Chronic Back Pain: लंबे समय तक डेस्क पर काम करना, बदलती जीवनशैली, भागदौड़, देर से उठना, एक्ससाइज से दूरी, खानपान का सही न होना के कारण लोगों में रीढ़ की हड्डी में लगातार दर्द देखने को मिल रहा है. ऐसे में वह फिट रहने की बजाए बीमारियों का शिकार हो रहे है.
आमतौर पर लोगों में गलत बैठने के तरीके के कारण रीढ़ की हड्डी में लगातार दर्द बना रहता है. साथ ही बढ़ती उम्र और ज्यादा थकान के कारण इस तरह के लक्षण देखने को मिलते हैं. लेकिन इन दर्द को भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर यह दर्द लगातार बना रहे तो आपकी सेहत पर अन्य प्रभाव देखने को मिल सकते हैं.
बता दें कि अगर रीढ़ की हड्डी में लगातार दर्द बना रहे तो यह चलने-फिरने में परेशानी के साथ-साथ कमर में अकड़न, हाथ-पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन या शरीर में कमजोरी जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं. इसलिए रीढ़ की हड्डी के दर्द को भूलकर भी नजरअंदाज न करें.
किन कारणों से होता है रीढ़ की हड्डी में दर्द
रीढ़ की हड्डी में दर्द अन्य कारण से भी हो सकता है. लेकिन इसका सीधा संबंध स्लिप डिस्क से लगाया जाता है. बता दें कि स्लिप डिस्क की कंडीशन में रीढ़ की नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे दर्द शुरू होता है. और यह दर्द धीरे-धीरे हाथ-पैरों तक फैल जाता है. इसके अलावा सर्वाइकल और लम्बर स्पोंडिलोसिस में भी गर्दन और पीठ के निचले हिस्से में लगातार दर्द बना रहता है. जिन लोगों को ऑस्टियोपोरोसिस यानी हड्डियों में कमजोरी की शिकायत होती है उन्हें भी रीढ़ की हड्डियों में दर्द महसूस होता है. वहीं कुछ लोगों को चोट लगना, पुरानी सूजन या नसों से जुड़ी समस्या के कारण भी दर्द होता है.
क्या होता है स्लिप डिस्क
स्लिप डिस्क (Slip Disc), जिसे हर्नियेटेड डिस्क (Herniated Disc) या प्रोलेप्स्ड डिस्क (Prolapsed Disc) भी कहते हैं, एक ऐसी स्थिति है जब रीढ़ की हड्डी के कशेरुकाओं (bones) के बीच स्थित गद्देदार डिस्क अपनी जगह से खिसक जाती है या फट जाती है। इससे उसका अंदरूनी हिस्सा बाहर निकलकर नसों पर दबाव डालता है, जिससे गंभीर कमर दर्द, गर्दन दर्द, और पैरों या हाथों में सुन्नता और कमजोरी महसूस होती है
स्लिप डिस्क बड़ी समस्या?
वैसे तो कई मामलों में स्लिप डिस्क बढ़ती उम्र के लोगों में खासतौर पर देखी जाती है. क्योंकि उम्र के बढ़ने के साथ-साथ रीढ़ की डिस्क का लचीलापन कम होने लगता है. वहीं गलत तरीकों से बैठने और भारी वजन उठाना, मोटापा या अचानक चोट लगना स्लिप डिस्क की समस्या पैदा कर सकता है. वहीं अगर समय रहते इसका इलाज नहीं करवाया तो आगे चलकर ये पैरालिसिस जैसी समस्या भी पैदा कर सकता है.
बरतें ये सावधानी
अगर रीढ़ की हड्डी को सही रखना है. या स्लिप डिस्क जैसी बीमारी से बचना है तो बहुत जरूरी है कि आपको सही पोस्चर में बैठे. साथ ही नियमित रुप से एक्सरसाइज करें, स्ट्रेचिंग करें, हल्की वॉक को अपने रूटीन का हिस्सा बनाएं. सुबह जल्दी उठें. साथ ही भारी वजन को उठाने से बचें, वजन को कंट्रोल में रखें और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


