Gym injuries beginners: आजकल लोग सोशल मीडिया पर वीडियो देखकर उसे तुरंत अपनाने लगते हैं. ऐसे ही कई एक्सरसाइज जैसे हैवी डेडलिफ्ट और इंटेस ट्रेनिंग की वीडियो सामने आती रहती है. लोगों को मोटिवेशन मिलती है. लोग जिम जाकर कई तरह वीडियो देखकर ही वेट उठाना शुरू कर देते हैं.
लोग सोशल मीडिया पर VIDEO देखकर आजकल जिम जाना और ऐसा ट्रेंड बन चुका है. इसी के चलते कम उम्र वाले भी रोजाना जिम जा रहे हैं. एक्सरसाइज कर रहे हैं अधिक वजन उठाना शुरू कर देते हैं. क्योंकि ये एक ट्रेंड बनता जा रहा है. हालांकि एक्सरसाइज करना फायदा पहुंचाता है. लेकिन सावधानी न बरती जाे तो खतरनाक चोट भी लग सकती है.
लोगों में बढ़ रही चोट लगने की समस्याएं
अब इसपर कई रिसर्च हुई है जिसमें बताया गया है कि फिटनेस के प्रति तो लोगों में जाग्रुकता बढ़ी है. लेकिन इस दौरान तेजी से चोट लगने की संभावनाएं बढ़ती जा रही है. रिसर्च साइंस डायरेक्ट में भी पब्लिश हुई है. जिसमें कहा गया है कि आधे से अधिक चोटें लोगों को वर्कआउट शुरू करने के और शुरुआती तीन महीने के अंदर लग जाती है. क्योंकि लोग वीडियो देखकर ही रिकॉर्ड करना शुरू कर देते हैं. बिना कुछ सोचे.
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि पिछले कुछ समय से युवाओं में स्लिप डिस्क, लोअर बैक पेन, घुटनो की इंजरी की समस्या तेजी से बढ़ रही है. आंकड़ा बताता है कि ऐसे मामलों में 35 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी पाई गई है. एक्सपर्ट्स कहते हैं इसका कारण है रील्स सोशल मीडिया. यानी लोग सोशल मीडिया से वीडियो देखकर उसे बिना सोचे समझे बस कॉपी कर लेते हैं. उसपर बिना कुछ जानकारी पाए. नतीजा रीढ़ की हड्डी जोड़ो पर प्रेशर पड़ता है और ये गंभीर हो जाता है.
क्या एक्सरसाइज करने से होती समस्या?
अब ये जानना जरूरी है कि क्या एक्सरसाइज से चोट लग जाती है? तो ऐसा नहीं है बस तरीके का फर्क है. यानी आप उसे किस तरीके से कर रहे हैं, ये बात निर्भर करती है. लेकिन अधिक मामले ऐसे लोगों के बढ़ते जा रहे हैं जिन्हें लिगामेंट में खिंचाव, पीठ के निचले हिस्से में दर्द, कंधों की दर्द की समस्या से परेशान हैं.
एक्सरसाइज में सोशल मीडिया खतरनाक
एक्सरसाइज करने के लिए सोशल मीडिया खतरनाक हो सकता है. क्योंकि अगर आप वीडियो देखकर इगो लिफ्टिंग करने लगते हैं. लेकिन समझने की जरूरत है वो महज 30 सेकंड की क्लिप है जिसमें एक्सरासइज करना आसान दिख सकता है. लेकिन असल में वो ऐसा है नहीं. क्योंकि उसके पीछे उस इंफ्लुएंसर ने पहले कई सालों मेहनत की होती है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

