Hip Surgery: उम्र बढ़ने के साथ हड्डियां कमजोर होना सामान्य बात है. खासकर महिलाओं में मेनोपॉज के बाद हड्डियों की मजबूती कम होने लगती है. ऐसे में मामूली गिरने से भी कूल्हे (हिप) की हड्डी टूट सकती है. हालांकि कई लोग सर्जरी के नाम से डर जाते हैं और घरेलू इलाज या देसी हड्डी जोड़ने वालों के भरोसे रहते हैं. लेकिन यह फैसला कई बार जिंदगीभर की परेशानी बन सकता है.
जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन और स्पोर्ट्स इंजरी विशेषज्ञ डॉ. डी.पी. शर्मा बताते हैं कि हड्डी अगर गलत तरीके से जुड़ जाए तो पैर छोटा हो सकता है, चलने का तरीका बदल सकता है और बाद में सर्जरी पहले से ज्यादा मुश्किल हो जाती है.
घरेलू इलाज और देरी क्यों पड़ सकती है भारी?
डॉक्टर के मुताबिक, टूटी हड्डी की सही समय पर जांच और इलाज जरूरी है. अगर हड्डी गलत जगह जुड़ जाती है तो अतिरिक्त हड्डी (कैल्शियम) बनने लगती है, जिससे जोड़ अकड़ सकते हैं और चलने-फिरने में दिक्कत हो सकती है.
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कब जरूरी हो जाता है हिप रिप्लेसमेंट?
हर फ्रैक्चर में हिप रिप्लेसमेंट की जरूरत नहीं होती, लेकिन कुछ मामलों में यह सबसे बेहतर इलाज होता है.
- बुजुर्गों में कूल्हे की हड्डी टूटना
- हड्डी तक खून की सप्लाई बंद हो जाना (Avascular Necrosis-AVN)
- गंभीर गठिया या जोड़ पूरी तरह खराब हो जाना
- पहले हुए फ्रैक्चर का सही तरीके से न जुड़ना
ऐसी स्थिति में सर्जरी टालने से दर्द बढ़ता है और चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है.
सर्जरी टालने के क्या नुकसान हैं?
अगर बुजुर्ग मरीज लंबे समय तक बिस्तर पर रहता है तो कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं.
- बेड सोर (घाव)
- फेफड़ों में संक्रमण
- यूरिन इंफेक्शन
- मांसपेशियों की कमजोरी
- चलने की क्षमता कम होना
डॉक्टर का कहना है कि कई मामलों में समय पर सर्जरी न कराने से मरीज की जान तक खतरे में पड़ सकती है.
किन कारणों से खराब हो सकता है हिप जॉइंट?
डॉ. शर्मा के अनुसार आजकल युवाओं में भी हिप खराब होने के मामले बढ़ रहे हैं। इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं.
- जरूरत से ज्यादा शराब का सेवन
- लंबे समय तक स्टेरॉयड दवाओं का इस्तेमाल
- धूम्रपान
- कुछ मामलों में कोविड के दौरान दिए गए स्टेरॉयड
- हड्डी तक खून की सप्लाई कम होना (AVN)
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
अगर आपको ये समस्याएं लगातार महसूस हो रही हैं तो तुरंत ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से मिलें.
- जांघ या ग्रोइन (कमर के सामने) में दर्द
- चलते समय लंगड़ापन
- पालथी मारकर बैठने में परेशानी
- जूते-मोजे पहनने में दिक्कत
- सीढ़ियां चढ़ने या बाइक पर बैठने में दर्द
हड्डियों को मजबूत रखने के लिए क्या करें?
डॉक्टर सलाह देते हैं कि हड्डियों की देखभाल के लिए नियमित व्यायाम करें, शराब और धूम्रपान से बचें तथा बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड दवाएं न लें. घर में बुजुर्ग हैं तो बाथरूम में फिसलन से बचाव की व्यवस्था जरूर करें.इसके अलावा हर 6 से 12 महीने में हेल्थ चेकअप कराना फायदेमंद रहता है. विटामिन D, विटामिन B12, सीरम PTH और Bone Mineral Density (BMD) Scan जैसे टेस्ट हड्डियों की मजबूती का पता लगाने में मदद करते हैं.
क्या हिप रिप्लेसमेंट के बाद सामान्य जीवन संभव है?
डॉ. शर्मा के अनुसार आधुनिक तकनीक और बेहतर इम्प्लांट की मदद से हिप रिप्लेसमेंट के बाद मरीज फिर से सामान्य जीवन जी सकता है. सही समय पर कराई गई सर्जरी कई वर्षों तक अच्छे परिणाम देती है. इसलिए अगर डॉक्टर सर्जरी की सलाह दें तो केवल डर या भ्रम की वजह से इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

