AIIMS recruitment: देश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एम्स (AIIMS) ने 400 से अधिक शिक्षक-चिकित्सक (Faculty) पदों पर भर्ती का रिजल्ट जारी कर दिया है. रविवार देर रात घोषित किए गए इस परिणाम के बाद एम्स और कैपफिम्स (CAPFIMS) को बड़ी संख्या में नए डॉक्टर-शिक्षक मिलेंगे.
एम्स की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 265 पदों पर नियुक्तियां एम्स में की गई हैं, जबकि 199 पद केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल चिकित्सा विज्ञान संस्थान एवं अस्पताल (CAPFIMS), मैदानगढ़ी के लिए भरे गए हैं. ये भर्तियां सहायक प्रोफेसर (Assistant Professor) से लेकर प्रोफेसर (Professor) तक के पदों पर 50 से अधिक विभागों में की गई हैं.
3,200 से ज्यादा उम्मीदवारों ने किया था आवेदन
इन पदों के लिए 3,200 से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया था. भर्ती प्रक्रिया करीब छह महीने तक चली. इस दौरान चयन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए एम्स ने आधुनिक ब्लॉकचेन (Blockchain) तकनीक का इस्तेमाल किया.
ब्लॉकचेन तकनीक से तैयार हुई मेरिट लिस्ट
एम्स के मुताबिक, उम्मीदवारों के अंकों को वन टाइम पासवर्ड (OTP) के जरिए डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा गया. इसके बाद तय नियमों के अनुसार सॉफ्टवेयर ने खुद ही मेरिट लिस्ट तैयार की.
संस्थान का कहना है कि समान अंक (Tie Case) की स्थिति को छोड़कर पूरी चयन प्रक्रिया में किसी तरह के मानवीय हस्तक्षेप की जरूरत नहीं पड़ी. इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष रही.
मरीजों और मेडिकल शिक्षा को मिलेगा फायदा
एम्स का कहना है कि नए शिक्षक-चिकित्सकों की नियुक्ति से मरीजों के इलाज, मेडिकल शिक्षा और रिसर्च को और मजबूती मिलेगी. इससे अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी और छात्रों को भी बेहतर शिक्षण का लाभ मिलेगा.
ब्लॉकचेन तकनीक क्या है?
ब्लॉकचेन एक ऐसी आधुनिक डिजिटल तकनीक है, जिसमें किसी भी जानकारी को सुरक्षित तरीके से रिकॉर्ड किया जाता है. एक बार डेटा दर्ज होने के बाद उसमें बिना अनुमति बदलाव करना बेहद मुश्किल होता है. इसी वजह से इसका उपयोग पारदर्शिता और डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है. एम्स ने पहली बार भर्ती प्रक्रिया में इसी तकनीक का इस्तेमाल कर उम्मीदवारों के अंक और चयन से जुड़ी जानकारी को सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से संभाला.
पद छोड़कर गए थे सीनियर डॉक्टर्स
इन भर्तियों की जरूरत एम्स को इसलिए भी पड़ी क्योंकि 2022 से 24 के बीच देशभर के 20 एम्स की ब्रांच से कुल 400 से अधिक डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया था. जानकारी है कि डॉक्टर्स का एम्स छोड़कर प्राइवेट अस्पताल पलायन होनी की बड़ी वजह यही है कि एम्स से दस गुना पैसा प्राइवेट अस्पताल में मिलता है. यही कारण है कि डॉक्टर्स प्रावइवेट अस्पताल की ओर रुख कर गए.
वहीं वर्कलोड भी बड़ा कारण है. क्योंकि एम्स में डॉक्टरों पर भी भारी वर्कलोड रहता है. लंबे समय तक ड्यूटी निभाना और लिमिटेड संसाधन के साथ ही काम करना जो डॉक्टर्स को भी मेंटल रूप से थका देता है. लेकिन प्राइवेट अस्पतालों में ये काम आरामदायक और बेहतर सुविधाओं के साथ चलता रहता है.
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