Heat Stroke Prevention Tips: गर्मियों के मौसम में कुछ खास बीमारियां ज्यादा देखने को मिलती हैं, इसलिए जरूरी है कि हम उन्हें समय रहते पहचानें और सही सावधानी बरतें. जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है और हीट वेव शुरू हो जाती है. इसलिए हमें अपने खाने-पीने की चीजों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है. खानपान का सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है. इसिलए फिट रहे इंडिया ने डॉक्टर जतिन अहुजा से खास बातचीत की है. डॉक्टर से हमने जाना कि गर्मियों में हमें कैसे खुद की सेहत सही रखनी है. ऐसे कौन से तरीके हैं जो हमारी सेहत के लिए सही रहेंगे. डॉक्टर जतिन अहुजा ने गर्मी में बीमार ना पड़ने के पांच तरीके के बारे में बताया है.
डॉक्टर जतिन अहुजा ने हमें बताया कि हमें कैसे खाना-पीना रखना है. किन बातों पर ध्यान देने की जरूरत है. वहीं इन्हें बचाने के लिए ऐसे कौन से तरीके अपनाने चाहिए जिनसे वह जल्दी खराब न हो और लंबे समय तक बैक्टीरिया, फगस, उमस से बचे रहे.
गर्मी में बीमार ना पड़ने के पांच तरीके
डॉक्टर कहते हैं कि गर्मी में खाना जल्दी खराब हो जाता है. इसलिए उन्हें बचाने के लिए फ्रिज का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन फ्रिज के इस्तेमाल के लिए कुछ बातों को ध्यान में रखना जरूरी होता है. जैसे फ्रिज का तापमान सामान्यतः 4–5°C होना चाहिए. वहीं फ्रिज में रखा खाना 12 से 24 घंटे के अंदर खा लेना चाहिए. क्योंकि बहुत ज्यादा गर्मी में फ्रिज भी खाने को ठीक से ठंडा नहीं रखा पाता. वहीं फ्रिज को बार-बार खोलने से अंदर का तापमान भी गड़बड़ हो जाता है. इसलिए फ्रिज का खाना 24 घंटे के अंदर ही खा लें.
गर्मी के मौसम में तापमान में अचानक का बदलाव शरीर सह नहीं पाता. अचानक तापमान का बदलाव बाहर 40–45°C की गर्मी से सीधे 18–20°C के एसी में जाना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है. हमारा शरीर तुरंत ऐसे बदलाव को सहन नहीं कर पाता, जिससे सर्दी, खांसी, साइनस, यहां तक कि निमोनिया का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए बाहर से आने के बाद पहले पंखे के नीचे बैठें, 10–15 मिनट बाद ही एसी चालू करें. इसी तरह बहुत ठंडा पानी तुरंत न पिएं, बल्कि सामान्य या हल्का ठंडा पानी पिएं.
पानी का सही चुनाव भी जरूरी है. साफ और सुरक्षित पानी पीना चाहिए। उबालकर ठंडा किया हुआ पानी अच्छा विकल्प है. मटके का पानी भी प्राकृतिक रूप से ठंडा और सुरक्षित होता है. आरओ पानी साफ तो होता है, लेकिन उसमें जरूरी मिनरल कम हो सकते हैं. इसलिए संतुलन जरूरी है. आप चाहें तो पानी में नींबू या खीरा मिलाकर उसे हेल्दी बना सकते हैं.
गर्मी में शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे ज्यादा जरूरी होता है. एक वयस्क व्यक्ति को दिन में कम से कम 2.5–3 लीटर तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए. जिसमें पानी के अलावा छाछ,लस्सी, दही, नींबू पानी, नारियल पानी शामिल हैं. अगर शरीर में पानी की कमी हो जाए तो डिहाइड्रेशन, चक्कर, कमजोरी और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है.
हीट स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है. इसमें व्यक्ति सुस्त हो जाता है, शरीर ठीक तरीके से काम नहीं कर पाता. और मुंह सूख जाता है. हीट स्ट्रोक जैसे खतरे से बचने के लिए ठंडे स्थान पर रहें. पानी या ORS का सेवन करते रहें, और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें. गर्मियों के मौसम में घर में ORS का पैकेट जरूर रखें. अगर ORS न हो तो नमक-चीनी का घोल या नींबू पानी का सेवन किया जा सकता है.
गर्मी में क्या न करें
डॉक्टर जतिन अहुजा बताते हैं कि बाहर का अस्वच्छ खाना, ज्यादा चाय-कॉफी, और पैकेट वाले जूस या कोल्ड ड्रिंक्स से खासतौर से बचें रहना चाहिए. क्योंकि इनमें प्रिजर्वेटिव होते हैं जो लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकते हैं. ताजे फल और घर के बने तरल पदार्थों का सेवन जितना हो सके करें. हल्के और ढीले कपड़े पहनें ताकि शरीर एक्सट्रा गर्मी से बचा रहे. सही खानपान, पर्याप्त पानी और सावधानी से आप गर्मियों में स्वस्थ रह सकते हैं.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

