Arthritis Home Remedies: जोड़ों की समस्या, अर्थराइटिस एक बहुत ही दर्दनाक और असहनीय पीड़ा वाली समस्या है. अगर खास ध्यान ना रखा जाए तो ये समस्या बढ़ सकती है. इसलिए आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है. वहीं कुछ घरेलू उपचार की मदद से आप इन्हें आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं.
अर्थराइटिस (गठिया) एक ऐसी बीमारी है, जिसमें जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न की समस्या हो जाती है। यह परेशानी अक्सर बढ़ती उम्र के साथ अधिक देखने को मिलती है, लेकिन आजकल गलत जीवनशैली, मोटापा, पुरानी चोट या ऑटोइम्यून बीमारियों के कारण कम उम्र के लोगों में भी इसके मामले बढ़ रहे हैं. लेकिन कुछ घरेलू उपाय इसके लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं.
गर्म और ठंडी सिकाई करें
- जोड़ों में अकड़न हो तो गर्म सिकाई आराम पहुंचा सकती है.
- सूजन या तेज दर्द होने पर ठंडी सिकाई करने से राहत मिल सकती है.
हल्की एक्सरसाइज करें
अर्थराइटिस की समस्या में आप रोजाना एक्सरसाइज करें. कम-से-कम आपको 30 मिनट हल्की वॉक, स्ट्रेचिंग या योग करने से जोड़ों की जकड़न कम हो सकती है. ऐसे में आपकी मूवमेंट बेहतर रहेगी. हालांकि, किसी भी नई एक्सरसाइज की शुरुआत डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह से ही करें.
वजन नियंत्रित रखें
अर्थराइटिस की समस्या में आपको अपना वेट कंट्रोल करना जरूरी है. क्योंकि जरूरत से ज्यादा वजन घुटनों, कूल्हों और टखनों के जोड़ों पर दबाव डालता है. ये दबाव दर्द, सूजन और चलने-फिरने में परेशानी बढ़ा सकती है. संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि के जरिए स्वस्थ वजन बनाए रखने से जोड़ों पर भार कम होता है और अर्थराइटिस के लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है.
एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट लें
अपने भोजन में ऐसी चीजें शामिल करें जो सूजन कम करने में मदद कर सकती हैं, जैसे—
- हल्दी
- अदरक
- अखरोट
- अलसी के बीज
- हरी पत्तेदार सब्जियां
- मौसमी फल
पर्याप्त धूप और विटामिन D
अर्थराइटिस के मरीजों के लिए विटामिन D और कैल्शियम हड्डियों और जोड़ों की सेहत बनाए रखने भूमिका निभाते हैं. विटामिन D शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है, जिससे हड्डियां मजबूत रहती हैं. सुबह की हल्की धूप, दूध, दही और कैल्शियम से भरपूर आहार ले सकते हैं.
पर्याप्त आराम करें
अर्थराइटिस में जरूरत से ज्यादा शारीरिक मेहनत करने से जोड़ों का दर्द, सूजन और अकड़न बढ़ सकती है. इसलिए पर्याप्त आराम और 7–8 घंटे की अच्छी नींद लेना जरूरी है. हालांकि, पूरे दिन निष्क्रिय रहने के बजाय आराम और हल्की शारीरिक गतिविधि के बीच संतुलन बनाए रखना जोड़ों की सेहत के लिए अधिक फायदेमंद माना जाता है.
किन चीजों से बचें?
- लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से.
- धूम्रपान और अत्यधिक शराब के सेवन से.
- तली-भुनी और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड से.
कब डॉक्टर से मिलें?
यदि जोड़ों में दर्द कई हफ्तों तक बना रहे, सूजन बढ़ जाए, जोड़ लाल और गर्म महसूस हों या रोजमर्रा के काम करने में परेशानी होने लगे, तो तुरंत डॉक्टर या रुमेटोलॉजिस्ट से सलाह लें.
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FAQs
सवाल: अर्थराइटिस में दर्द कम करने के लिए क्या करें?
जवाब: गर्म या ठंडी सिकाई करें, हल्की एक्सरसाइज करें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लें.
सवाल: क्या हल्दी और अदरक अर्थराइटिस में फायदेमंद हैं?
जवाब: हल्दी और अदरक में सूजन कम करने वाले गुण होते हैं, जो कुछ लोगों में लक्षणों से राहत देने में मदद कर सकते हैं.
सवाल:अर्थराइटिस में कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
जवाब: यदि जोड़ों का दर्द, सूजन या अकड़न लंबे समय तक बनी रहे या चलने-फिरने में परेशानी हो, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

