Heart Problems In Babies: खराब लाइफस्टाइल और खराब खानपान ही हमने हार्ट अटैक के लक्षणों में गिनते हुए सुना है. लेकिन 4 महीने के मासूम का लाइफस्टाइल कैसे खराब हो सकता है? महाराष्ट्र से एक मामला सामने आया है जिसने कई पेरेंट्स की नींद उड़ाकर रख दी है. जानकारी है कि यहां एक चार महीने की मासूम कार्डियक अरेस्ट का शिकार हुई.
हालांकि उसे इलाज के बाद बचा लिया गया था. लेकिन इस वाक्या ने सवाल खड़े कर दिए है कि आखिर इतनी छोटी बच्ची कैसे इस समस्या का शिकार हो गई? क्योंकि आमतौर पर इसे बढ़ती उम्र या फिर टेंशन लेने की वजह से माना जाता था या फिर खराब लाइफस्टाइल या खानपान का कारण माना जाता था.
इलाज न मिलने पर हो सकती परेशानी
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर समय रहते हुए इसका इलाज न किया जाए तो परेशानी हो सकती है. इस घटना ने लोगों को ये तो बता दिया कि आखिर बच्चे भी इस समस्या शिकार हो सकते हैं. कार्डियक अरेस्ट यानी दिल की धड़कन अचानक से बंद हो जाना. ऐसा तब होता है जब खून का फ्लो रुक जाता है और दिमाग तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता है.
बड़ो से अलग होता है कारण
हालांकि बच्चों में कार्डियक अरेस्ट आने का कारण बड़ों के मुकाबले काफी अलग हो सकता है. जैसे कि बच्चे को जन्म के समय से ही सांस की परेशानी हो तो डॉक्टर जब बच्चा पैदा होता है उसी दौरान इसका आसानी से पता लगा सकते हैं. दरअसल जब बच्चा पैदा होता है तो जन्म से ही दिल की समस्या हो सकती है.
जैसे दिल में छेद, वाल्व की खराबी या फिर ब्लड का सर्कुलेशन अच्छे तरीके से न हो पाना तो ऐसे मामले कार्डियक अरेस्ट के खतरे को काफी हद तक बढ़ा देते हैं. कई बार ऐसा देखा जाता है कि कई बच्चों के दिल की धड़कन काफी तेज हो जाती है, या काफी धीमी हो सकती है या फिर अनकंट्रोल्ड हो सकती है. इसे अतालता कहते हैं जो अगर कंडिशन इसकी गंभीर हो जाए तो ये कार्डियक अरेस्ट में भी बदल सकती है.
इन दूसरे कारणों से भी हो सकती है ये समस्या
इतना ही नहीं कई बार नियोमिनया, सेप्सिस या फिर दूसरे गंभीर संक्रमण के कारण भी ये समस्या हो सकती है. जिससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी पैदा होती है और कार्डियक अरेस्ट का रिस्क बढ़ता चला जाता है. अगर बच्चे में लंबे समय तक सांस रुकना या फिर ऑक्सीजन न मिलने की समस्या होना दिल के किसी भी काम करने के तरीके को अफेक्ट डाल सकता है. हालांकि कई बच्चों में ऐसी समस्या जेनेटिकली भी बन सकती है.
इन लक्षणों को न करें इग्नोर
अब आपको किन लक्षणों का ध्यान रखना चाहिए. जिन्हें अगर आपने इग्नोर किया तो समस्या हो सकती है.
- अचानक बच्चा बेहोश हो जाए
- सांस लेने में परेशानी हो रही हो
- दूध पीने में परेशानी होती हो
- भूख कम लगती हो
अगर इस तरह के लक्षण दिखाई दें तो तुंरत ही डॉक्टर से जांच करवा लेना जरूरी होता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

