NFHS-6 Report: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 (NFHS-6) की रिपोर्ट जारी कर दी है. इस रिपोर्ट में भारत में स्वास्थ्य सेवाओं, बच्चों के पोषण, टीकाकरण और महिलाओं की स्थिति में सुधार देखने को मिला है. रिपोर्ट के मुताबिक अब देश में 90.6% डिलीवरी अस्पतालों में हो रही हैं. वहीं गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार हुआ है.
रिपोर्ट में बताया गया कि 95.9% गर्भवती महिलाओं को एंटीनेटल केयर (ANC) मिली। पहली तिमाही में जांच कराने वाली महिलाओं की संख्या भी बढ़ी है. इसके अलावा 4 बार या उससे ज्यादा ANC जांच कराने वाली महिलाओं की संख्या भी पहले से बढ़ी है। वहीं जन्म के दो दिन के भीतर नवजात बच्चों की जांच कराने में भी सुधार देखा गया.
बच्चों के टीकाकरण में हुआ बड़ा सुधार
रिपोर्ट के अनुसार 12 से 23 महीने तक के बच्चों का पूरा टीकाकरण 83.8% से बढ़कर 87.1% हो गया है. अधिकांश बच्चों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में वैक्सीन लगी। रोटावायरस वैक्सीन कवरेज में भी बड़ा उछाल देखने को मिला.
बच्चों में कुपोषण कम हुआ
NFHS-6 रिपोर्ट में बच्चों के पोषण स्तर में भी सुधार दिखा है. पांच साल से कम उम्र के बच्चों में स्टंटिंग यानी उम्र के हिसाब से कम लंबाई की समस्या घटी है. वहीं गंभीर रूप से कमजोर बच्चों की संख्या में भी कमी आई है.
हेल्थ इंश्योरेंस का दायरा बढ़ा
रिपोर्ट के मुताबिक अब ज्यादा परिवार हेल्थ इंश्योरेंस योजनाओं से जुड़ रहे हैं. हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज 41% से बढ़कर 60.2% हो गया है. इसमें आयुष्मान भारत योजना की बड़ी भूमिका बताई गई है.
महिलाओं की डिजिटल और आर्थिक स्थिति मजबूत हुई
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अब ज्यादा महिलाएं इंटरनेट इस्तेमाल कर रही हैं. बैंक अकाउंट और मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाली महिलाओं की संख्या भी बढ़ी है.
सरकार ने क्या कहा?
स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि सरकारी योजनाओं और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की वजह से देश में मातृ और शिशु स्वास्थ्य में सुधार हुआ है. हालांकि लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां और मोटापा अभी भी बड़ी चुनौती बने हुए हैं.
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