Sehat Ki Khabar: नमस्कार फिट रहे इंडिया की लेटेस्ट अपडेट्स में आपका स्वागत है. 6 घंटे से अधिक समय बढ़ा रहा हाई बीपी का रिस्क इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के पहले सेगमेंट में. कंधें और गर्दन में दर्द लेकर घूम रहे युवा इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के दूसरे सेगमेंट में. धूप से आकर क्यों नहीं पीना चाहिए ठंडा पानी जानेंगे सेहत की खबर के तीसरे और आखिरी सेगमेंट में.
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पहले सेगमेंट में जानेंगे अधिक स्क्रीन टाइम से बढ़ रहा हाई बीपी का रिस्क
अगर आपका स्क्रीन टाइम 6 घंटे से अधिक है, तो ये जानकारी आपके काफी काम आने वाली है. दरअसल 6 घंटे से अधिक स्क्रीन टाइम हाई बीपी का रिस्क बढ़ा देता है. स्टडी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है. लेकिन इसके बावजूद लोग स्क्रीन टाइम कम नहीं कर रहे हैं. ये आदत काफी खराब साबित हो सकती है. ये स्टडी रिपोर्ट नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में भी पब्लिश हो चुकी है.
आपको बता दें कि इसका असर हमारे शरीर पर मेटाबॉलिज्म पर, दिल की हेल्थ पर असर पड़ता गै. स्लीप साइकल प्रभावित होती है. ऐसा देखा गया है जो लोग अधिक स्क्रीन टाइम रखते हैं उनमें हाई बीपी का खतरा अधिक पाया जाता है. खासतौर पर 6 घंटे से भी अधिक स्क्रीन पर लगने से ये रिस्क अधिक हो जाता है. इसलिए स्टडी कहती है कि फिजिकल एक्टीविटी कीजिए. जिससे इसका असर कम हो सकता है.
दूसरे सेगमेंट में जानेंगे क्यों कंधों और गर्दन में दर्द लेकर घूम रहे युवा
आज कल कम उम्र वाले युवा कंधों और गर्दन में दर्द की समस्या लेकर घूम रहे हैं. पहले के समय में ये सम्सया सिर्फ बुजुर्गों को ही सताती थी. बुजुर्ग ही तेजी से इसका शिकार होते थे. लेकिन अब युवाओं में भी इसका दर्द तेजी से देखा जा रहा है. ये बेहद चिंता की बात है. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इससे छुटाकारा पाने के लिए आप लाइफस्टाइल में बदलाव लाइए, हेल्दी खाना खाइए, तमाम चीजों की जानकारी मौजूद है. लेकिन फिर भी इसका पालन कोई नहीं करता. इसलिए ये समस्या बढ़ रही है. मेडिकल टर्म में इसे टेक्स्ट नेक सिंड्रोम कहा जाता है. यानी अगर आप भी झुके रहकर काम करते हैं. लगातार ऐसे गैजेट्स पर ही लगे रहते हैं, तो ये समस्या आपको हो सकती है. बचने का सिर्फ एक ही उपाय है कि समय-समय पर पोजिशन बदलते रहें, अपनी गर्दन को अधिक नीचे झुकाकर न काम करें. आरामदायक पोजिशन में ही बैठने का प्रयास कीजिए.
तीसरे सेगमेंट में जानेंगे धूप से आकर नहीं पीना चाहिए ठंडा पानी
इस गर्मी में सेहत का अधिक ख्याल रखना पड़ता है. लेकिन कुछ लोग ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे उन्हें काफी नुकसान पहुंच रहा है. जैसे गर्मी से आते ही ठंडा पानी पी लेना. लेकिन कुछ देर का बेहतर एहसास आपको अंदर से कितना बीमार बना रहा है. शायद इसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता है. इसलिए अगर आप ऐसा ही करते हैं, तो आज से ही ये आदत को छोड़ दें.
अब जान लेते हैं कि आखिर ठंडा पानी पीने से क्यों मना किया जाता है. इसका जवाब है कि जब हम गर्मी से आकर ठंडा पानी पीते हैं, तो इसका असर ब्लड वेसेल्स पर पड़ता है. मेडिकल टर्म में इसे थर्मल शॉक कहा जाता है. वहीं जब ठंडा पानी पीते हैं तो अचानक हुआ ये बदलाव हमारी ब्लड वेसेल्स पर असर डालता है. वेसेल्स सिकुड़ जाती हैं. नतीजा ब्लड सर्कुलेशन काफी प्रभावित होता है. ठंडा पानी पीने से डाइजेशन भी खराब होता है. इसलिए कई बार डॉक्टर भी इसे न पीने की सलाह देते हैं.
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