Bashir Badr Passes Away: “दुश्मनी जमके करो लेकिन ये गुंजाइश रहे जब कभी हम दोस्त बन जाएं तो शर्मिन्दा ना हों.” ये शायरी मशहूर कवी और शायर बशीर बद्र की है. जिनका गुरुवार 28 मई को 91 साल की उम्र में निधन हो गया. इस खबर के सामने आने के बाद लाखों प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ उठी है. बशीर बद्र को पद्मश्री से सम्मानित किया गया था.
वहीं शायर के निधन पर मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने उनके चले जाने का दुख जताया और उन्हें श्रद्धांजलि दी. दुनियाभर में मौजूद उनके प्रशंसको के बीच शोक की लहर दौड़ उठी है. उनके शेर आम लोगों से जुड़े होते थे. इसलिए हर व्यक्ति खुद को उनसे कनेक्ट कर पाता था. जानकारी के मुताबिक मशहूर शायर पिछले काफी समय से यादाश्त संबंधित परेशानी से जूझ रहे थे.
इस बीमारी का शिकार थे बशीर बद्र
मशहूर उर्दू शायर बद्र उम्र संबंधित समस्याएं और यादाश्त से जुड़ी समस्या का शिकार थे. ये बीमारी थी डिमेंशिया थी. हालांकि पिछले काफी समय से उनकी तबियत भी खराब थी ही. जिसके चलते वो कई सार्वजनिक कार्यक्रमों से भी दूर हो गए थे. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भोपाल में इलाज के दौरान ही लंबी बीमारी के कारण उनका निधन हो गया था.
डिमेंशिया क्या होता है?
जब हमारे नर्व सेल्स डैमेज हो जाते हैं तो डिमेंशिया की समस्या पैदा होती है. हालांकि अलग-अलग लोगों में इसके कई प्रकार के लक्षण देखने को मिल सकते हैं. यानी ऐसा जरूरी नहीं है कि एक व्यक्ति में दिखने वाले लक्षण किसी दूसरे में भी वैसे ही दिखें. अलग-अलग लक्षण दिखने के कारण पर अगर बात करें तो इसका जवाब है कि ये बीमारी पूरी तरह निर्भर करती है कि किस व्यक्ति के कौन से हिस्से की नर्व डैमेज हुई है या अफेक्ट हुई है. इसलिए लक्षण भी अलग-अलग दिखाई देते हैं.
क्या है डिमेंशिया के लक्षण?
डिमेंशिया के लक्षण क्या होते हैं. अगर इसकी बात की जाए तो पर्सनालिटी चेंज, डिप्रेशन, एंग्जाइटी, बिहेवियर में असामान्य बदलाव, एजीटेशन, हैलुसिनेशन. ये सब मुख्य लक्षण हो सकते हैं. लेकिन स्टीज कहती हैं कि इसके पीछे 3 मुख्य कारण हो सकते हैं. ये कारण है सोशियो इकनोमिक स्टेट्स, आपके आसपास का वातावरण या फिर आपका बैकग्राउंड. ध्यान रहें इसके प्रकार अलग-अलग हो सकते हैं. जिनमें अल्जाइमर भी होना सबसे आम है.
क्या है डिमेंशिया का इलाज
अगर इलाज की बात की जाए तो फिलहाल इसका कोई इलाज मौजूद नहीं है. लेकिन इसे दवाओं की मदद से धीमा किया जा सकता है. साथ ही इसका पता अगर जितनी जल्दी पता लगे उतना इसका इलाज प्रभावी हो सकता है. डॉक्टर आपको दवाएं लिखकर दे सकते हैं और इसके लक्षणों को कम कर सकते हैं.
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