Home remedies for hichki: हिचकी के लिए आप कौन-सा नुस्खा ट्राई करते हैं? या फिर आपके घर में आपकी दादी-नानी कौन-सा नुस्खे की सलाह देती थी? अगर आपको याद नहीं है तो आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि किन घरेलु नुस्खों की मदद से आप हिचकी की समस्या को दूर कर सकते हैं. दरअसल कई बार हिचकी इस हद तक परेशान करती है कि वह एक बार आना शुरू हुई तो कई देर तक रूकती ही नहीं. कई बार ऐसा होता है कि कुछ देर के बाद अपने आप रूक जाती है. लेकिन कभी-कभार ऐसा नहीं होता. ऐसे में कुछ लोग नाक बंद करते हैं तो कुछ ज्यादा पानी पीते हैं. लेकिन उसके बाद भी कई देर तक हिचकी परेशान करती है.
क्या आपने कभी सोचा है कि हिचकी के पीछे कोई साइंटिस्ट कारण भी हो सकता है? जी हां, अगर किसी को बार-बार हिचकी आ रही है तो इसके पीछे कुछ साइंटिस्ट कारण भी छिपे हैं. National Institutes of Health (.gov) की वेबसाइट पर छपी रिसर्च बताती है कि हिचकी तब आती है जब डायफ्राम (फेफड़ों के नीचे स्थित मांसपेशी) अचानक सिकुड़ जाती है. ऐसे में वोकल कॉर्ड्स बंद हो जाते हैं, जिससे “हिक” जैसी आवाज निकलती है. डायफ्राम में होने वाली यही एक्टिविटी ही हिचकी का कारण बन सकती है.
हिचकी रोकने के उपाय
- हिचकी आने धीरे-धीरे पानी का सेवन करें.
- पानी पीने अलावा आप हिचकी आने पर खुद को शांत करें. गहरी सांस ले और इसकी बार-बार प्रैक्टिस करें. इससे हिचकी धीरे- धीरे दूर होने लगेगी.
- एक चम्मच शहद धीरे-धीरे मुंह में रखने से गले की नसों को आराम मिल सकता है और कुछ लोगों में हिचकी कम हो सकती है.
- अदरक का छोटा टुकड़ा चबाने से पाचन बेहतर हो सकता है और पेट से जुड़ी परेशानी कम होने पर हिचकी में राहत मिल सकती है.
बरतें सावधानी
- हिचकी आने पर सबसे पहले घबराने से बचना चाहिए. ऐसे में मन शांत करके गहरी सांस लें. कई बार जल्दी-जल्दी खाना खाने, ज्यादा मसालेदार भोजन, ज्यादा ठंडा या गर्म पेय लेने और पेट भरकर खाने से हिचकी शुरू हो सकती है. इसलिए भोजन को आराम से और अच्छी तरह चबाकर खाना चाहिए.
- हिचकी के दौरान पानी छोटे-छोटे घूंट में पीना फायदेमंद होगा. अचानक बहुत ज्यादा पानी पीने या सांस रोकने जैसी चीजें करने से बचें. कुछ लोग हिचकी रोकने के लिए डराने या शरीर को अचानक झटका देने जैसे उपाय करते हैं, लेकिन ऐसा करना सही नहीं है.
- अगर आपको बार-बार हिचकी आती है तो अपनी दिनचर्या और खान-पान पर ध्यान दें. कार्बोनेटेड ड्रिंक, ज्यादा तला-भुना खाना और जल्दी-जल्दी खाने की आदत को कम करें. खाने के तुरंत बाद लेटने से भी बचना चाहिए।
- बच्चों और बुजुर्गों में हिचकी आने पर खास सावधानी बरतनी जरूरी है. छोटे बच्चों को हिचकी आने पर जबरदस्ती कुछ खिलाने-पिलाने की कोशिश न करें.
- अगर हिचकी कई घंटों या दिनों तक लगातार बनी रहे, नींद में परेशानी हो, सांस लेने में दिक्कत हो, सीने में दर्द हो या कोई अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए.
- अधिकतर मामलों में हिचकी सामान्य होती है, लेकिन सही सावधानी और स्वस्थ आदतों से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है.
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FAQs
सवाल: हिचकी क्यों आती है?
जवाब: हिचकी तब आती है जब हमारी डायफ्राम मांसपेशी अचानक सिकुड़ जाती है. यह अक्सर जल्दी-जल्दी खाना खाने, ज्यादा खाना खाने, पेट में गैस बनने, मसालेदार भोजन या अचानक तापमान बदलने के कारण हो सकती है. आमतौर पर हिचकी कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाती है.
सवाल: हिचकी रोकने के लिए कौन-कौन से घरेलू उपाय अपनाए जा सकते हैं?
जवाब: हिचकी रोकने के लिए धीरे-धीरे पानी पीना, कुछ देर सांस रोकना, गहरी सांस लेना, शहद का सेवन करना और अदरक का छोटा टुकड़ा चबाना जैसे घरेलू उपाय मददगार हो सकते हैं. इसके अलावा खाना धीरे-धीरे खाने की आदत भी हिचकी से बचाने में मदद करती है.
सवाल: कब हिचकी आने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?
जवाब: अगर हिचकी कई घंटों या दिनों तक लगातार बनी रहे, बार-बार होने लगे या इसके साथ सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, उल्टी या नींद में समस्या जैसी शिकायत हो, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए. लगातार रहने वाली हिचकी कभी-कभी किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकती है.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

