Cardiac Arrest Early Sign: कुछ लोगों की मौत अचानक हो जाती है. जैसे वो अभी आपसे बात कर रहे हो, डांस कर रहे हो और आपको पता लगा कि मौत हो गई. ऐसी कई खबरें भी आपने सुनी होंगी. लोगों के मुंह से कई किस्से भी सुने होंगे कि वो तो बिल्कुल ठीक था पता नहीं क्या हुआ अचानक गिरा और मौत हो गई. इस कंडिशन को मेडिकल टर्म में कार्डियक अरेस्ट कहा जाता है.
अब इसपर एक जानकारी सामने आई है. दरअसल नेशनल हार्ट, लंग एंड ब्लड इंस्टीट्यूट यानी nhlbi ने एक जानकारी साझा की है. इस जानकारी के अनुसार जब किसी व्यक्ति को कार्डियक अरेस्ट आता है तो उस व्यक्ति को या तो एक घंटे पहले या फिर एक हफ्ते पहले शरीर में किस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं. इस बात की जानकारी इस रिपोर्ट में साझा की गई है. आप भी इस जानकारी को पढ़िएगा ताकि कार्डियक अरेस्ट के खतरे को टाला जा सके.
एक घंटे पहले दिखते ये संकेत
nhlbi.nih.gov की ओर से मिली जानकारी के अनुसार कार्डियक अरेस्ट का जो लोग शिकार होते हैं उन लोगों में इसका पता एक घंटा पहले चलता है. दरअसल एक घंटे पहले ही ऐसे लक्षण दिखने शुरू हो जाते है. जिससे व्यक्ति ये पहचान सकता है कि कार्डियक अरेस्ट का शिकार हो रहा है. हालांकि कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्हें कार्डियक अरेस्ट से पहले कोई लक्षण नहीं दिखाई देते. ऐसे में इनके लक्षणों के बारे में जानना. हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के बारे में अंतर जानना बहुत जरूरी हो जाता है. चलिए शुरू करते हैं.

चेतावनी भरे लक्षणों पर दें ध्यान
हार्ट अटैक से पहले कुछ संकेत दिखाई देते हैं. जैसे सांस लेने में तकलीफ होना, ज्यादा थकान महसूस होना, पीठ में दर्द होना, फ्लू जैसे लक्षण दिखना, पेट में दर्द होना, जी मिचलाना और उल्टी जैसा लगना, सीने में दर्द होना, बार-बार चक्कर आना, बेहोशी हो जाना, खास तौर पर एक्सरसाइज करते समय बैठते या फिर पीठ के बल लेटते समय में कठिनाई होना, दिल की धड़कन काफी तेज हो जाना, ऐसा लगना कि धड़कन छूट रही है. इस तरह के लक्षण दिखें तो अलर्ट हो जाइए.
एक नहीं कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक
वहीं आप जानते हैं कि कई लोग ऐसे हैं जो कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक में काफी कंफ्यूज रहते हैं. उन्हें ऐसा लगता है कि ये एक है. लेकिन दोनों में अंतर होता है. जैसे कार्डियक अरेस्ट का शिकार जब व्यक्ति होता है तो दिल की धड़कन को रोक देता है. अगर कुछ कदम न उठाए तो परिणाम डेंजरस भी हो सकते हैं. जान भी जा सकती है. हार्ट अटैक में जो दिल की धमनियां यानी आर्टरीज होती हैं उनमें रुकावट आ जाती है. इस कारण हार्ट अटैक होता है. आसान भाषा में समझे तो हार्ट तक खून का फ्लो सही से नहीं हो पाता. जिसके कारण मसल्स को नुकसान पहुंचता है. लेकिन दिल धड़कता रहता है. इसे हार्ट अटैक कहते हैं. यानी जब दिल की धड़कन रुके तो कार्डियक अरेस्ट और दिल की धड़कन चल रही है लेकिन खून का फ्लो नहीं सही हो पा रहा तो हार्ट अटैक हो सकता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

