Fatty Pancreas Disease: आपने फैटी लिवर के बारे में सुना होगा. लेकिन क्या कभी आपने सुना है फैटी पैंक्रियाज? शायद आपने इसके बारे में सुना होगा. क्योंकि इसे लेकर सालों से रिसर्च चल रही है. रिसर्च इस बात पर कि जो हमारी पैंक्रियाज होती हैं उनमें फैट जमा होना नॉर्मल बदलाव है या फिर कोई खतरे का सिग्नल है? इसी कंफ्यूजन को अब खत्म कर लिया गया है.
दरअसल एक्सपर्ट्स ने ऐसा मान लिया है कि पैंक्रियाज में फैट जमा होना ये कोई नॉर्मल बात नहीं है. ये बीमारी है, लेकिन अलग है. एक्सपर्ट्स इसे फैटी पैंक्रियाज डिसऑर्डर के नाम से जानते हैं. एक्सपर्ट्स ने इसे लेकर एक चेतावनी जारी की है. चेतावनी कि पैंक्रियाज में ज्यादा फैट का जमा हो जाना ये कोई छोटी बात नहीं है. क्योंकि ये गंभीर समस्याओं को बढ़ा सकता है.
गंभीर समस्याओं का कारण
अगर फैट पैंक्रियाज में जमा हो जाए तो कई गंभीर समस्या हो सकती है. जैसेः
- पैंक्रियाटाइटिस
- पैंक्रियाटिक कैंसर
- टाइप-2 डायबिटीज
अब जानेंगे नॉर्मल फैट और ‘फैटी पैंक्रियाज डिसऑर्डर’ में क्या फर्क है?
अब जान लेते हैं कि नॉर्मल फैट और फैटी पैंक्रियाज डिसऑर्डर में क्या फर्क होता है. इसका जवाब है कि उम्र बढ़ने के साथ पैंक्रियाज में थोड़ा-बहुत फैट आना काफी नैचुरल प्रोसेस है. लेकिन प्रॉब्लम तब होती है जब फैट एक्ट्रा जमा होने लग जाए. यानी अधिक फैट जमा हो जाए तो ये समस्या खड़ा करता है.
ऐसी कंडिशन जब होती है तो पैंक्रियाज और उसके काम करने की पावर को नुकसान पहुंचने लगता है. ऑर्गन्स में सूजन बढ़ने लग जाती है. स्कारिंग की शिकायतें होती है. सबसे हैरानी वाली बात है कि जेनेटिक कारण, खराब नेचर या फिर गलत लाइफस्टाइल ये बीमारी एकदम दुबले-पतले लोगों को अपना शिकार बना लेती है.
क्या है बचने के उपाय?
अगर बचने के उपाय की अगर बात करें तो लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर आप इसे कम कर सकते हैं. जैसे डाइट और कैलोरी को कंट्रोल करें जिससे जो लोग मोटापे का शिकार हैं अपनी डाइट से 500 कैलोरी की कटौती करके अपना कुल वजन 6 से 10 प्रतिशत तक घटा लें, तो काफी पॉजिटिव रिजल्ट मिल सकते हैं.
खान-पान और एक्सरसाइज करना अपनी डाइट में कम कार्ब्स वाला खाना, हाई प्रोटीन वाली डाइट, मेडिटेरेनियन स्टाइल डाइट लेना फायेदमंद साबित हो सकता है. साथ ही दवाइयों के प्रभाव के लिए कुछ विशेष दवाएं इसमें कारगर हैं.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

