आंखों को नुकसान होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है.
सेंसिटिव ऑर्गन हैं हमारी आंखें
हमारे शरीर में सबसे ज्यादा आंखें सेंसिटिव होती है. छोटी-सी गलती हमारी आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है. प्रिस्क्राइब्ड आई ड्रॉप्स खास तौर से लैब में स्टेराइल प्रोसेस के साथ तैयार किया जाता है, जिससे आई ड्रॉप में बैक्टीरिया, फंगस या दूसरे हानिकारक तत्व शामिल ना हो पाएं. वहीं घर में तैयार किये जाने वाले आई ड्रॉप लैब के मुकाबले सुरक्षित नहीं होते, उनमें बैक्टीरिया या फंगस पनपने का खतरा ज्यादा होता है. इसलिए घर में बनाए गए आई ड्रॉप सुरक्षित नहीं माने जाते.
बरतें सावधानी
एक्सपर्ट कहते हैं कि आंखें हमारे शरीर के सेंसिटिव अंग में से एक है. इसलिए आंखों के आसपास या फिर आंखों में इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोडक्ट की क्वालिटी साइंटिफिक होनी जरूरी है. DIY कॉस्मेटिक्स में प्रिजर्वेटिव की भारी कमी रहती है. ऐसे में उनके इस्तेमाल से जलन, संक्रमण और अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए एक्सपर्ट आंखों के लिए केवल प्रमाणित और सुरक्षा मानकों पर खरे उतरने वाले प्रोडक्ट का उपयोग करने की सलाह देते हैं.
यह भी पढ़ें: अकेलापन पर WHO की रिपोर्ट…दुनिया में हर 6 में से 1 व्यक्ति Loneliness का कर रहा सामना
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

