Daily Walking Benefits: लोगों का लाइफस्टाइल काफी खराब होता जा रहा है. ऑफिस पहुंचकर लंबे समय तक बैठकर काम करना, और फिर अपनी कुर्सी से जरा भी नहीं हिलना. इस तरह का लाइफस्टाइल का ऑफिस के काम, मोबाइल और लैपटॉप के बढ़ते हुए इस्तेमाल करते हुए अपनाते हैं.
ऐसे लाइफस्टाइल के साथ हमारी फिजिकल एक्टिवीटी काफी कम होती जा रही है. रोजाना हमारा चलना कितना कम होता जा रहा है. जबकी चलना हमारी बॉडी के लिए काफी फायदेमंद होता है. कई हेल्थ एक्सपर्ट्स ऐसा बताते हैं. यहां तक की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसन में छपी रिपोर्ट का भी ऐसा कहना है कि रोजाना वॉक करना बेहद आसान और शरीर को स्वस्थ रखने वाली एक्सरसाइज है. अगर आप ऐसे रूटीन को रोजाना फॉलो करते हैं, तो शरीर फिट तो रहता ही है. साथ ही कई गंभीर बीमारियां भी कम हो सकती हैं.
कितने किलोमीटर चलना शरीर के लिए फायदेमंद
जब चलने की बात आती है, तो सबसे पहले लोगों को आलस आता है. फिर एक सवाल आता है कि आखिर कितने किलोमीटर एक दिन में चलना शरीर के लिए बेहतरीन साबित होगा? कितने किलोमटीर हमें चलना चाहिए. इससे कितने तरीके के और क्या फायदे हमें मिलते हैं. कई रिपोर्ट और रिसर्च बताती हैं कि अगर कोई व्यक्ति स्वस्थ है तो उसे एक दिन में कम से कम 4 से 6 किलोमीटर पैदल चलना चाहिए.
30 से 45 मिनट तक वॉक करने के बराबर होगी ये वॉक. हालांकि आप कितना चल सकते हैं. आपकी क्या कपैसिटी है इसपर भी निर्भर करता है. इसलिए आप अपनी क्षमते के ही अनुसार ही चलें. अगर आप ऐसा सोच रहे हैं कि फिटनेस के लिए वॉक करना शुरू करते हैं और इससे पहले आपने ऐसा नहीं किया तो शुरुआती स्टेज में सिर्फ 1 या फिर 2 किलोमीटर चलना भी पर्याप्त होगा.
धीरे-धीरे बढ़ा सकते वॉकिंग लेवल
क्योंकि किसी काम की शुरुआत में आप ज्यादा उम्मीद नहीं करते. इसलिए शुरुआती स्टेज में आप अगर 1 या फिर 2 किलोमीटर भी चलते हैं, तो ये सही है. इसके बाद धीरे-धीरे आप मीडियम लेवल यानी 3 से 4 किलोमीटर रोज चल सकते हैं. फिर फिट और एक्टिव लोग हेल्दी रहने के लिए रोजाना 5 से 6 या फिर उससे अधिक किलोमीटर की वॉक कर सकते हैं. कई डॉक्टर्स का भी ऐसा मानना है कि अगर 10 हजार कदम चलते हैं, जो 7 कीलोमीटर चलने के बराबर होते हैं. ऐसा करने से आप अपने शरीर में होने वाली बीमारियों के खतरे को कम कर सकते हैं.
पैदल चलने का क्या है सही तरीका?
हालांकि अगर आप वॉकिंग कर रहे हैं, तो इसका पूरा लाभ लेने के लिए आपको सही तरीका भी अपनाना होगा. यानी चलते समय रीढ़ की हड्डी बिल्कुल सीधी रखें. ज्यादा झुककर चलने से बचें. ज्यादा स्लो या फिर तेज स्पीड में वॉक न करें. ऐसा करने से बचें. जब आप वॉक करें तो हल्का फुल्का ही सही लेकिन हाथों को हिलाएं. जब आप वॉक करें तो इस बात का ख्याल रखें कि आपके जूते काफी कंफर्टेबल हों.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


