How to treat hyperpigmentation during summer: गर्मियों धूप में आने से स्किन का रंग बदल जाता है. स्किन में हल्के से लेकर गहरे भूरे, काले, लाल या बैंगनी रंग के अलग-अलग आकार के धब्बे या पैच उभर आते हैं. इसे पिगमेंटेशन कहा जाता है.
पिगमेंटेशन गर्मियों में होने वाली एक प्रकार की समस्या है. पिगमेंटेशन की समस्या चेहरे, माथे, गालों, नाक, ऊपरी होंठ, गर्दन या हाथों पर अधिक दिखाई देती है. कुछ लोगों में त्वचा का एक हिस्सा आसपास की त्वचा की तुलना में ज्यादा गहरा दिखने लगता है, जिससे स्किन की रंगत एक जैसी नहीं रहती. इस समस्या में सिर्फ स्किन का रंग बदलता है, जो दिखने में बहुत बुरा लगता है. इसलिए कई लोग इस समस्या से बचने के लिए सनसक्रीन का प्रयोग किया जाता है. लेकिन सिर्फ सनस्क्रीन लगाना काफी नहीं है. स्किन की सही देखभाल भी जरूरी है. अगर आपको इस समस्या से बचना है तो कुछ जरूरी टिप्स जरूर फॉलो करें.
क्या है पिगमेंटेशन
पिगमेंटेशन (Pigmentation) स्किन के रंग में होने वाले बदलाव को कहा जाता है. स्किन टोन बदल जाती है. यह तब होता है जब स्किन में मेलेनिन (Melanin) नाम का पिगमेंट जरूरत से ज्यादा या कम मात्रा में बनता है. बता दें कि मेलेनिन ही हमारी स्किन, बालों और आंखों को रंग देता है. जब स्किन के किसी हिस्से में मेलेनिन ज्यादा बनने लगता है, तो वहां काले या भूरे धब्बे, दाग-धब्बे या पैच दिखाई देने लगते हैं. इसे हाइपरपिगमेंटेशन (Hyperpigmentation) भी कहा जाता है.
पिगमेंटेशन से बचने के उपाय
- स्किन का कलर टोन न बदले. ऐसे में आप सनस्क्रीन का प्रयोग कर सकते हैं. मार्किट में कई तरह की सनस्क्रीन आती है. बेस्ट और अच्छी क्वालिटी वाली सनस्क्रीन लें. इसे आप बाहर निकलने से पहले लगाएं. एक्सपर्ट कहते हैं कि कम से कम SPF 30 वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाना सही माना जाता है.
- सनस्क्रीन को बार-बार लगाएं. सनस्क्रीन न सिर्फ पिगमेंटेशन को रोकता है बल्कि सूरज की हानिकारक किरणों से भी बचाता है. इसके अलावा बाहर कम से कम निकलें.
- धूप में निकलने से पहले खुली स्किन को ढंककर रखें. ऐसे में आप टोपी और छाता का प्रयोग कर सकते हैं. या फिर सूती कपड़े से भी खुद को कवर कर सकते हैं.
- दिनभर भरपूर मात्रा में पानी पिएं. ऐसे में शरीर में नमी बनी रहेगी और स्किन बैरियर स्ट्रांग होगी. क्योंकि शरीर में पानी की कमी ड्राई स्किन की समस्या कर सकती है.
- रात को सोने से पहले स्किन केयर जरूर करें. रात के समय स्किन खुद को रिपेयर करने काम करती है. स्किन केयर के लिए अच्छी क्वालिटी के फेस वॉश से चेहरा साफ करें. उसके बाद मॉइश्चराइजर लगाना न भूलें.
- विटामिन सी से भरपूर आहार को डाइट में शामिल करें. विटामिन C स्किन में मेलेनिन (Melanin) के प्रोडक्शन को कंट्रोल करने में मदद करता है, जिससे काले धब्बे और असमान स्किन टोन धीरे-धीरे हल्के पड़ सकते हैं. साथ ही यह कोलेजन उत्पादन को बढ़ावा देता है, जिससे त्वचा अधिक स्वस्थ, चमकदार और एक समान दिख सकती है. इसलिए कई स्किनकेयर उत्पादों और डाइट में विटामिन C को पिगमेंटेशन मैनेजमेंट के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है.
- वहीं अगर आपको ये समस्या ज्यादा देखने के मिल रही है तो आप डॉक्टर से जांच जरूर कराएं.
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FAQs
सवाल: विटामिन C पिगमेंटेशन को कम करने में कैसे मदद करता है?
जवाब: विटामिन C मेलेनिन के अत्यधिक उत्पादन को नियंत्रित करने में मदद करता है और एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के रूप में त्वचा को सूरज और फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाता है. इससे काले धब्बे हल्के पड़ सकते हैं और त्वचा की रंगत अधिक समान दिखाई दे सकती है.
सवाल: पिगमेंटेशन से बचने के लिए क्या करना चाहिए?
जवाब: पिगमेंटेशन से बचने के लिए नियमित रूप से सनस्क्रीन लगाना, तेज धूप से बचना, त्वचा को मॉइश्चराइज रखना, पर्याप्त पानी पीना और संतुलित आहार लेना जरूरी है. साथ ही मुंहासों या त्वचा के दागों को छेड़ने से भी बचना चाहिए.
सवाल: पिगमेंटेशन क्या होता है?
जवाब: पिगमेंटेशन त्वचा के रंग में होने वाला बदलाव है, जो तब होता है जब त्वचा में मेलेनिन (Melanin) की मात्रा बढ़ जाती है। इसके कारण चेहरे या शरीर पर काले, भूरे या ग्रे रंग के धब्बे दिखाई देने लगते हैं.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

