Sehat Ki Khabar: नमस्कार फिट रहे इंडिया की लेटेस्ट अपडेट्स में आपका स्वागत है. जब किडनी के काम करने की क्षमता धीरे-धीरे खत्म हो जाती है, तो इसे किडनी फेलियर कहा जाता है. चीन में एक व्यक्ति किडनी फेलियर का शिकार हुआ और प्रेशर कुकर की मदद से घर पर ही डायलिसिस करने लगा. किडनी फेलियर के लक्षण और इसके कितने प्रकार होते हैं. इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के पहले सेगमेंट में.
पुरुषों को भी होता है ब्रेस्ट कैंसर हॉलिवुड के मशहूर एक्टर इसका शिकार हुए. जिसपर उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना दुख शेयर किया. क्या है Male Breast Cancer इसके लक्षण और पुरुषों में ये क्यों होता है. इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के दूसरे सेगमेंट में. केरल में जानवरों से फैलने वाला वायरस जिसे निपाह वायरस कहा जाता है. उसका एक मामला सामने आया है.. निपाह वायरस क्या होता है. इसके लक्षण क्या होते हैं. इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के तीसरे और आखिरी सेगमेंट में. चलिए शुरू करते हैं.
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किडनी फेलियर का कारण
हमारे शरीर में किडनी कई तरह के काम करती है. जैसे खून को फिल्टर करना, टॉक्सिक पदार्थों को शरीर से यूरिन के जरिए बाहर निकालना. जिससे की हम एक हेल्दी लाइफ जी सकते हैं. लेकिन हम अपनी डेली लाइफ में ऐसी गलतियां कर देते हैं जिनका असर किडनी पर पड़ता है.
कुछ मामलों में तो सिर्फ एक ही किडनी पर असर पड़ता है. लेकिन कुछ ऐसे मामले होते हैं जिसमें दोनों किडनी खराब हो जाती है. इसे किडनी फेलियर कहा जाता है. चीन में एक व्यक्ति किडनी फेलियर का शिकार हुआ था. जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे डायलिसिस की सलाह दी थी. लेकिन खर्च ज्यादा था, जिसके कारण व्यक्ति डायलेसिस नहीं करवा सकता था. हालांकि कुछ सालों तक व्यक्ति ने अस्पताल से इलाज करवाया था. डायलैसिस करवाया. लेकिन एक समय के बाद आर्थिक स्थिती कमजोर होने से अस्पताल से इलाज करवा पाना भी हू के लिए मुश्किल भरा साबित हो रहा था. इसपर हू ने एक तरकीब निकाली और घर पर ही प्रेशर कूकर की मदद से डायलिसिस मशीन तैयार कर ली. 13 सालों तक अपना इलाज खुद किया. जिसके बाद सरकार की नजर में ये जानकारी आई.
सरकार ने हू को हेल्थ स्कीम में शामिल कर लिया. जिसके बाद इलाज सस्ता हुआ. अब जान लेते हैं कि आखिर किडनी फेलियर के कितने तरीके होते हैं. ये जानने के लिए हमने बात की डॉक्टर अनुजा पोरवाल से. उनसे ये जानने की कोशिश की गई कि किडनी फेलियर के कितने प्रकार होते हैं.आइए जानते हैं.
किडनी फेलियर के कितने प्रकार होते हैं?
दो तरह के किडनी फेलियर होते हैं
- Acute Kidney injury: एक्यूट किडनी इंजरी की कंडिशन तब होती है जब कोई सर्जरी हो या फिर ट्रीटमेंट के बाद किडनी में बदलाव आ रहा हो. इंफेक्शन आ रहा हो.. तो इसे एक्यूट किडनी इंजरी कहा जाता है. यानी इसे ठीक किया जा सकता है. एक बार मरीज को ट्रीटमेंट दिया जाए तो इसे ठीक किया जा सकता है.
- CKD/ KIDNEY Failure: किडनी फेलियर का दूसरी कंडिशन धीरे-धीरे डेवलप होती है. यानी धीरे-धीरे किडनी के काम करने की पावर कम होती जाती है.. यानी किडनी के काम करने के तरीके कमजोर होने लगते हैं. इसे मेडिकल टर्म में डॉक्टर CKD या फिर किडनी फेलियर कहते हैं. हमने जाना किडनी फेलियर के कितने प्रकार होते हैं.
किडनी खराब के लक्षण क्या होते हैं?
-शरीर में सूजन आना
-BP अनकंट्रोल्ड
-शुगर कम होना
-भूख कम होना
-शरीर में खुजली होना
-ड्राई स्किन
-नींद न आना
-चलते हुए सांस फूलना
-चेहरे पर सूजन आना
-रात में बार-बार यूरिन आना
-खाना देखकर न खाने की इच्छा होना
-ब्रश करने के बाद अल्टी आना
-बार-बार उल्टी का मन करना
-खून की कमी
किडनी खराब होने की कंडिशन हो सकते हैं. इसलिए अगर आपको भी ये लक्षण महसूस होते हैं. तो इन्हें इग्नोर न करें और समय रहते डॉक्टर से जांच करवा लें.
