Hyperhidrosis Causes and Treatment: आपने आपने आस-पास ऐसे लोगों को देखा होगा जिनके हाथों या पैरों से सामान्य से ज्यादा पसीना आता है. यह किसी तरह की बीमारी नहीं बल्कि, स्वेट ग्लैंड का ओवरएक्टिव हो जाना होता है. इस स्थित में वह कुछ योग को अपने जीवन में अपनाकर इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं.
बता दें कि शरीर से पसीना आना एक नॉर्मल प्रक्रिया है. लेकिन जब शरीर से जरूरत से ज्यादा पसीना आने लगता है उसे हाइपरहाइड्रोसिस कहा जाता है. ये तब होता है जब शरीर में मौजूद स्वेट ग्लैंड्स जरूरत से ज्यादा एक्टिव हो जाती है तो व्यक्ति को सामान्य से ज्यादा पसीना आने लगता है. कई बार गर्म मौसम या शारीरिक गतिविधि किए बिना भी ज्यादा पसीना आने लगता है. इस स्थिति को ही हाइपरहाइड्रोसिस कहते हैं.
हाइपरहाइड्रोसिस को कैसे पहचानें? | Hyperhidrosis
हाइपरहाइड्रोसिस की पहचान करना आसान है. हाथों की हथेली और पैरों के तलवों में बार-बार पसीना आना, अंडरआर्म्स और चेहरे पर ज्यादा पसीना आना, कपड़ों का पसीने से जल्दी भीग जाना, पसीने की वजह से स्किन में जलन या फंगल इंफेक्शन होना, सोशल या प्रोफेशनल हालात में अनकंफर्टेबल होना जैसी स्थितियों में आपको हाइपरहाइड्रोसिस है.
हाइपरहाइड्रोसिस को ऐसे करें मैनेज
सोशल मीडिया पर योगा कोच प्रणय ने एक वीडियो शेयर की है. जिसमें उन्होंने हाइपरहाइड्रोसिस के लक्षणों की पहचान कर कुछ आसान योग बताए हैं, जो इस समस्या को छुटकारा देने में मदद कर सकेंगे.
शीतकारी प्राणायाम: शीतकारी प्राणायाम शरीर को ठंडक और शांति प्रदान करता है. इस आसन को करने के लिए जमीन पर आलती-पालती मारकर बैठ जाएं, दांतों को भींचें, होंठ खोलकर दांतों के बीच से ‘सिं’ की आवाज करते हुए सांस अंदर भरें, और फिर नाक से धीरे-धीरे छोड़ें. इस योग को करने से पित्त शांत रहता है और हाई बीपी कम होता है. साथ ही ये शरीर को ठंडक देता है.
शीतली प्राणायाम: शीतली प्राणायाम शरीर और दिमाग को ठंडक देता है. इसे करने के लिए सुखासन में बैठकर जीभ को नली (tube) की तरह मोड़ें, उसके द्वारा गहरी सांस लें, मुंह बंद करें और नाक से धीरे-धीरे सांस छोड़ें. यह प्रक्रिया 10-15 बार दोहराने से शरीर का तापमान कम होता है और तनाव में राहत मिलती है.
अनुलोम विलोम प्राणयाम: अनुलोम विलोम प्राणायाम करने के लिए रीढ़ की हड्डी को सीधा करके बैठ जाएं. दाएं अंगूठे से दाईं नाक बंद कर, बाईं से सांस लें, फिर बाएं को बंद कर दाईं से सांस छोड़ें. अब दाईं से सांस लें और बाईं से छोड़ें. इसे 5-10 मिनट तक सामान्य गति से जितनी बार कर सकें उतनी बार दोहराएं. ये योग फेफड़ों और मानसिक शांति के लिए सबसे अच्छा योग माना गया है.
तिर्यक ताड़ासन: तिर्यक ताड़ासन (Swaying Palm Tree Pose) एक खड़े होकर किया जाने वाला योग है, जो रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने, कमर की चर्बी (Side Fat) कम करने और शरीर का संतुलन सुधारने में मदद करता है. यह ताड़ासन का ही एक प्रकार है, जिसमें ऊपर की ओर खिंचाव के साथ साइड में झुकना शामिल है. यह आसन मुख्य रूप से साइड मसल्स, कंधों और बाजुओं के लिए बेहद फायदेमंद है.
ताड़ासन: ताड़ासन, इस योग को करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं. और सांस लेते हुए हाथों को ऊपर की और खींचे, साथ ही एड़ियों को भी ऊपर की और खीचें. इस आसन को करने से शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव आता है. ये योग आसन रीढ़ की हड्डी को सीधा करने, शरीर में संतुलन लाने और लंबाई बढ़ाने में मदद करता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


