All About Glutathione Injections: आज के समय में ब्यूटी ट्रीटमेंट्स ने बहुत तरक्की कर ली है. ब्यूटी ट्रीटमेंट्स में सिर्फ महंगे-महंगे प्रोडक्ट ही शामिल नहीं रहे बल्कि इंजेक्शन से लेकर न जाने क्या कुछ शामिल हो गया. पहले के समय में एंटी एजिंग से बचने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने की सलाह दी जाती थी. लेकिन अब बोटॉक्स या फिर ग्लूटाथियोन जैसे इंजेक्शन मार्किट में पॉपुलर हो रहे हैं.
ये इंजेक्शन जितने पॉपुलर है उतने ही इनके साइड इफेक्ट्स भी है. ये शरीर को कई तरह से नुकसान पहुंचाते है. आपको शायद याद होगा एक्ट्रर्स शेफाली जरीवाला की ग्लूटाथियोन इंजेक्शन लगाने के बाद उन्हें कार्डियक अरेस्ट की बात सामने आई थी. जी हां, ये एंटी एजिंग ट्रीटमेंट इस हद तक नुकसानदायक हो सकते हैं कि आपकी जान भी ले सकते हैं. चलिए इस आर्टिकल में जानते है क्या है ये इंजेक्शन और इसके साइड इफेक्ट्स.
क्या है ग्लूटाथियोन इंजेक्शन?
ग्लूटाथियोन इंजेक्शन एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट (एंटीऑक्सीडेंट) है, जो त्वचा को गोरा करने, चमक बढ़ाने और झुर्रियों को कम करने के लिए लगवाया जाता है. पिछले कुछ सालों से ये सेलिब्रिटीज और आम लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. ये एंटी एजिंग इंजेक्शन है जो स्किन को गोरा करने और बढ़ती उम्र को रोकने के लिए ब्यूटी ट्रीटमेंट मार्किट में तेजी से बिक रहा है. इसे IV इन्फ्यूजन के जरिए लोगों को चढ़ाया जाता है.
ग्लूटाथियोन इंजेक्शन के नुकसान
ग्लूटाथियोंन IV इंजेक्शन को सीधे ब्लड में पहुंचाया जाता है. जिससे इसका असर जल्दी देखने को मिलता है. लेकिन इस इंजेक्शन के सेहत को लेकर कई नुकसान भी होते हैं. जैसे,- नर्वस सिस्टम, किडनी और लिवर के कार्य पर बुरा असर डालती है. जब ग्लूटाथियोन को विटामिन सी के साथ मिलाया जाता है, तो यह G6PD की कमी वाले रोगियों में हेमोडायलिसिस का कारण बन सकता है. कुछ सामान्य लक्षण भी हो सकते हैं. जैसे- शरीर में सूजन और ऐंठन, अस्थमा के शुरुआती लक्षण वाले मरीजों को सांस संबंधी समस्याएं होना, स्किन प्रॉबल्म जैसे स्टीवंस-जॉनसन सिंड्रोम होने की संभावना होना. स्किन पर एलर्जी होना. वहीं लंबे समय तक ग्लूटाथियोन इंजेक्शन लगवाने से शरीर में जिंक का स्तर गिर जाता है.
कई लोग गोरी चमड़े के पीछे दिवाने रहते हैं, जिसकी वजह से वह ग्लूटाथियोन की सामान्य डोज से ज्यादा मांग करते हैं. इसकी ज्यादा डोज हार्ट संबंधदी बीमारियों को भी बुलावा देता है. बता दें कि अभी तक इस इंजेक्शन को मेडिकल अप्रूवल नहीं मिला है. इस इंजेक्शन को सिर्फ एंटीऑक्सिडेंट के रूप में मान्यता मिली है. जो लोग लाइफस्टाइल बीमारियों से जूझ रहे होते हैं उन्हें इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