Male Breast Cancer क्या होता है?
हॉलीवुड एक्टर ब्रेस्ट कैंसर का शिकार हुए. जिसकी जानकारी उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट की. उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका ट्रीटमेंट चल रहा है. लेकिन वो इस बारे में पुरुषों को अवेयर करना चाहते हैं. क्योंकि अक्सर इसे महिलाओं की बीमारी समझकर इग्नोर कर दिया जाता है. लेकिन पुरुष भी इसका शिकार होते हैं, उन्होंने इस वीडियो में बताया.
लेकिन ऐसा नहीं है क्योंकि ये बीमारी पुरुषों में भी देखी जाती है. फेमस रेसलर ने ये जानकारी सोशल मीडिया पर इसलिए ही दी है ताकि पुरुषों में भी इस बीमारी को लेकर अवेयरनेस और जागरूकता बढ़ाई जा सके. सोशल मीडिया पर पोस्ट में टायलर लिखते हैं कि ‘हां मुझे ब्रेस्ट कैंसर हुआ है ये बहुत ही रेयर है. दुनिया में सिर्फ 1 प्रतिशत पुरुष ब्रेस्ट कैंसर का शिकार होते हैं’.
हर साल 1.5 लाख से 2 लाख नए मामले सामने आए
अक्सर इस बीमारी को महिलाओं से जुड़ी बीमारी से जोड़ते हुए देखा जाता है. रिपोर्ट्स बताती है कि हर साल 1.5 लाख से 2 लाख नए मामले महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के सामने आते हैं. जिसके कारण महिलाओं में इसकी जागरूकता अधिक है. 1 प्रतिशत पुरुष इस बीमारी का शिकार होते हैं और शर्म से वो इस बारे में किसी और को नहीं बता पाते हैं. नतीजा ये बीमारी जब आखिरी स्टेज में पहुंच जाती है जब डॉक्टर के पास जाते हैं.
अजीब और शर्मिंदगीभरा था
ऐसा ही कुछ टायलर के साथ भी हुआ. उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि बहुत ईमानदारी से मैं अपने दिल की बात शेयर कर रहा हूं. उन्होंने कहा कि मेरा पहला रिएक्शन इस बीमारी को सुनकर यही था कि मैं इस बात को सबसे छिपा कर रखूं. क्योंकि ये बहुत अजीब और शर्मिंदगी भरा था. लेकिन फिर मुझे इस बात की जानकारी मिली कि पुरुष अक्सर इस बीमारी में आखिरी स्टेज में जाकर डॉक्टर के पास तक पहुंचते हैं. क्योंकि इस बारे में अवेयरनेस नहीं है कोई उनसे इस बारे में बात ही नहीं करता और ध्यान भी नहीं देता है.
पुरुषों में क्यों देखी जाती है समस्या?
अब जान लेते हैं कि पुरुषों में ये समस्या क्यों देखी जाती है, तो इसका जवाब है कि ये किसी को भी हो सकता है. लेकिन पुरुषों की बढ़ती उम्र में ये अधिक देखा जाता है. बढ़ती उम्र में इसका अधिक खतरा देखा जाता है. कैंसर का हमेशा एक कनेक्शन जेनेटिक्स से जुड़ा होता है. अगर परिवार में किसी को पहले ब्रेस्ट कैंसर रहा हो तो इसका खतरा पुरुषों को भी हो सकता है. अगर पुरुष के शरीर में एस्ट्रोजन (महिला हार्मोन) का लेवल बढ़ जाए या टेस्टोस्टेरोन (पुरुष हार्मोन) का लेवल कम हो जाए, तो खतरा बढ़ता है. अधिक फैट एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल बढ़ाता है. जो हमने बताया कि कैंसर की बीमारी का कारक है. लिवर की बीमारी के कारण जैसे सिरोसिस जैसी लिवर की बीमारियां भी शरीर के हार्मोन्स का बैलेंस बिगाड़ देती हैं.
निपाह वायरस क्या होता है
केरल में निपाह वायरस तेजी से फैल रहा है. ये वायरस जानवरों के जरिए इंसानों में फैलता है. खासतौर पर ये चमकादड़ों से फैलता है. अगर कोई संक्रमित व्यक्ति संपर्क में आ जाए तो ये तेजी से दूसरे में भी फैल सकता है. इसलिए सावधानी के लिए इसके लक्षण जानना जरूरी है. तेज बुखार आना, सिरदर्द होना, उल्टी और चक्कर आना, सांस लेने में तकलीफ होना, मसल्स में दर्द होना, भ्रम या फिर मानसिक स्थिती में बदलाव होना, दिमाग में सूजन या फिर कोमा की स्थिती पैदा होना. केरल से इस वायरस का पहला केस सामने आया है. जिसके बाद पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया गया है. इतना ही नहीं संक्रमित व्यक्ति जिन लोगों के संपर्क में आया था उन्हें और बाकी अस्पताल के स्टाफ को भी क्वारंटीन रहने को कहा गया है.
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