World No Tobacco Day: विश्व तंबाकू निषेध दिवस को लेकर केंद्र सरकार ने तंबाकू के सेवन के रोकथाम करने को लेकर एक मजबूत कदम उठाया है. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने तंबाकू-मुक्त शैक्षणिक संस्थान (Tobacco-Free Educational Institutions – ToFEI) का पायलट एप्लिकेशन लॉन्च किया. यह डिजिटल पहल देशभर के स्कूल-कॉलेज और इंस्टीट्यूट को तंबाकू-मुक्त बनाने और निगरानी प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है.
इस अवसर पर उन्होंने तंबाकू उत्पादों के नमूने इकट्ठे करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedure – SOP) भी जारी की यह SOP तंबाकू उत्पादों की जांच, निगरानी और रिपोर्टिंग प्रक्रिया को एकरूप और वैज्ञानिक बनाने में मदद करेगी.
ToFEI पायलट एप्लिकेशन तंबाकू सेवन पर रखेगा नजर
ToFEI पायलट एप्लिकेशन को खोसतौर से स्कूलों, कॉलेजों और एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के लिए बनाया गया है. यह ऐप इंस्टीट्यूट को तंबाकू-मुक्त मानकों का पालन करने में मदद करेगा, साथ ही उल्लंघन करने वालों की रिपोर्टिंग करेगा. इसके जरिए संस्थानों की रैंकिंग और अनुपालन स्थिति का भी डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा.
हर साल लाखों लोगों की होती मृत्यु
तंबाकू के सेवन से दुनिया भर में हर साल 80 लाख से अधिक लोगों की मौत होती है, जिसमें 13 लाख से अधिक मौतें केवल भारत में होती हैं. वैश्विक स्तर पर, इन मौतों में से 70 लाख से अधिक सीधे तंबाकू के उपयोग के कारण और लगभग 12 लाख अप्रत्यक्ष (पैसिव स्मोकिंग) कारणों से होती हैं. गौरतलब है कि तंबाकू सेवन एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है, जो हर साल लाखों लोगों की मृत्यु का कारण बनती है. विशेष रूप से युवा वर्ग में तंबाकू की लत को रोकना सरकार की प्राथमिकता है. इसी दिशा में यह डिजिटल पहल एक आधुनिक और प्रभावी समाधान के रूप में देखी जा रही है.
श्रीमती श्रीवास्तव ने इस अवसर पर कहा कि तंबाकू मुक्त वातावरण बनाने में शिक्षा संस्थानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने जोर दिया कि यदि स्कूल और कॉलेज तंबाकू मुक्त होंगे, तो आने वाली पीढ़ी को इसके दुष्प्रभावों से बचाया जा सकेगा.
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य प्रतिनिधि और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे. सभी ने इस पहल को तंबाकू रोकथाम की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया. सरकार का मानना है कि ToFEI एप्लिकेशन और SOP के जरिए से न केवल निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि देश में तंबाकू मुक्त वातावरण बनाने के लक्ष्य को भी गति मिलेगी.
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