Workplace Anxiety: बदलते दौर में कॉम्पिटिशन तेजी से बढ़ रहा है. वहीं ये कॉम्पिटिशन वर्कप्लेस से भी अछूता नहीं है. ऑफिस में बेहतर परफॉर्मेंस के चलते स्ट्रेस भी बढ़ता जा रहा है. ये स्ट्रेस न सिर्फ बेहतर परफॉर्मेंस का होता है बल्कि ऑफिस में जल्दी पहुंचना, वर्कप्लेस पर कलिंग से कॉम्पिटिशन, वर्क लोड का बढ़ना, काम के बढ़ते घंटे, घर और ऑफिस के काम में बैलेंस रखना, ये सभी कारण स्ट्रेस बढ़ाते हैं. लेकिन जब ये स्ट्रेस हद से ज्यादा बढ़ जाए तो एंग्जायटी का खतरा बना देता है. वर्कप्लेस पर काम कैसे एंग्जायटी में बदल रहा है? इसे मैनेज कैसे किया जाएं? गौरतलब है कि अगर समय रहते स्ट्रेस को मैनेज न किया जाए तो ये मेंटल हेल्थ खराब कर सकती है.
आंकड़ों के अनुसार, मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ने (मानसिक बीमारी) और खराब स्वास्थ्य के कारण भारत में हर साल लगभग 32,000 से 35,000 लोग आत्महत्या करते हैं. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ‘भारत में दुर्घटनावश मौतें और आत्महत्याएं’ (ADSI) रिपोर्ट के अनुसार, 2022 और 2023 के दौरान इस श्रेणी में क्रमशः 31,484 और 32,503 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई.
काम का तनाव एंग्जायटी को कैसे प्रभावित करता है?
वर्कप्लेस का प्रेशर स्ट्रेस पैदा करता है. ऐसे में व्यक्ति लगातार तनाव में रहता. अगर व्यक्ति लगातार तनाव में रहता है तो शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे स्ट्रेस हार्मोन बढ़ जाते हैं. ये स्ट्रेस हार्मोन लगातार चिंता, बेचैनी, घबराहट, नींद की समस्या और फोकस करने में कठिनाई पैदा करते हैं. ऐसे में व्यक्ति की मेंटल हेल्थ पर असर पड़ता है.
ऑफिस एंग्जायटी से कैसे बचें?
काम लोड लेने से बचें
एक्सपर्ट कहते हैं कि सुबह की शुरूआत पूरे दिन पर निर्भर करती है. अगर आपके दिन की शुरूआत अच्छे से होती है तो आपका पूरा दिन बेहतर बीतता है. इसलिए सुबह की शुरूआत के प्रति थोड़ी सतर्कता बरतें. सुबह-सुबह वर्क लोड लेने से बचें. साथ ही काम के बारे में बार-बार सोचने से बचें. सुबह-सुबह सकारात्म सोच रखें, और दिन की बेहतर शुरूआत करने के लिए कुछ मिनट ध्यान, स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज, योग व पार्क में वॉक करने जैसी एक्टिविटी करें. इससे आपका दिमाग शांत होता है और चिंता कम होती है.
एक साथ ज्यादा काम न करें
ऑफिस में अधिकतर लोग वर्कलोड को कम करने के लिए एक साथ ज्यादा काम करने लगते हैं. लेकिन इस तरह से किया हुआ काम आपके स्ट्रेस लेवल को बढ़ा सकता है. इसलिए काम को सही तरह से डिवाइट करें. उसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर करें. ऐसे में दिमाग पर ज्यादा लोड नहीं पड़ेगा. एक साथ किया गया काम दिमाग को तेजी से थकाने का काम करता है. ऐसे में स्ट्रेस लेवल ट्रिगर होता है. इसलिए एक साथ वर्कलोड लेने से बचें.
एक्सरसाइज करें
कुछ योगासन स्ट्रेस लेवल को कम करने में मदद करते हैं. इसलिए आप अपने स्ट्रेस लेवल को मैनेज करने के लिए कुछ योगासन कर सकते हैं. जैसे बालासन (Child’s Pose), शवासन (Shavasana), भुजंगासन (Cobra Pose), सेतुबंधासन (Bridge Pose) और वज्रासन (Vajrasana)। ये योगासन शरीर को रिलैक्स करने, दिमाग को शांत करने में मदद करते हैं.
ऑफिस डेस्क पर ज्यादा समय तक न बैठें
ऑफिस में घंटों स्क्रीन पर देखने और काम करने से बचें. घंटों तक एक ही जगह पर बैठने से फिजिकल और मेंटल दोनों ही हेल्थ पर बुरा असर पड़ता है. इस आदत को बदलने के लिए आप ऑफिस में हर 20 से 30 मिनट के बीच हल्की वॉक करें या शॉर्ट वॉक करें.
भरपूर नींद लें
कई लोगों को ऑफिस वर्क लोड के कारण नींद सही से नहीं आती ऐसे में वह अपनी भरपूर नींद नहीं ले पाते. बता दें कि नींद की कमी भी स्ट्रेस लेवल को बढ़ाने का काम करती है. इसलिए स्ट्रेस से बचने के लिए आपको कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लेनी जरूरी है.
इन बातों का भी रखें ध्यान
ऑफिस एंग्जायटी से बचने के लिए सबसे पहले काम का सही प्लान बनाना और टास्क को छोटे हिस्सों में बांटना मददगार होता है, जिससे दबाव कम महसूस होता है. नियमित ब्रेक लेना, गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज (breathing exercises) और हल्की स्ट्रेचिंग तनाव को कम कर सकती है. काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है ताकि मानसिक थकान न बढ़े. इसके अलावा पर्याप्त नींद, हेल्दी डाइट और कैफीन का सीमित सेवन चिंता को कम करने में मदद कर सकते हैं. अगर एंग्जायटी लगातार बनी रहे, तो किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है.
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FAQs
सवाल: ऑफिस एंग्जायटी से बचने के लिए क्या टिप्स अपनाने चाहिए?
जवाब: काम को प्लान करके करना, नियमित ब्रेक लेना, पर्याप्त नींद लेना, हल्की एक्सरसाइज या योग करना और जरूरत पड़ने पर किसी से बात करना ऑफिस एंग्जायटी को कम करने में मदद कर सकता है.
सवाल: ऑफिस एंग्जायटी के मुख्य कारण क्या हो सकते हैं?
जवाब:टाइट डेडलाइन, ज्यादा काम का दबाव, नौकरी की चिंता और काम-जीवन में असंतुलन ऑफिस एंग्जायटी के मुख्य कारण हो सकते हैं.
सवाल: क्या ज्यादा वर्कलोड से सेहत खराब हो सकती है?
जवाब: हां, लगातार ज्यादा वर्कलोड से तनाव, थकान, नींद की कमी और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

