Hernia Treatment By Home Remedies: आपने वो कहावत जरूर सुनी होगी कि जिसका काम उसी को साजे और करे तो ठेंगा बाजे. यानी जो जिसका काम है अगर उसे करने दिया जाए तो बेहतर होगा. इस कहावत को मुंबई के दादर में रहने वाली एक महिला ने सिद्ध किया है. जानकारी है कि महिला को साल 2025 में दिसंबर के महीने में कमर के एरिया में दर्द हुआ था.
महिला को कमर के एरिया में सूजन दिखाई दी थी. जिसे उन्होंने काफी नॉर्मल समझा लेकिन समय जैस-जैसे बदला फरवरी का महीना आया तो इन लक्षणों ने महिला के लिए परेशानी खड़ी करना शुरू कर दिया था. जानकारी है कि महिला अपने रिश्तेदारों और लोकल डॉक्टर द्वारा बताए गए घरेलु नुस्खों का पालन करती रही. हर्बल सप्लीमेंट्स लेती रही. इन्हीं पर पूरी तरह निर्भर रहना शुरू कर दिया था क्योंकि इस से कुछ पलों के लिए उसे राहत मिल रही थी.
दर्द के लिए अपनाती थी ये नुस्खे
क्योंकि महिला को कमर में दर्द हो रहा था और पेट में भारीपन महसूस हो रहा था. इसके लिए उन्होंने रेगुलर गर्म कैस्टर ऑयल पैक और गर्म अजवाइन की सिकाई करना सही समझा. कब्ज की समस्या होती थी तो इससे राहत पाने के लिए त्रिफला, सौंफ, अदरक, अजवाइन का पाउडर लेना शुरू किया जो घर में ही तैयार किया जाता था. उसे गर्म पानी के साथ मिक्स करके पिया करती थी.
जानकारी है कि महिला रोजाना एलोवीरा का जूस और हल्दी वाले दूध का सेवन करती थी. क्योंकि ऐसा मानना था कि इससे एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन को कम कर देंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. होम रेमिडी की लिस्ट बढ़ती हई एक दोस्त ने सुझाव दिया कि पेट की तकलीफ और पाचन की समस्या से राहत पाने के लिए मेथी का पानी, जीरा और धनिया का काढ़ा, अश्वगंधा सप्लीमेंट, लहसुन वाला गर्म पानी और घर पर बना हींग का मिक्सश्चर लेने की ही सलाह देती गई. लेकिन नतीजा वही कि महिला को आराम नहीं मिला.
भारी चीजें नहीं उठाती थी महिला
इतना ही नहीं महिला ने भारी चीजें उठाने से परहेज करना शुरू कर दिया. कमर के दर्द के लिए टाइट कपड़ा बांधना शुरू कर लिया. यानी वो किसी न किसी तरीके से इस दर्द को टाले ही जा रही थीं. घर में ही मालिश करके दर्द को भगाने की कोशिश कर रही थी. लेकिन 2 मई को ये समस्या और गंभीर हो गई. दर्द बर्दाश्त से बाहर चला गया. जिसके बाद महिला के परिवार ने उनका इलाज मुंबई के मेटाहील क्लिनिक में लेप्रोस्कोपिक और बेरिएट्रिक सर्जन डॉक्टर अपर्णा गोविल के यहां करवाया.
इस कंडिशन में आई महिला
डॉक्टर का कहना है कि उनके पास ये मरीज काफी गंभीर हालत में पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, पेट में सूजन, मल या फिर गैस पास न कर पाने की समस्या, कमर के निचले हिस्से में दर्द, सख्त गांठ के साथ पहुंची थी. जिसके बाद उनकी जांच की गई. अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन जैसी इमेजिंग स्कैन में पता चला कि महिला स्ट्रैंगुलेटेड फेमोरल हर्निया का शिकार है. ये समस्या महिला की आंतों में रुकावट बन रही थी.
फेमोरल हर्निया की समस्या तब देखी जाती है जब आंत या फिर पेट का कोई टिशू या उसका कोई हिस्सा कमर या फिर जांघ के ऊपरी हिस्से के कमजोर हिस्से से बाहर की ओर निकल जाता है. अक्सर ये समस्या महिलाओं में अधिक देखी जाती है. खासतौर पर जब उम्र बढ़ रही हो, मोटापा हो, पुरानी कब्ज की समस्या हो, मल त्यागने में दिक्कत हो, बार-बार जोर लगाना पड़ रहा हो.
बिगड़ गया महिला का केस
महिला का केस इसलिए बिगड़ा क्योंकि समय रहते उन्होंने इलाज नहीं लिया. धीरे-धीरे मामला बिगड़ता गया, आंतों की मसल्स कमजोर होने लगी. आंत कमज़ोर मांसपेशियों की दीवार के अंदर फंस गई और अपनी नॉर्मल जगह पर वापस नहीं आ सकी. इस कंडिशन को कहा जाता है इनकार्सरेशन. जब आंत फंसी थी तो ब्लड की सप्लाई भी कम होने लगी, जो एक ऐसी कंडिशन है कि पीड़ित का गला घोटा जा रहा है. नतीजाः
- ज्यादा दर्द
- उल्टी
- पेट फूलना
- आंतों में रुकावट ऐसी समस्या पैदा होने लगी.
डॉक्टरों का कहना है कि अगर महिला इलाज में थोड़ी भी और देरी करती तो टिश्यू की डेथ हो जाती. जिसके कारण आंतों में गैंग्रीन, गंभीर इंफेक्शन, सेप्सिस यहां तक की और भी गंभीर दिक्कत होने लग सकती थीं. इसलिए फंसी हुई आंत को निकालने और हर्निया को सुरक्षित रूप से ठीक करने के लिए तुरंत सर्जरी ज़रूरी थी. डॉक्टर का कहना है कि कई मरीज लापरवाही बरतते हैं. जिसके कारण ऐसी गंभीर कंडिशन हो सकती है.
सावधानी के साथ निकाली गई आंत
डॉक्टर ने बताया कि महिला उनके पास काफी गंभीर हालत में पहुंची थी. जिसके देखते हुए सावधानी से सर्जरी की गई और फंसी हुई आंत को निकाला गया. ब्लड सप्लाई को ठीक किया गया, कमजोर हिस्से को मेश रीइन्फोर्समेंट का इस्तेमाल करके रिपेयर किया गया ताकि यह दोबारा न हो. जानकारी के अनुसार ये सर्जरी लगभग दो घंटे तक चली लेकिन खुशखबरी यही है कि सर्जरी सफल रही और महिला को परमानेंट डैमेज होने से बचाया जा सका.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

