Fatty Liver: फैटी लिवर आज के समय में काफी आम समस्याओं में से एक गिना जाता है. कई लोग इस परेशानी का सामना कर रहे हैं. फैटी लिवर की कंडिशन तब होती है जब हमारे शरीर में जरूरत से अधिक फैट जम जाता है. इस तरह का फैट हमारे लिवर की हेल्थ को काफी नुकसान पहुंचाता है. इसलिए फैट हमारे लिए नुकसानदेह साबित होता है. अगर समय रहते आप इसे ठीक कर लें तो ये समस्या नहीं करता. लेकिन अगर समय रहते ठीक न किया जाए तो ये काफी गंभीर हो सकता है.
पहले आपको बता दें कि फैटी लिवर दो तरह के होते हैं. पहला नॉन-अल्कोहॉलिक और दूसरा अल्कोहॉलिक फैटी लिवर. ये अक्सर शराब का सेवन करने से होता है. पहले लोगों में अल्कोहॉलिक फैटी लिवर देखा जाता था. यानी ये वो कंडिशन थी जब शराब पीने से हमारे लिवर को नुकसान होता था. अब ऐसा पैटर्न देखा जा रहा है कि नॉन एल्कोहॉलिक यानी जो लोग शराब नहीं पीते उनमें भी फैटी लिवर के मामले देखे जा रहे हैं. ऐसे लोगों में फैटी लिवर खराब खानपान और खराब लाइफस्टाइल के कारण होता है. दरअसल फास्ट फूड का सेवन अधिक बढ़ता जा रहा है. फिजिकल एक्टीविटीज में कमी देखी जा रही है. यही कारण है फैटी लिवर बढ़ने के.
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कब खतरनाक हो सकता है फैटी लिवर
अब सवाल आता है कि आखिर फैटी लिवर कब खतरनाक साबित हो सकता है? क्योंकि ये सिर्फ फैट जम जाने तक ही सीमित नहीं रहता. कुछ मामलों में लिवर में सूजन भी एक कारण हो सकता है. मेडिकल टर्म की बात करें तो उसमें इसे Nonalcoholic Steatohepatitis (NASH) कहा जाता है.
ये एक ऐसी कंडिशन है जो अगर कंट्रोल में न आए तो ये हमारे लिवर के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है. कई बार ये फैटी लिवर के शुरुआती लक्षणों में भी हो सकता है. लेकिन कुछ मामलों में ये ग्रेड बढ़ने के बाद भी होता है. खासतौर पर उन लोगों को ख्याल रखना चाहिए जिन्हें डायबिटीज जैसी बीमारी होती है. क्योंकि ऐसे मामलों में लक्षण और भी तेज हो सकते हैं.
यहां जानें लक्षण और कैसे करें बचाव
अब सवाल आता है कि आखिर इसके लक्षण क्या हैं? जिन्हें पहचानकर आप इससे बच सकते हैं. साथ ही कैसे बचाव कर सकते हैं. आइए इसके बारे में जान लेते हैं. फैटी लिवर के लक्षणों की अगर बात की जाए तो इसमें लगातार थकान, कमजोरी, पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में तेज दर्द होना, भूख कम लगना, आंखें पीली पड़ जाना.
अगर इस तरह के लक्षण आपको दिखाई दे रहे हैं, तो आपको डॉक्टर को चेक करवा लेना चाहिए. वहीं अब बात करें कि आखिर आप कैसे इसका बचाव कर सकते हैं? तो इसका जवाब है कि मैदे का सेवन करने से बचें, रोजाना एक्सरसाइज करें, अगर पेट में दर्द है तो इसे हल्के में न लें. समस्या अगर अधिक गंभीर है तो डॉक्टर से जरूर सलाह लें.
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