Diabetic Retinopathy: डायबिटीज ये शब्द आज के समय में सुनने में काफी आम होता जा रहा है. लोग इसे लेकर अवेयर तो हैं, लेकिन उन्हें इससे होने वाले नुकसान की पूरी जानकारी नहीं होती. डायबिटीज का कोई भी रूप हो चाहे टाइप-1 या फिर टाइप-2 इसका असर मरीज की किडनी, लिवर यहां तक की आंखों पर भी पड़ सकता है.
अगर आप इसके प्रभाव के बारे में जान लेना चाहते हैं, तो इस इंफ्लुएंसर की कहानी आपकी मदद करेगी. दरअसल सोशल मीडिया पर एक इंफ्लुएंसर ने वीडियो शेयर करते हुए किस्सा बताया. जिसमें उन्होंने बताया कि डायबिटीज से कैसे उनकी आंखें पूरी तरह से खराब हो गईं. यहां तक की वो कुछ भी देख नहीं पाती थी.
सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर थी नीलिमा
नीलिमा बताती हैं कि वो सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर थी. यूट्यूब और इंस्टाग्राम के लिए वीडियोज बनाती थीं. सब अच्छा चल रहा था. उनकी लाइफ एकदम स्मूथ चल रही थी. लेकिन एक समय आया जब उन्हें डायबिटीज का सामना करना पड़ा. जिसने उनकी पूरी लाइफ ही बदल डाली. उनका कहना है कि डायबिटीज के कारण उन्हें आंखों में डायबिटिक रेटिनोपैथी की समस्या हो गई थी.
जब इसका पता चला तो उन्हें कई सर्जरी करवानी पड़ी. सर्जरी के बाद एक दौर ऐसा भी आया जब वो देख ही नहीं पाती थी. इसका वीडियो शेयर किया. एक आंख में ये समस्या होने के कारण दूसरी आंख भी अफेक्ट हुई दूसरी आंख में ऑटो इम्यून डिजीज हो गई. जिसका नाम यूवाइटिस था. ये एक ऐसा इंफेक्शन था जिसमें उन्हें आंखों में इंजेक्शन लगवाने पड़ते थे. अब इंफ्लूएंसर को जो बीमारी हुई वो क्या है? इसका इलाज कैसे होता है. आइए डिटेल्ड में जान लेते हैं.
क्या होता है डायबिटिक रेटिनोपैथी?
डायबिटिक रेटिनोपैथी डायबिटीज से जुड़ी बीमारी है. जिसमें आंखें अफेक्ट होती हैं और इसमें आंख के पिछले हिस्से में लाइट सेंसेटिव टिशू जिसे रेटिना कहा जाता है. वहां की ब्लड वेसेल्स को नुक्सान पहुंचता है. इसलिए ये समस्या होती है. हालांकि ये समस्या किसी भी रूप के डायबिटिक पेशंट हो सकती है. चाहे टाइप-1 हो या 2 डायबिटीज के मरीज अगर ब्लड शुगर को कंट्रोल में नहीं रखते तो इसका जोखिम बढ़ जाता है.
इसके क्या लक्षण होते हैं?
अगर बात करें लक्षणों की तो शुरुआती स्टेज में इसके लक्षण साफ नहीं दिखाई देते हैं. यानी केवल हल्का विजन लॉस की समस्याएं हो सकती है, जो आगे चलकर अंधा होने की समस्या पैदा कर सकती है. खासतौर पर मरीज अगर अपनी डायबिटीज को कंट्रोल में न रखें. लेकिन कई मामलों में ऐसा भी होता है कि डायबिटिक रेटिनोपैथी के शुरुआती चरणों में लक्षण नहीं दिखाई देते. हालांकि स्थिति बिगड़ने पर ये लक्षण दिख सकते है.
आंखों के सामने काले धब्बे या धागे तैरना. इसे फ्लोटर्स कहते हैं.
- धुंधला दिखना
- नजर का बदल जाना
- आंखों में काले या खाली जगह दिखना
- नजर कम हो जाना
- धीरे-धीरे या एकदम से दिखना बंद हो जाना. हालांंकि अगर आपके साथ ऐसा भी हो रहा है कि अचानक से नजर बदल जाए, धुंधला दिखने लगे, धब्बेदार दिखना लगे तो तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करें.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

