Cancer Drug Shortage: भारत में कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दो अहम दवाओं सिस्प्लैटिन (Cisplatin) और कार्बोप्लैटिन (Carboplatin) की कमी को लेकर चिंता बढ़ गई है. कैंसर विशेषज्ञ Dr. Shyam Aggarwal ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए इस मुद्दे को उठाया है और इन जीवनरक्षक दवाओं की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है.
डॉक्टर के अनुसार, सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लैटिन कई सामान्य और गंभीर प्रकार के कैंसर के इलाज का आधार मानी जाती हैं. इन दवाओं का इस्तेमाल मुंह के कैंसर, ओवरी कैंसर, फेफड़ों के कैंसर, इसोफेगस (भोजन नली) के कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, स्तन कैंसर, टेस्टिकुलर कैंसर और गॉलब्लैडर कैंसर समेत कई अन्य कैंसर के इलाज में किया जाता है.
मरीजों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इन दवाओं की कमी लंबे समय तक बनी रहती है तो हजारों कैंसर मरीजों के इलाज पर असर पड़ सकता है. कई मामलों में कीमोथेरेपी के लिए ये दवाएं पहली पसंद होती हैं और इनके बिना इलाज की योजना प्रभावित हो सकती है.
नियमित सप्लाई की मांग
डॉ. अग्रवाल ने संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि इन जीवनरक्षक दवाओं की नियमित और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को इलाज में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?
भारत में हर साल लाखों नए कैंसर मरीज सामने आते हैं. ऐसे में इलाज के लिए जरूरी दवाओं की उपलब्धता बनाए रखना स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल माना जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि दवाओं की कमी से इलाज में देरी हो सकती है, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है.
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